होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से प्रदेश की जनता को मिल रही है चिकित्सा सुविधा

प्रदेश के सभी नागरिकों को रोगों के निदान की सभी चिकित्सा पद्धतियों की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार सतत् प्रयासरत् है। इसी के दृष्टिगत होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार आयुष विभाग के माध्यम से प्रदेश में होम्योपैथी चिकित्सा सेवाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण का निरन्तर कार्य कर रही है। होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति रोगों के उपचार में मदद् करती है और प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती है। वर्तमान समय में जब स्वस्थ जीवन शैली और रोग निवारण का महत्व निरन्तर बढ़ रहा है, तब इसकी उपयोगिता और भी प्रभावशाली सिद्ध हो रही है।

प्रदेश में 1585  राजकीय होम्योपैथिक  डिस्पेंसरी /चिकित्सालय संचालित हैं। इसके अलावा 9 अस्पताल राजकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय के अन्तर्गत संचालित है। जिसके माध्यम से जन सामान्य को होम्योपैथिक विधा के माध्यम से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। होम्योपैथिक विधा के पारंगत एवं अनुभवी चिकित्सकों को तैयार करने के लिए प्रदेश में 9 होम्योपैथिक महाविद्यालय राजकीय क्षेत्र में एवं 4 महाविद्यालय निजी क्षेत्र में संचालित है। इन महाविद्यालयों में नीट चयन परीक्षा के माध्यम से छात्रों का चयन होता हैं जिसकी मेरिट आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा  तैयार की जाती है। जिसके आधार पर राज्य सरकार के आयुष विभाग द्वारा काउंसलिंग के माध्यम से पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से महाविद्यालयों में छात्रों को सीट का आवंटन किया जाता है ।

प्रदेश की जनता को आयुष पद्धति की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा प्रदेश के 09 विधान सभा क्षेत्रों (1-बरेली कैण्ट, जनपद बरेली, 2- लखीमपुर, जनपद खीरी, 3-तिलोई, जनपद-अमेठी, 4-बिठूर जनपद कानपुर नगर, 5- महोबा, जनपद महोबा, 6-नरैनी, जनपद बांदा, 7-मानिकपुर, जनपद चित्रकूट , 8-पड़रौना, जनपद कुशीनगर, 9- भदोही, जनपद भदोही) मे चिकित्सालयों की स्थापना हेतु की गयी घोषणा के क्रम मंे उक्त स्थानों पर चिकित्सालय भवनों का निर्माण कराते हुए चिकित्सकीय कार्य सुचारू रूप से संचालित हो गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष विभाग द्वारा आयुष चिकित्सा पद्धतियों के समग्र विकास, सुदृढ़ीकरण एवं जनसामान्य में उनकी स्वीकार्यता एवं लोकप्रियता को बढ़ावा देने के लिए नीति निर्माण, संस्थागत विस्तार तथा वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। परिणामस्वरूप प्रदेश में आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी विस्तार हुआ है। तथा जनसामान्य को सुरक्षित, प्रभावी एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
राजकीय महाविद्यालयों में मानकों को पूर्ण किये जाने के उददेश्य से राजकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय लखनऊ में छात्र एवं छात्रा- छात्रावास का निर्माण पूर्ण कराते हुये उपयोग में लाया जा रहा है। राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज गोरखपुर में महिला एवं पुरूष छात्रावास, राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज, अलीगढ़ में महिला एवं पुरूष छात्रावास , राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज आजमगढ़ में महिला एवं पुरूष छात्रावास तथा राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज गाजीपुर में पुरूष छात्रावास का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जनता को होम्योपैथी चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए 154 डिस्पेंसरीज का निर्माण भी कराया जा रहा है।
प्रदेश में होम्योपैथिक विधा को और अधिक सुदृढ़ किये जाने हेतु छात्र/छात्राओं को होम्योपैथिक चिकित्सा शिक्षा सुलभ कराये जाने के उद्देश्य से आयुष मिशन के माध्यम से जनपद वाराणसी में एक नये राजकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय स्थापित किये जाने की योजना  है। उक्त महाविद्यालय का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक सुलभ, सस्ती एवं प्रभावी चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है। होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के विस्तार से आमजन को बेहतर उपचार सुविधाएं मिल रही है। प्रदेश सरकार आयुष सेवाओं के विकास के माध्यम से जनस्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए निरन्तर प्रतिबद्ध है।

Related Articles

Back to top button