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काॅक्लियर इम्प्लाण्ट की सुविधा श्रवणबाधित बच्चों के लिए वरदान: सीएम योगी आदित्यनाथ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि काॅक्लियर इम्प्लाण्ट की सुविधा श्रवणबाधित बच्चों के लिए वरदान है। एक समय सीमा, 3 से 7 वर्ष की आयु में काॅक्लियर इम्प्लाण्ट तथा इसके पश्चात स्पीच थेरेपी से श्रवणबाधित बच्चे सामान्य बच्चों की तरह जीवन जी सकते हैं। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष राज्य सरकार द्वारा जिन बच्चों की काॅक्लियर इम्प्लाण्ट सर्जरी करायी गयी थी, वह सामान्य जीवन जी रहे हैं। इस वर्ष 68 बच्चों की काॅक्लियर इम्प्लाण्ट सर्जरी करायी जानी है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाये जाने की जरूरत है। इस कार्य को हर जनपद में केन्द्र बनाकर किया जाना चाहिए। सभी जरूरतमन्द को यह सुविधा दिलायी जानी चाहिए। राज्य व केन्द्र सरकार इसके लिए धनराशि प्रदान कर रही हैं।
मुख्यमंत्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर पं0 दीन दयाल उपाध्याय की जयन्ती के अवसर पर श्रवणबाधित दिव्यांग बच्चों एवं उनके अभिभावकों से संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विगत वर्ष काॅक्लियर इम्प्लाण्ट से लाभान्वित बच्चों को फल तथा शिक्षा उपयोगी सामग्री प्रदान की। पं0 दीन दयाल उपाध्याय की जयन्ती पर उन्हें नमन कर श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पं0 दीन दयाल उपाध्याय अन्त्योदय और एकात्म मानववाद के प्रणेता थे। वह वंचितों, गरीबों तथा समाज के अन्तिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के प्रबल पक्षधर थे। उन्होंने कहा कि पं0 दीन दयाल उपाध्याय की जयन्ती पर दिव्यांगजन को लाभान्वित करना उनके जैसे महामानव के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दिव्यांगजन को सहायक उपकरण देकर उनके जीवन में बदलाव लाया जा सकता है। राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा दिव्यांगजन के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि वह सामान्य जीवन जी सकें एवं समाज को उनकी प्रतिभा का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि अनेक दिव्यांगजन ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। अष्टावक्र, सूरदास, स्टीफन हाॅकिंग, जगद्गुरु रामभद्राचार्य आदि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन सभी ने अपनी प्रतिभा को समाज को दिशा दी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजन के पुनर्वास हेतु अनेक कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान सरकार ने दिव्यांगजन को दी जा रही पेंशन धनराशि को 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है। वर्तमान में 10 लाख 7 हजार दिव्यांगजन को पेंशन की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। कुष्ठ रोगियों को पेंशन के साथ मुख्यमंत्री आवास योजना में आवास दिये जाने की व्यवस्था की गयी है। पति-पत्नी दोनों के दिव्यांग होने की दशा में देय पुरस्कार की धनराशि 20,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये कर दी गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा दिव्यांगजन को निःशुल्क बस यात्रा सुविधा, उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम की बसों में उनके अंतिम गंतव्य स्थल तक (चाहे वह राज्य की सीमा से बाहर ही क्यों न हो) पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी गयी है। वर्तमान सरकार द्वारा वर्ष 2017 में प्रति वर्ष प्रदान किए जाने वाले राज्य स्तरीय पुरस्कार हेतु पूर्व से स्थापित 03 श्रेणियों के स्थान पर 12 श्रेणियों का सृजन किया गया है। पुरस्कार में देय धनराशि 05 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गयी है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा 18 मण्डल मुख्यालयों पर ‘बचपन केयर डे सेण्टर’ स्थापित किए गए हैं।
कार्यक्रम में पं0 दीन दयाल उपाध्याय जी की समृद्ध स्मृतियों को नमन तथा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री अनिल राजभर ने कहा कि पं0 दीन दयाल उपाध्याय का जीवन गरीबों और कमजोरों के हित के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा कि 3 से 7 वर्ष के बच्चों में काॅक्लियर इम्प्लाण्ट ज्यादा सफल होता है। इसलिए इसके प्रति जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है। राज्य सरकार द्वारा इस इम्प्लाण्ट के लिए 6 लाख रुपये तक का अधिकतम अनुदान अनुमन्य है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पिछले वर्ष के 9 तथा इस वर्ष चयनित 59, कुल 68 बच्चों का काॅक्लियर इम्प्लाण्ट कराया जाएगा। कार्यक्रम के अन्त में अपर मुख्य सचिव दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग श्री महेश कुमार गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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