अब पहाड़ों में दौड़ेगी हाइड्रोजन ट्रेन, हरियाणा से सफर होगा शुरू, भारतीय रेल मंत्रालय ने किया सर्वे पूरा

HR Breaking News (hydrogen train) : विश्व धरोहर कालका-शिमला रेल मार्ग (Kalka-Shimla Railway Line) को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में रेलवे ने कदम बढ़ाए हैं। पहाड़ों के बीच से गुजरने वाली इस रेल लाइन पर अब हाइड्रोजन ट्रेन (hydrogen train news) चलाने की तैयारी है। इसके लिए रेल मंत्रालय की टीम ने सर्वे का काम लगभग पूरा कर लिया है। योजना के तहत सोलन जिले के बड़ोग रेलवे स्टेशन के पास हाइड्रोजन फ्यूल प्लांट (hydrogen fuel plant) स्थापित करने का प्रस्ताव विचार किया गया है। सर्वे रिपोर्ट की समीक्षा और मंत्रालय की मंजूरी के बाद ट्रेन के ट्रायल की दिशा में आगे की कार्रवाई होगी।
प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद
इस प्रक्रिया में पारंपरिक ईंधन की तरह धुआं नहीं निकलेगा। बल्कि मुख्य रूप से पानी और जलवाष्प उत्सर्जित होंगे। इससे रेल मार्ग के आसपास प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। पहाड़ी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली को सुरक्षित रखने के लिए के लिहाज से भी यह पहल महत्वपूर्ण बताई जा रही है।
मंत्रालय की और से आगे बढ़ाई जा रही प्रक्रिया
रेल मंत्रालय की हाइड्रोजन का हैरिटेज योजना के तहत देश की 75 हाइड्रोजन ट्रेनों में कालक-शिमला रेलवे रेल सेक्शन को भी शामिल किया गया है। इस परियोजना पर आगे बढ़ने से पहले रेलवे की टीम ट्रैक से संबंधित सुविधाओं का आकलन कर रही है। हााइड्रोजन फ्यूल प्लांट के लिए जगह देखने के बाद अब अगली प्रक्रिया मंत्रालय स्तर पर आगे बढ़ाई जा रही है।
फिलहाल जींद-सोनीपत रेल सेक्शन पर हाइड्रोजन ट्रेन (Hydrogen train on Jind-Sonipat rail section) का संचालन शुरू हो चुका है। कालका-शिमला मार्ग पर यह योजना सिरे चढ़ती है तो देश के ऐतिहासिक नैरोगेज रेल लाइन (narrow gauge railway line) पर हाइड्रोजन तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में यह अहम कदम साबित होगा।
122 साल पुरानी विरासत को जोड़ने की तैयारी
कालका शिमला रेलवे लाइन का निर्माण का कार्य 1903 में शुरू हुए रेल संचालन के इतिहास (History of rail operations) से जुड़ा है। इस मार्ग पर 103 सुरंगे 800 से अधिक पुल और करीब 900 तीखे मोड है। पहाड़ों के बीच से गुजरने वाला यह रेल मार्ग देश विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। समय के साथ रेलवे इस मार्ग पर सुविधाओं और तकनीक को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है।




