कैम्प लगाकर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं महात्मा गांधी बुनकर योजना से कारीगरों को जोड़ा जाय: सिद्धार्थनाथ सिंह – Online Latest News Hindi News , Bollywood News
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कैम्प लगाकर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं महात्मा गांधी बुनकर योजना से कारीगरों को जोड़ा जाय: सिद्धार्थनाथ सिंह

लखनऊ: प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री श्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि पावरलूम एवं हैण्डलूम को बढ़ावा देने के लिए नई पालिसी बनाई जाए। यह पालिसी पूरी तरह आकर्षक, व्यवहारिक और पारदर्शी हो ताकि बुनकर और कारीगर बड़ी संख्या में इसका लाभ उठा सकंे।  उन्होंने अन्य राज्य में हथकरघा बुनकरों के लिए संचालित योजनाओं एवं नियमों का अध्ययन करके पालिसी हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। साथ ही हथकरघा उत्पादों की बिक्री के लिए आकर्षक वेबसाइट बनाने तथा इसको इन्टरनेशनल लुक देने के लिए नामचीन माडल्स से हथकरघा वस्त्रों की ब्रांडिंग कराने पर विशेष बल दिया जाए। उन्होंने कहा कि बुनकरों को मार्केटिंग इंसेटिव योजनाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाये, ताकि कारीगरों का पलायन रूकेे और इस व्यवसाय को और अधिक गति मिल सके।

      श्री सिंह आज यहां योजना भवन में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने हथकरघा बुनकरों एवं कारीगरों के लिए संचालित प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं महात्मा गांधी बुनकर योजना की गहन समीक्षा की और निर्देश दिए कि अधिक से अधिक बुनकरों को इन योजनाओं से जोड़ा जाय तथा जिनके दावे लम्बित है, शीघ्र उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाय। पूरे प्रदेश में कैम्प लगाकर इन योजनाओं से कारीगरों को लाभान्वित किया जाये। उन्होंने कहा कि प्राविधानित बजट का शत-प्रतिशत  सदुपयोग समय से सुनिश्चित किया जाय, अन्यथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी।

      वस्त्रोद्योग मंत्री ने फर्रूखाबाद में प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क के लिए भूमि हस्तांतरण में विलम्ब पाये जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए तत्काल भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के तहत यू0पी0 दिवस के अवसर पर बुनकरों को पुरस्कृत किये जाने की रणनीति अभी से तैयार की जाए, जिसमें राज्य एवं परिक्षेत्रीय पुरस्कार शामिल हैं। राज्य स्तरीय पुरस्कार के तहत प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 01 लाख, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को 50 हजार तथा तृतीय स्थान पाने वाले को 25 हजार रुपये देकर पुरस्कृत किया जायेगा। इसी प्रकार परिक्षेत्र स्तरीय पुरस्कार के लिए क्रमशः 20 हजार, 15 हजार तथा 10 हजार रुपये की राशि प्रदान की जायेगी। उन्होंने पुरस्कार चयन की कार्यवाही को समय से पूर्ण करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

      वस्त्रोद्योग मंत्री ने कहा कि पिछड़े क्षेत्रों में भी अच्छे से अच्छे कारीगर उपलब्ध है, लेकिन उचित मार्केटिंग के अभाव में उनके उत्पादों का उचित मूल्य उन्हें नहीं मिल पाता है। इसके लिए अधिकारी कारीगरों से सीधा समन्वय स्थापित करंे, उनकी समस्याआंे को सुने और उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए हर सम्भव सहयोग व मदद करें। इसके लिए उन्हें बाजार उपलब्ध कराना और वर्तमान की मांग के अनुसार डिजाइन देना सबसे ज्यादा आवश्यक है।

      प्रधानमंत्री मुद्रा योजनान्तर्गत हथकरघा बुनकरों को रियायती ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष बल देते हुए श्री सिंह ने कहा कि बैंक से समन्वय स्थापित कर बुनकरों को इस योजना के तहत अधिक से अधिक ऋण दिलाया जाय। ऋण धनराशि का दुरूपयोग न होने पाये इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना भी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि आगामी 02 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा 1000 बुनकरों को मुद्रा ऋण वितरण की योजना है। उन्होंने कहा कि जो बैंक लोन देने में आना-कानी कर रहे हैं, उनसे ऋण स्वीकृत न करने का स्पष्ट कारण मांगा जाय, ताकि उचित कार्यवाही की जा सके।

      श्री सिंह ने हथकरघा बुनकरों को विद्युत दर में छूट की प्रतिपूर्ति योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि हथकरघा बुनकर (हैण्डलूम वीवर्स) कनेक्शन पर 328 रुपये प्रतिमाह सब्सिडी प्रदान की जा रही है। उपयोगिता प्रमाण-पत्र के अभाव में बुनकरों के खाते में सब्सिडी पहुचने में विलम्ब होता है, इस व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बुनकरों को लो बोल्टेज की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए इन्डिपेंडेंट फीडर की स्थापना पर विशेष बल दिया। साथ ही बुनकरों को विद्युत दर में छूट की प्रतिपूर्ति का लाभ समय से देने पर भी जोर दिया। उन्होंने अनुसूचित जाति के बुनकरों हेतु संचालित योजनाओं का लाभ उन्हें समयबद्ध दिलाने के सख्त निर्देश दिए।

      हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, राज्यमंत्री, चैधरी उदयभान सिंह ने भी अधिकारियों को जमीनी स्तर पर योजनाओं को लागू करने लिए आवश्यक कदम उठाने के साथ ही जीरो टालरेंस की नीति अपनाने के सख्त निर्देश दिये।

      बैठक में अपर मुख्य सचिव, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग श्री रमा रमण, आयुक्त एवं निदेशक उद्योग श्री गौरव दयाल, विशेष सचिव एम0एस0एम0ई0 श्री अमित सिंह सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों ने समीक्षा बैठक में भाग लिया।

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