हरियाणा में ब्राह्मण, पुजारी, पुरोहितों को दान में मिली जमीन पर मालिकाना हक की बाधाएं होंगी दूर

HR Breaking News (Haryana News) हरियाणा सरकार की पहले से अब प्रदेश में दान में मिली जतीन के मालिकाना हक से जुड़ी अड़चने दूर होने वाली है। हरियाणा सरकार की ओर से नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है, जिससे कि हरियाणा में ब्राह्मण, पुजारी, पुरोहितों को दान में मिली जमीनों पर मालिकाना हक (ownership rights) का लाभ मिल सकेगा। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से-
एसडीएम को मिली सुनवाई की शक्तियां
हरियाणा में जिन ब्राह्मण, पुजारी और पुरोहितों को दान में जमीन मिली थी, उनके मालिकाना हक को लेकर आने वाली सभी अड़चनों को दूर किया जाने वाला है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से अधिसूचना (Disaster Management Department Notification) जारी की गई है और उप मंडल अधिकारी यानी कि एसडीएम को भी इन समस्याओं की सुनवाई की शक्तियां दी गई है।
पहले केवल कलेक्टर के पास थी शक्तियां
राजस्व विभाग (revenue Department) की ओर से प्रथम कैटेगरी कलेक्टर के रूप में एसडीएम को शक्तियां दी है। अभी तक यह शक्तियां सिर्फ कलेक्टर के पास थी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के वित्त आयुक्त राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बीते दिनों अधिसूचना जारी की है।
अधिसूचना के मुताबिक हरियाणा में पुजारी, बूटीमार, मंदिरों में सेवा करने और जिसे तय समय के लिए जमीन दी गई है, उनको दान में मिली जमीनों के मालिकाना अधिकार (ownership rights of lands) को निहित करने के लिए फर्स्ट कैटेगरी के सहायक कलेक्टर के रूप में शक्तियां दी गई है।
नवंबर 2023 में कानून किया गया था पारित
अब एसडीएम अपनी शक्तियों का यूज करके मालिकाना हक को लेकर कोई भी बात है, प्रॉब्लम है, तो उनकी सुनवाई करके समस्याओं को निस्तारित (Legislation passed in November 2023) कराएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल (Former Chief Minister Manohar Lal) के कार्यकाल में दोहलीदारों को मालिकाना देने के लिए नवंबर 2023 में कानून पारित किया गया था, जिसके मुताबिक दान में मिली जमीन पर खेती करने या कब्जा 20 साल से ज्यादा समय है, तो उन्हें मालिकाना हक दिया जाने वाला है।
उसके बाद भी कई मामले तकनीकी बाधाओं की वजह से पेंडिंग है। अब तक उपायुक्तों के पास यह शक्तियां थीं। इस फैसले से उपायुक्त पर कार्य का बोझ कम होगा और एसडीएम सुनवाई करके जल्द ही मामलों का निपटान कर सकेंगे।




