Bahraich Crime : जमीन विवाद में लहूलुहान हुआ परिवार, घर में घुसकर जानलेवा हमला खैरीघाट पुलिस की चुप्पी या मिलीभगत? दंपत्ति न्याय के लिए मजबूर

News India Live, Digital Desk : बहराइच के महसी ब्लॉक स्थित ग्राम चक्कैया कोठार (थाना खैरीघाट) में एक भयावह घटना सामने आई है। 22 जनवरी की सुबह राम खेलावन अवस्थी और उनकी पत्नी चंद्रकला पर हुए हमले ने न केवल एक परिवार को शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया है, बल्कि स्थानीय पुलिस और चिकित्सा विभाग की निष्पक्षता पर भी संदेह पैदा कर दिया है।1. घटनाक्रम: घर में घुसकर खूनी संघर्षपरिजनों के अनुसार, 22 जनवरी को सुबह करीब 8 बजे नामजद आरोपियों ने घर में घुसकर धारदार हथियारों से हमला किया।गंभीर चोटें: पीड़ित दंपत्ति करीब 7 दिनों तक अस्पताल में अचेत (बेहोश) रहे। उनके सिर पर गहरे घाव होने की बात कही जा रही है।आरोपी: पंकज कुमार, विपिन कुमार, अवनीश कुमार और ललन पर हमले का सीधा आरोप है।2. विवाद के केंद्र में ‘मेडिकल रिपोर्ट’इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू मेडिकल रिपोर्ट में विरोधाभास है।परिजनों का दावा: सिर पर धारदार हथियार के साफ निशान होने के बावजूद अस्पताल की रिपोर्ट में “कोई हड्डी की चोट नहीं” (No Bone Injury) दिखाया गया है।साजिश की आशंका: परिवार इसे रिपोर्ट में हेरफेर बता रहा है ताकि आरोपियों को कमजोर धाराओं का लाभ मिल सके और मामला ‘जानलेवा हमले’ के बजाय ‘साधारण मारपीट’ में बदल जाए।3. प्रशासनिक निष्क्रियता और बार-बार हमलेपीड़ित पक्ष का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है।अग्निदाह और धमकी: आरोप है कि आरोपियों ने पहले भी दुकान और खेत में आग लगाई है।पुलिस की भूमिका: घटना के इतने दिन बीत जाने और गवाहों की मौजूदगी के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होना खैरीघाट पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। क्या अपराधियों को राजनीतिक या आर्थिक प्रभाव का संरक्षण प्राप्त है?4. न्याय की गुहार: मुख्यमंत्री से उम्मीदपीड़ित परिवार अब स्थानीय पुलिस और प्रशासन से भरोसा उठने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि एक गरीब परिवार होने के कारण उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।प्रमुख सवाल जो प्रशासन को जवाब देने चाहिए:जब पीड़ित 7 दिनों तक बेहोश रहे, तो पुलिस ने इसे साधारण घटना क्यों माना?क्या मेडिकल रिपोर्ट की दोबारा जांच (Re-medical) के लिए बोर्ड गठित किया जाएगा?आरोपियों द्वारा दोबारा जान से मारने की धमकी दिए जाने के बावजूद परिवार को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई?

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