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तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं के साथ संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुएः सीएम

लखनऊउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि समाज का कोई भी हिस्सा या तबका वंचित रहता है तो वह समाज के विकास में बाधक बनता है। तीन तलाक की वजह से मुस्लिम महिलाओं को डर-डर के रहना पड़ता था, यह तीन शब्द उनकी जिन्दगी को बर्बाद कर देता था। इस्लाम को मानने वाले दुनिया के 22 देशों में तीन तलाक पर कानून बनाकर उसे अवैध घोषित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी तीन तलाक की कुप्रथा की समाप्ति के लिए कृत संकल्पित थे। उनके संकल्प का ही यह परिणाम है कि संसद द्वारा मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019 पारित करते हुए तीन तलाक को अपराध की श्रेणी में लाया गया, जिससे यह प्रथा अब अमान्य व गैर कानूनी हो गयी है। तीन तलाक बिल किसी मत, मजहब और जाति के लिए नहीं है, बल्कि नारी की गरिमा और उनके सम्मान की रक्षा के लिए केन्द्र सरकार द्वारा उठाया गया एक ऐतिहासिक निर्णय है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं के साथ संवाद और प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही तीन तलाक की कुप्रथा को प्रधानमंत्री जी ने कानून बनाकर इसे समाप्त करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि रिश्तों को तोड़ना आसान होता है और जोड़ना कठिन होता है। इसलिये वर्तमान सरकार रिश्तों को जोड़ने के लिये संकल्पित है। पिछले एक वर्ष में तलाक/परित्यक्ता महिलाओं से जुड़े 273 मामले संज्ञान में आये हैं, इन सभी मामलों में एफ0आई0आर0 दर्ज की गयी है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव गृह को तलाक/परित्यक्ता से जुड़े मामलों की समीक्षा कर यथाशीघ्र न्याय दिलाने तथा लापरवाही बरतने वाले सम्बन्धित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि तलाकशुदा/परित्यक्ता महिलाओं के हितों के संवर्धन व संरक्षण के लिये गृह विभाग द्वारा इनकी कानूनी लड़ाई निःशुल्क लड़ने की व्यवस्था करायी जाये।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पुरुष व महिला गाड़ी के दो पहिये हैं। इसलिये पुरुष के विकास के साथ-साथ महिलाओं का विकास भी बेहद जरूरी है। आजादी के पश्चात पूर्ववर्ती सरकारों ने निजी स्वार्थ हेतु तीन तलाक कुप्रथा को समाप्त करने के लिये कोई भी कदम नहीं उठाया। समाज का कोई हिस्सा या कोई भी व्यक्ति खुद को उपेक्षित व अपमानित महसूस न करे, इसके लिये ठोस कार्य योजना तैयार की जाये।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण व गृह विभाग तलाकशुदा/परित्यक्ता महिलाओं के बेहतर जीवन के लिये कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करे। उन्होंने तलाकशुदा/परित्यक्ता महिलाओं के पुनर्वास हेतु, इस कुप्रथा से पीड़ित महिलाओं को न्याय प्राप्त न होने तक, राज्य सरकार द्वारा 500 रुपये प्रतिमाह अर्थात कुल 6,000 रुपये प्रति वर्ष दिये जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रभावित महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास एवं मुख्यमंत्री आवास योजना से भी लाभान्वित कराया जाये। इनके बच्चों की पढ़ाई की भी व्यवस्था की जाये। साथ ही, इन्हें आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना से भी लाभान्वित किया जाये। इन महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान कर स्वावलम्बी बनाया जाये।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में जिस प्रकार केन्द्र सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की नीति के अनुरूप जनता की सेवा कर रही है, उसका पूरी तरह अनुसरण करते हुए राज्य सरकार भी उत्तर प्रदेश की जनता-जनार्दन को राहत पहुंचा रही है। इसी क्रम में अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए समर्पित प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत 83.97 करोड़ रुपये की 34 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है।
इनमें 14 इण्टर काॅलेज, 02 हाईस्कूल, 01 अपर प्राइमरी स्कूल व 17 पाइप पेयजल योजनायें सम्मिलित हैं। इसके अलावा, 290.68 करोड़ रुपये की 54 परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया है। शिलान्यास की गई परियोजनाओं में 08 सद्भाव मण्डप, 07 प्राइमरी स्कूल, 13 राजकीय इण्टर काॅलेज, 05 राजकीय कन्या डिग्री काॅलेज, 01 राजकीय पाॅलीटेक्निक, 04 आंगनबाड़ी केन्द्र, 10 राजकीय आई0टी0आई0, 01 राजकीय आई0टी0आई0 में 100 बेड बालक व 100 बेड बालिका छात्रावास का निर्माण तथा 05 पेयजल आपूर्ति योजनायें सम्मिलित हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं को वक्फ की संपत्ति से जोड़ने की कार्ययोजना तैयार की जाये। मण्डल स्तर पर भी तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाये।
मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर तलाकशुदा 05 महिलाओं-जनपद जौनपुर की सुश्री रेशमा बानो, अमरोहा की सुश्री सुमेला जावेद, सीतापुर की सुश्री हिना फातिमा, अलीगढ़ की सुश्री रुही फातिमा तथा सिद्धार्थनगर की सुश्री हसीना से संवाद भी किया। संवाद के दौरान इन महिलाओं ने मुख्यमंत्री जी को अपनी आप बीती भी सुनाई। मुख्यमंत्री जी ने तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना तथा उन्हें यह आश्वासन दिया कि राज्य सरकार द्वारा उन्हें हर सम्भव मदद दी जाएगी। उन्होंने संवाद के दौरान राष्ट्रीय महिला खिलाड़ी सुश्री सुमेला जावेद को नौकरी दिये जाने की बात कही। उन्होंने कार्यक्रम में सम्मिलित सभी पीड़ित महिलाओं को उपहार स्वरूप वस्त्र भी दिये। तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं ने मुख्यमंत्री जी को उनका एक चित्र भेंट किया। मुख्यमंत्री जी ने तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं के बच्चांे को उपहार भी दिये।
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी‘ ने कहा कि जहां नारी की पूजा होती है, वहीं देवता निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’ नारा ही नहीं उद्देश्य है।
अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री श्री मोहसिन रजा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का तीन तलाक के लिये उठाया गया कदम एक साहसिक कदम था। वर्तमान राज्य सरकार मदरसों का आधुनिकीकरण कर उनके उत्थान के लिये लगातार प्रयास कर रही है। सरकार की सभी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव के सभी पात्र लोगों को दिया जा रहा है।
विधान परिषद सदस्य एवं राज्य सरकार के पूर्व मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार सबके दर्द को समझ रही है और लोगों को दर्द से छुटकारा दिलाने के लिये कृतसंकल्पित है।
अपर मुख्य सचिव गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने कुछ दिन पहले ही तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं से संवाद करने हेतु प्रस्ताव रखा था, जिसे आज पण्डित दीन दयाल उपाध्याय जी की जयन्ती के अवसर पर आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री जी के योग्य मार्गदर्शन में समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों एवं योजनाओं से लाभान्वित कराने मे मदद मिल रही है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशभर से आयी प्रभावित महिलाओं के शिकायती पत्रों को लेकर उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन भी दिया।

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