HAU के कुलपति प्रोफेसर बलदेव राज कंबोज बोले – विकसित भारत 2047 के लिए मत्स्य पालन भी अहम रहेगा

HR Breaking News (Developed India 2047) साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सरकार नई-नई परियोजनाएं शुरू कर चुकी है और कई परियोजनाओं (Developed India 2047) पर कार्य जारी है। HAU के कुलपति प्रोफेसर का कहना है कि विकसित भारत 2047 के लिए मत्स्य पालन की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है। खबर में जानिए मत्सय पालन को लेकर कुलपति प्रोफेसर बलदेव राज कंबोज ने क्या कहा है।

कुलपति प्रोफेसर ने किया सात पुस्तकों का विमोचन 

वह मत्स्य विज्ञान यूनिवर्सिटी (Fisheries Science University) में आयोजित एक्वाफेस्ट-2026 में खास अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। पीएम के विकसित भारत 2047 के लिए इनोवेशन, संरक्षण और ब्लू समृद्धि विषय पर जो कार्यक्रम आयोजित किया गया है, उसमें कुलपति ने तकरीबन 12 लाख रुपये की लागत से नवीनीकृत फिशरीज एक्सटेंशन, इकोनॉमिक्स एंड स्टेटिस्टिक्स भवन की ओपनिंग की है।  उन्होंने मत्स्य पालन से जुड़े कई सब्जेक्ट पर प्रकाशित सात पुस्तकों का विमोचन भी किया। 

जानिए क्या है प्रशासन की बड़ी चुनौती

बता दें कि उन्होंने जल सोर्स के संरक्षण (conservation of water sources), पानी के यूज, जल गुणवत्ता को बनाए रखने और जलीय जीवों की रक्षा पर खास फोकस किया है। विशिष्ट अतिथि आईसीएआर के पूर्व उपमहानिदेशक और उदयपुर के पूर्व कुलपति का कहना है कि इस इलाके की सबसे बड़ी चुनौतियां जलवायु परिवर्तन, पानी की कमी, खराब क्वालिटी, मत्स्य बीज और आहार की बढ़ती लागत, मछलियों में बीमारियां और भंडारण (storage of fish), बिक्री की समस्याएं है।

कार्यक्रम में मौजूद रहे ये अधिकारी 

इस दौरान कार्यक्रम में चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी (Chaudhary Devi Lal University), सिरसा के जैव प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष डॉ. एसके गहलावत के साथ ही महाविद्यालय के नियंत्रक अधिकारी और विभागाध्यक्ष डॉ. दलीप कुमार बिश्नोई और डॉ. कविता शर्मा के साथ ही अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे हैं।
 

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