उत्तर प्रदेश और हरियाणा के 22 जिलों की बदलेगी तस्वीर, एक्सप्रेसवे के विस्तार को मिली मंजूरी

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल हिस्से के विकास को अब पंख लगने वाले हैं। दरअसल, हाल ही में सरकार ने गोरखपुर–पानीपत एक्सप्रेसवे को अब और विस्तार करने की घोषणा की हे। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से आगे बढ़कर कुशीनगर जिले तक पहुंचेगा और यहीं से प्रस्तावित सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे (Siliguri Expressway) से कनेक्ट होगा। इस विस्तार के बाद उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुल 22 जिलों को जोड़ने वाले इस मेगा प्रोजेक्ट की कुल लंबाई करीब 750 किलोमीटर होगी। इस एक्सप्रेसवे के बनने से इन सभी जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही दोनों राज्यों की आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।

नए एक्सप्रेसवे  के एलाइनमेंट पर तेजी से चल रहा काम – 

NHAI की ओर से गोरखपुर–पानीपत एक्सप्रेसवे (Gorakhpur–Panipat Expressway) के नए एलाइनमेंट पर काम तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार अगले महीने तक एलाइनमेंट का काम पूरा हो जाएगा और डिजाइन भी तैयार हो जाएगा। दोनों एक्सप्रेसवे के आपस में जुड़ने से सिलीगुड़ी से लेकर पानीपत तक यात्रियों को सीधी फोरलेन सड़क मिलेगी। इससे सफर आसान और तेज हो जाएगा।

शामली से कुशीनगर तक एक्सप्रेसवे का किया जाएगा विस्तार-

इस एक्सप्रेसवे को शुरूआत में गोरखपुर से शामली तक प्रस्तावित किया गया था अब इसे हरियाणा के पानीपत तक ले जाने का फैसला लिया गया है। अब एक कदम और आगे बढ़ते हुए इसे कुशीनगर जिले तक विस्तारित किया जा रहा है, ताकि सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे (Siliguri Expressway) से सीधा कनेक्ट किया जा सके। हालांकि गोरखपुर सीमा में जगदीशपुर कोनी के पास जगह की समस्या सामने आई, जिसके चलते पानीपत एक्सप्रेसवे (Panipat Expressway) को खुरहुरिया और बलुआ गांव के पास जोड़ने की योजना बनाई गई है।

एक्सप्रेसवे बनने से 67 गांव की कनेक्टिविटी होगी मजबूत – 

इस एक्सप्रेसवे को  ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Greenfield Expressway) के तौर पर विकसित किया जाएगा। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया है कि कुशीनगर जिले में यह सड़क करीब 3 से 4 किलोमीटर लंबाई में 21 गांवों से होकर गुजरेगी। वहीं गोरखपुर जिले में लगभग 46 गांव इस परियोजना के दायरे में आएंगे। इससे इन सभी गांव की विकास गति को रफ्तार मिलेगी। एलाइनमेंट फाइनल होने के बाद गांवों की संख्या में बदलाव संभव है।

2026 में शुरू होगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य – 

अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए जल्द ही भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग की योजना साल 2026 से निर्माण कार्य शुरू करने की है। फोरलेन एक्सप्रेसवे की चौड़ाई अलग अलग हिस्सों में 60 मीटर से 70 मीटर तक होगी, जिससे भविष्य में यातायात के दबाव को भी आसानी से संभाला जा सके। इससे ट्रैफिक जाम जैसी समस्या भी नहीं आएगी।

इन जिलों को मिलेगी एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी – 

कुशीनगर से शुरू होकर यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली होते हुए हरियाणा के पानीपत तक जाएगा।

कुशीनगर के इन गांवों से होकर गुजरेगी सड़क

रामपुर, अगया, होलिया, रामपुर माफी, मगडिहा, सिंदुरिया विशुनपुर, घोड़ादेउर, खुरहुरिया, बलुआ, तुर्कडिहा, बिंदुआर, सहजौली, सेंदुआर, मुंडेरा, खोट्ठा, सिहुलिया, टिकर, छपिया, बेलवा खुर्द, महुअवा और अहिरौली गांव इस परियोजना के दायरे में आएंगे।

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