दीपावली पर राजाजी टाइगर रिजर्व में रेड अलर्ट, बैराज-चीला और गंगा भोगपुर बैरियर पर होगी सख्त चेकिंग

बैराज-चीला मार्ग पर समय सीमा का सख्ती से पालन

पार्क प्रशासन के अनुसार, बैराज-चीला मार्ग सर्दियों में शाम 6 बजे और गर्मियों में रात 8 बजे बंद कर दिया जाता है। दीपावली के दौरान इस व्यवस्था का सख्ती से पालन कराया जाएगा। निर्धारित समय के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा पार्क के अंदर मौजूद नाले-खालों और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। अवैध घुसपैठ और वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर कैमरे लगाने की भी तैयारी है। वनकर्मियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पार्क प्रशासन का कहना है कि दीपावली के दौरान पटाखों के शोर, भीड़भाड़ और अन्य गतिविधियों से वन्यजीवों को परेशानी हो सकती है। साथ ही इस दौरान शिकारियों और अवैध रूप से जंगल में प्रवेश करने वाले लोगों की गतिविधियों पर रोक लगाना भी जरूरी है।

राजाजी टाइगर रिजर्व गोहरी के क्षेत्राधिकारी राजेश चंद जोशी के मुताबिक, त्योहारी सीजन को देखते हुए पार्क क्षेत्र से गुजरने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। पार्क प्रशासन दिन-रात अलर्ट मोड पर है और संदिग्ध वाहनों के साथ ही गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
 

मोतीचूर रेंज में वनकर्मियों ने बढ़ाई गश्त

दीपावली को देखते हुए राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रेंज अधिकारी गौरव नेगी के निर्देश पर वनकर्मियों की टीम ने बुधवार को मोतीचूर-देहरादून और ऋषिकेश रेलवे ट्रैक के आसपास जंगल क्षेत्र में सघन गश्त की।

वन विभाग ने रेलवे ट्रैक के आसपास अवैध घुसपैठ और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी टीम गठित की है। यह टीम पार्क क्षेत्र के साथ-साथ जंगल से सटे गांवों में भी गश्त करेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेगी।
 

जंगल में आग और शिकार की आशंका को लेकर विशेष सतर्कता

मोतीचूर रेंज अधिकारी गौरव नेगी ने बताया कि दीपावली के दौरान जंगल में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा जंगल में अवैध घुसपैठ और वन्यजीवों के शिकार की आशंका भी बनी रहती है। इन खतरों को देखते हुए वनकर्मियों की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि रेलवे ट्रैक से गुजरने वाली ट्रेनों से जंगल में फेंकी जा रही गंदगी को हटाने के लिए सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
 

स्थानीय लोगों से की सहयोग की अपील

पार्क प्रशासन ने आसपास के गांवों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि जंगल में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि, अवैध घुसपैठ या शिकार की जानकारी मिलने पर तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को सूचित करें।

वन विभाग का उद्देश्य दीपावली के दौरान जंगलों को आग, अवैध गतिविधियों और शिकार से सुरक्षित रखना है, ताकि वन्यजीवों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।

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