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समाजिक न्याय एवं शान्ति स्थापित करने में बुद्ध की शिक्षा का अहम योगदान: नरेश बंसल

उत्तर प्रदेश

मेरठ/देहरादून: स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के सम्राट अशोक सुभारती स्कूल ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज द्वारा भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय से अनुदानित ‘‘बौद्ध धर्म के परिपेक्ष में सामाजिक न्याय एवं शान्ति की अवधारणा‘‘ के विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन विगत दिवस किया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम सुभारती विश्वविद्यालय के प्राचीन बोधीवृक्ष के सभी अतिथियों ने दर्शन किये साथ ही सुभारती फाईन आर्ट कॉलेज में अन्तर्राष्ट्रीय बुद्धिस्ट चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरदार पटेल प्रेक्षागृह में मुख्य अतिथि श्री नरेश बंसल, उपाध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री स्तर प्राप्त) बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति, विशिष्ट अतिथि कुशीनगर के सांसद श्री विजय कुमार दुबे, दिल्ली विश्वविद्यालय के बुद्धिस्ट विभागाध्यक्ष डा.के.टी.एस. सराओ, थाईलैंड से आए वर्ल्ड एलाइंस ऑफ बुद्धिस्ट बैंकाक के अध्यक्ष डा. पौनचाय पिनया पौंग, सुभारती विश्वविद्यालय के संस्थापक डा. अतुल कृष्ण बौद्ध, कुलपति डा.एन.के. आहूजा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. शल्या राज, एमटीवी सुभारती ट्रस्ट के अध्यक्ष डा. हिरो हितो ने गौतम बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया।
मुख्य अतिथि श्री नरेश बंसल ने अपने उद्बोधन में कहा कि नैतिकता समाजिक न्याय एवं शान्ति के लिये अति आवश्यक है। गौतम बुद्ध की शिक्षा से ही समाजिक न्याय व शान्ति की स्थापना होगी। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों को अपना कर समाज में न्याय एवं शान्ति की स्थापना सरलता के साथ की जा सकती है, लेकिन वर्तमान समाज की स्थिति में नैतिकता का आभाव व संस्कारों से दूरी के कारण ही समाज में बराबरी नही है और इससे समाज में अपराध बढ़ रहे है। उन्होंने केन्द्र में मोदी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि मोदी जी ने भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है। उन्हांने कहा कि भाजपा सरकार की नियत साफ है, जो मॉ भारती की सेवा के उद्ेश्य से सबका साथ व सबका विकास के नारे के साथ सरकार कार्य कर रही है। श्री बंसल ने बौद्ध धर्म के परिपेक्ष्य में सामाजिक न्याय एवं शान्ति के विषय पर आयोजित सम्मेलन की सभी को बधाई देते हुए कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय जिस प्रकार बौद्ध कला, साहित्य व बौद्ध धर्म के उत्थान हेतु कार्य कर रहा है, वह बहुत सराहनीय है।
इस दौरान बौद्ध विद्वान डा. चन्द्रकीर्ति भंते ने मंगलाचरण वंदना प्रस्तुत कर सभी को तथागत बुद्ध की धारा में प्रवाहित कर दिया।
सुभारती विश्वविद्यालय के संस्थापक डा. अतुल कृष्ण बौद्ध ने मुख्य अतिथि श्री नरेश बंसल को सुभारती पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत पौधा देकर उनका स्वागत किया, इसके साथ ही कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों को पौधा भेंट कर ग्रीन इंडिया का संदेश दिया।

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