प्रधानमंत्री जी अपने कर-कमलों से आगामी 25 नवम्बर को जेवर में नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे: सीएम

उत्तर प्रदेश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद गौतमबुद्धनगर में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ एक बैठक में आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न करने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने बैठक के समापन के उपरान्त मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी अपने कर-कमलों से आगामी 25 नवम्बर को जेवर में नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे। उन्होंने कहा कि 30 से 35 वर्ष पूर्व से यहां के लोगों द्वारा एक एयरपोर्ट की मांग की जा रही थी। चीजों को वास्तविक धरातल पर उतारने के लिए जिस इच्छा शक्ति की आवश्यकता थी, उसके अभाव में कार्य आगे नहीं बढ़ पाया। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 में ही तत्काल यह निर्णय लिया कि जेवर क्षेत्र में एशिया का सबसे बड़े एयरपोर्ट का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सकारात्मक एवं ईमानदार सोच के साथ जब सरकार कार्य करती है तो दमदार परिणाम देखने को मिलते हैं। नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपद गौतमबुद्धनगर, बुलन्दशहर, अलीगढ़, हापुड़ और एन0सी0आर0 में उत्तर प्रदेश के आसपास के क्षेत्र के लोगों की व्यावसायिक एवं औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी। नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट विकास के साथ-साथ रोजगार की विभिन्न सम्भावनाओं को लेकर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन से नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम फेज में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश सम्भावित है। एयरपोर्ट के निर्माण में लगभग 34 से 35 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा और 01 लाख से अधिक लोगों को नौकरी एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही, अन्य ढेर सारी सम्भावनाएं भी यहां पर विकसित होंगी। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट एक ज्वाइण्ट वेंचर है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना प्राधिकरण के साथ राज्य सरकार एयरपोर्ट के निर्माण की कार्यवाही को आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश का पांचवां इण्टरनेशनल एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट वर्ष 2024 तक क्रियाशील हो जाएगा। नोएडा इण्टरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट भारत का पहला प्रदूषण मुक्त एयरपोर्ट होगा। साथ ही, यह एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक ही प्रदेश सरकार ने फिल्म सिटी के निर्माण की कार्यवाही को आगे बढ़ाया है, जो अपने अंतिम चरणों में है। उन्होंने कहा कि यहां पर निवेश की बहुत सारी सम्भावनाएं हैं। इससे सटे हुए क्षेत्र में ही यहां पर एक मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। एक इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्थापित करने की कार्यवाही भी युद्ध स्तर पर चल रही है। इस क्षेत्र के निकट जनपद अलीगढ़ में डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण नोड है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में लखनऊ एवं वाराणसी में इण्टरनेशनल एयरपोर्ट पहले से ही क्रियाशील हैं। अभी विगत दिनों प्रधानमंत्री जी ने जनपद कुशीनगर में एक इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का शुभारम्भ किया है। अयोध्या में एक इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण की कार्यवाही प्रगति पर है। प्रदेश सरकार ने एयर कनेक्टिविटी के कार्यों को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में उड़ान योजना के फलस्वरूप आज उत्तर प्रदेश में 09 एयरपोर्ट क्रियाशील हो चुके हैं। वर्ष 2017 में प्रदेश के एयरपोर्ट केवल 25 स्थलों से जुड़े हुए थे, जिनकी संख्या आज 80 स्थलों से अधिक हो चुकी है। प्रदेश सरकार 11 नये एयरपोर्ट को विकसित करने का कार्य कर रही है। जनपद सोनभद्र, चित्रकूट, ललितपुर, आजमगढ़, श्रावस्ती, अलीगढ़, सहारनपुर, मेरठ एवं मुरादाबाद में इन नये एयरपोर्ट के निर्माण की कार्यवाही अंतिम चरणों में है। विगत साढ़े चार वर्षों में प्रदेश में आधारभूत अवसंरचना को तेजी से विकसित किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्रदेश में आधारभूत अवसंरचना के निर्माण के बड़े-बड़े कार्य सम्पन्न हो रहे हैं। ईस्टर्न एवं वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण कार्यों के साथ ही, इस पूरे क्षेत्र को एक मल्टीमोडल हब के रूप में स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे का एक बहुत अच्छा जाल फैल रहा है। प्रधानमंत्री जी ने अभी कुछ दिन पूर्व ही पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है। प्रदेश सरकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ने के लिए गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के कार्यक्रम को प्रारम्भ करने जा रही है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे और बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे पर भी कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी को लगातार मजबूत किया है। विशेषतः नेपाल, बिहार, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा एवं उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी को 04 लेन से जोड़ने की कार्यवाही प्रगति पर है।
इस अवसर पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान, राज्य के नागरिक उड्डयन मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, विधान परिषद सदस्य श्री स्वतंत्र देव सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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