हरियाणा के 81 हजार ट्रक,15 हजार बस कल से नहीं जा सकेगी दिल्ली

HR Breaking News – वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल दिल्ली में पुराने वाहनों पर रोक लगाने के लिए अब नियम सख्त कर दिए गए हैं। हरियाणा से दिल्ली में 1 नवंबर से वाहनों से जुड़े कुछ नियम बदलने वाले हैं । कल यानी 1 नवंबर 2026 से हरियाणा से दिल्ली आने जाने वाले 96 हजार व्यावसायिक वाहनों की एंट्री पर पाबंदी लगाई गई है।
81,079 ट्रक और 15,362 बसों की दिल्ली में एंट्री बंद –
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के 14 जिलों में 81,079 पुराने वाहन यानी BS-6 से नीचे की श्रेणी के वाहनों की एंट्री पर पाबंदी (bs 6 vehicles ban in delhi) लगाई गई है ऐसे में बस-4 तक की श्रेणी में शामिल बसों (bs6 vehicles list) की संख्या लगभग 15,362 है ऐसे में लगभग 96441 वहां वर्तमान में सड़कों पर दौड़ रहेहैं।
नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई –
दिल्ली-एनसीआर में पुराने वाहनों यानी BS-6 (BS-6 vehicles) से नीचे की श्रेणी के व्यावसायिक वाहनों की दिल्ली में एंट्री बंद करने के लिए यातायात पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से नजर रख रहा है। ट्रैफिक पुलिस की SP पुष्पा के मुताबिक सभी जिलों में ऐसे वाहनों पर नजर रखी जा रही है, जो BS-6 से नीचे की श्रेणी में आते हैं। सभी बस संचालकों और ट्रांसपोर्टों को पाबंदी की अवधि नियम और शर्तों से भी अवगत करवाया गया है। अगर इन नियमों को तोड़ा जाता है तो सख्त कार्रवाई होगी।
नई BS-6 में वाहनों चालकों को मिलेगी आर्थिक सहायता –
परिवर्तन योजना (transformation plan) के तहत हरियाणा परिवहन विभाग वाहनों को BS-6 में परिवर्तित करने के लिए पंजीकरण कर रहा है ताकि भविष्य में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के पालन में कोई अड़चन ने आए। इस योजना के तहत वाहन मालिकों को आर्थिक सहायता देने का भी प्रावधान है। नई BS-6 या इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर 10 साल के लिए मोटर वाहन tax 100% छूट मिलेगी। पुराने वाहन की जगह पर पात्र पुराना वाहन खरीदने पर 50% छूट मिल रही है अभी तक परिवर्तन योजना के तहत 14,043 ट्रैकों और 5,719 बेसन का भी पंजीकरण हो चुका है।
वाहनों की एंट्री पर रोक लगाने से कारोबार 5 से 8% तक प्रभावित –
ऑल हरियाणा मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के राज्य महासचिव राकेश धनखड़ ने आपत्ति जताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को ट्रांसपोर्टों की समस्या सुननी चाहिए। दिल्ली-NCR में ऑर्डर प्रभावित हैं। एक ट्रक लगभग 50 लाख रुपए में आता है। पंजीकरण के दौरान 15 साल तक संचालन का नियम है।
अगर 10 साल बाद भी प्रतिबंध लग जाता है, जो शर्तें थोपी जा रही है। ऐसे में कारोबार बंद होने के कगार पर आ गया है। गोहाना के ट्रांसपोर्टर राकेश कुमार का कहना है कि जो भी हमारे पास वाहन थे वह CNG में बदलाव हैं ताकि परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। ट्रांसपोर्टर जितेंद्र दागी ने कहा कि दिल्ली या NCR के नए ऑर्डर नहीं लिए जा रहे हैं इससे कारोबार 5 से 8% तक प्रभावित हुआ है।




