बिजली कर्मचारियों की स्ट्राइक का दिख रहा असर, जहां लाइट कट रही लंबे समय तक नहीं आ रही सप्लाई

HR Breaking News (electricity employees strike) बीते दिनों से ही बिजली कर्मियों की हड़ताल शुरू हो गई है, जिसका असर अब प्रदेश के कई शहरों पर देखने को मिल रहा है। भले ही इस दौरान बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए बिजली विभाग (electricity department) ने ऑप्शनल कर्मियों की व्यवस्था शुरू की है। लोगों का कहना है कि जहां लाइट कट रही है, वहां लंबे समय तक सप्लाई नहीं आ रही है। 

कर्मचारी कर रहे ये सवाल 

हालांकि, कर्मचारी यह सवाल कर रहे हैं कि जब ऊर्जा मंत्री विज (Energy Minister Vij) खुद निजीकरण के विरोध में होने का कह रहे हैं, तो सरकार निजी कंपनी को लाइसेंस देने के निर्णय को वापस क्यों नहीं लेती है। उनकी कई यूनियनों से बनी संघर्ष समिति की ओर से फैसले की वापसी होने तक ऊर्जा मंत्री विज के साथ बैठक करने से मना कर दिया है। समिति के अनुसार पहले फैसला बदला जाए, उसके बाद ही वार्तालाप का ठोस आधार बनेगा।

कब तक चलेगी कर्मियों की हड़ताल 

दरअसल, आपको बता दें कि गुरुग्राम व नूंह में निजी कंपनी इलेवन पावर को बिजली वितरण का लाइसेंस (electricity distribution license) देने पर खूब विवाद हो रहा है। फैसले के विरोध में बीते दिनों रात 10 बजे से बिजलीकर्मियों की तीन दिवसीय हड़ताल का आरंभ हो गया है। लगभग 40 हजार कर्मियों के रोजगार पर संकट के बीच सरकार की ओर से छुट्टी पर गए 25 अधिकारियों-कमिर्यों को तत्काल ड्यूटी पर लौटने के निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही पंजाब, हिमाचल प्रदेश, यूपी व राजस्थान से तकनीकी स्टाफ की मांग की है। 

कर्मियों के पक्ष में हैं सरकार

हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini), ऊर्जा मंत्री अनिल विज और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में HERC के फैसले के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोलने का फैसला लिया गया है। सीएम सैनी का कहना है कि सरकार कर्मियों (kab tak chalegi bijlikarchariyon ki hadtaal) के पक्ष में हैं। सरकार आयोग के आदेश पर स्टे लेने के साथ 5 दिन के अंदर विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील दायर करने की तैयारी करने वाली है। 

हिमाचल से तकनीकी कर्मचारी की मांग 

अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को लेटर लिखा गया है। फर्स्ट फेज में पंजाब और हिमाचल से तकनीकी कर्मचारी की मांग (demand for technical staff) की गई है। वहीं,राजस्थान और यूपी को जरूरत पड़ने पर स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। जिन कर्मचारियों की मांग की गई है, उनमें जूनियर इंजीनियर, सब-स्टेशन अटेंडेंट, असिस्टेंट सब-स्टेशन अटेंडेंट, असिस्टेंट फोरमैन, लाइनमैन, असिस्टेंट लाइनमैन और शिफ्ट अटेंडेंट शामिल हैं।

कैसे होगी 10 ऑपरेशन सर्किलों की निगरानी 

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से पंचकूला और रोहतक के मुख्य अभियंताओं को हड़ताल के दौरान समग्र प्रभारी बनाया गया है। निगम के सभी 10 ऑपरेशन सर्किलों की निगरानी (Monitoring of Operation Circles) उनसे जुड़े मुख्य अभियंता करने वाले हैं और कहा गया है कि सब-स्टेशनों पर शिफ्ट ड्यूटी जारी रखने और बिजली प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। जरूरत पड़ने पर पुलिस सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन से समन्वय किया जाने वाला है। भीड़ की गतिविधियों के लिए वीडियोग्राफी के लिए भी इंतजाम होंगे।

तकनीकी कर्मियों को निगरानी का जिम्मा 

सरकार की ओर से बिजली व्यवस्था में दूसरे विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी (Duties of employees of other departments) लगाने की तैयारी की है। ग्राम सचिवों, पटवारियों और तकनीकी कर्मियों को निगरानी का जिम्मा दिया जा रहा है। राज्य परिवहन विभाग को अलर्ट रहने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर बसों के माध्यम से कर्मियों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा जा सकें। 

हड़ताल के दौरान छुट्टी पर रोक लगाने के निर्देश 

बिजली निगमों की ओर से हड़ताल के दौरान छुट्टी पर रोक लगाने (Electricity workers strike) के निर्देश जारी किए गए हैं। बता दें कि केवल असाधारण परिस्थितियों में सक्षम अधिकारी कारण दर्ज कर छुट्टी की मंजूरी कर सकेंगे। अगर कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने या दूसरे कर्मचारियों को ड्यूटी करने करने से रोकते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

हड़ताल के दौरान अस्पतालों की बिजली रहेगी चालू 

संघर्ष समिति के सदस्य और ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन (All Haryana Power Corporation Worker Union) के महासचिव का कहना है कि प्रदेश की सभी सब-डिवीजनों में पैरेलेल लाइसेंस देने के आदेश की प्रतियां जलाई हैं। उनका कहना है कि कर्मचारी जानबूझकर बिजली सप्लाई बाधित नहीं करेंगे और हड़ताल के दौरान अस्पतालों की बिजली को चालू रखने वाले हैं। 

हर संस्थान में नियुक्त होगा नोडल अधिकारी 

स्वास्थ्य विभाग (health department) की ओर से भी अस्पतालों में सेवाएं निर्बाध रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से कहा गया है कि सिविल सर्जनों और प्रधान चिकित्सा अधिकारियों को जनरेटर, बिजली बैकअप और 24 घंटे इलेक्ट्रीशियन की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

 हर एक संस्थान में नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही वैक्सीन और अन्य चिकित्सा सामग्री की कोल्ड चेन बनाए रखने, एंबुलेंस रखने और इमरजेंसी में निजी अस्पतालों से समन्वय के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। 

किन इलाको में कब से है लाइट कट

हिसार के कुछ हिस्सों के साथ ही, यमुनानगर, पानीपत, करनाल के कुछ इलाकों में लाइट (Haryana Me Kha hai power cut) नहीं है। फतेहाबाद जिले के कुछ हिस्सों में लाइट लंबे समय से कट है। टोहाना में भी लाइट बार-बार कट रही है। फिरोजपुर झिरका में भी लंबे समय से लाइट नहीं है। साथ ही हरियाणा के पानीपत जिले के कुछ हिस्सों में भी रात 12 बजे से कट है। हिसार मॉडल टाउन में 10 बजे से लाइट नहीं है। हिसार के sec 9/11 में भी लंबे समय से लाइट नहीं है। 

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