3-Day Bank Strike Alert: लगातार 3 दिन बैंक हड़ताल से शाखाओं में ताला! जानिए कौन-सी सेवाएं रहेंगी ठप और क्या खुला रहेगा

देश भर के सरकारी और ग्रामीण बैंकों में कामकाज को लेकर बैंक यूनियनों द्वारा तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले बुलाई गई इस हड़ताल के चलते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) की शाखाओं में सामान्य कामकाज पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। बैंक कर्मचारी संगठन मुख्य रूप से '5-डे बैंकिंग वीक' (हफ्ते में 5 दिन काम और हर शनिवार अवकाश), पुरानी पेंशन योजना और कार्यभार से जुड़ी अन्य लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। महीने के अंतिम दिनों में वित्तीय क्लोजिंग के समय हो रही इस हड़ताल से आम जनता, व्यापारियों और वेतनभोगियों के जरूरी वित्तीय काम अटक सकते हैं। ऐसे में ग्राहकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि हड़ताल के दौरान कौन-सी सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी और कौन-से डिजिटल विकल्प सुचारू रूप से चालू रहेंगे।

हड़ताल के दौरान कौन-कौन सी सेवाएं रहेंगी पूरी तरह बंद या प्रभावित?

हड़ताल का सबसे गहरा असर बैंक शाखाओं के उन कार्यों पर पड़ेगा जिनमें कर्मचारियों की भौतिक मौजूदगी और मैनुअल वेरिफिकेशन की जरूरत होती है:

  • शाखा काउंटर से कैश जमा और निकासी: बैंक की ब्रांच में जाकर चेक या विड्रॉल स्लिप से नकदी निकालने और कैश काउंटर पर पैसा जमा करने की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।

  • चेक क्लीयरिंग और प्रोसेसिंग: क्लीयरिंग हाउस और शाखा स्तर पर चेक प्रोसेसिंग ठप रहने से चेक पास होने में 3 से 4 दिन का अतिरिक्त समय लग सकता है।

  • डिमांड ड्राफ्ट (DD) और बैंकर चेक: नए डीडी बनवाने, रद्द कराने या पे-ऑर्डर जारी कराने की प्रक्रिया काउंटर बंद होने से रुक जाएगी।

  • केवाईसी (KYC) और खाता अपडेशन: बैंक खाते में री-केवाईसी कराना, मोबाइल नंबर बदलना, सिग्नेचर वेरिफिकेशन या नया खाता खुलवाने के लिए शाखा में होने वाले काम नहीं हो सकेंगे।

  • बैंक लॉकर एक्सेस: चूंकि शाखाओं के मुख्य द्वार बंद या सीमित स्टाफ के साथ होंगे, इसलिए ग्राहक अपने सेफ डिपॉजिट लॉकर को ऑपरेट नहीं कर पाएंगे।

  • लोन डिस्बर्सल और दस्तावेज जांच: होम लोन, ऑटो लोन या पर्सनल लोन के फिजिकल डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन और लोन राशि जारी करने की प्रक्रिया लटक सकती है।

  • पासबुक प्रिंटिंग: शाखा के अंदर स्थित पासबुक प्रिंटिंग काउंटरों पर काम बंद रहेगा।

ग्राहकों को राहत: कौन-कौन सी सेवाएं रहेंगी 24 घंटे चालू?

हड़ताल केवल बैंक शाखाओं के इन-पर्सन यानी फिजिकल कामकाज तक सीमित है। बैंकिंग के तमाम ऑटोमेटेड और डिजिटल चैनल्स सामान्य रूप से काम करते रहेंगे:

  • यूपीआई (UPI) पेमेंट्स: गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और भीम यूपीआई जैसी सभी डिजिटल भुगतान प्रणालियां बिना किसी रुकावट के चालू रहेंगी, जिससे मर्चेंट पेमेंट और पीयर-टू-पीयर ट्रांसफर किए जा सकेंगे।

  • एटीएम (ATM) और कैश रीसाइक्लर मशीनें (ADWM): एटीएम से कैश निकासी की सुविधा जारी रहेगी। हालांकि, ज्यादा भीड़ के कारण कैश खत्म होने की संभावना को देखते हुए समय रहते नकदी का प्रबंध करने की सलाह दी जाती है। ऑटोमेटेड डिपॉजिट मशीनों से खाते में कैश जमा भी किया जा सकेगा।

  • इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग: एनईएफटी (NEFT), आरटीजीएस (RTGS) और आईएमपीएस (IMPS) के जरिए ऑनलाइन फंड ट्रांसफर, क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान और यूटिलिटी बिल पेमेंट्स सुचारू रूप से चलते रहेंगे।

  • क्रेडिट और डेबिट कार्ड स्वाइप: पीओएस (POS) मशीनों और ऑनलाइन ई-कॉमर्स शॉपिंग पर कार्ड से लेनदेन सामान्य दिनों की तरह काम करेंगे।

  • ग्राहक सेवा केंद्र (CSP / Banking Correspondents): कस्बों और ग्रामीण इलाकों में बीसी पॉइंट्स और सीएसपी केंद्रों पर बुनियादी नकद लेनदेन की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

किन बैंकों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर? प्राइवेट बैंकों की क्या है स्थिति?

इस हड़ताल का सीधा असर सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े सरकारी बैंकों जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB), केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और ग्रामीण बैंकों पर पड़ेगा।

वहीं, निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंकों जैसे एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और कोटक महिंद्रा बैंक की शाखाएं आमतौर पर खुली रहेंगी। हालांकि, यदि आपका निजी बैंक में खाता है और आपको किसी सरकारी बैंक से आया चेक क्लियर कराना है, तो इंटर-बैंक क्लीयरिंग सिस्टम प्रभावित होने से चेक क्लीयरेंस में देरी हो सकती है।

5-डे बैंकिंग वीक की मांग को लेकर क्यों अड़ी हैं बैंक यूनियनें?

वर्तमान नियमों के अनुसार, देश के बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है, जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को सामान्य कामकाज होता है। बैंक यूनियनें लंबे समय से मांग कर रही हैं कि केंद्र सरकार और भारतीय बैंक संघ (IBA) हर शनिवार को अवकाश घोषित कर हफ्ते में 5 दिन का कार्य सप्ताह (5-Day Banking Week) लागू करें। यूनियनों का प्रस्ताव है कि शनिवार की छुट्टी के बदले बैंक कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने के लिए तैयार हैं, जिससे काम के कुल घंटों और उत्पादकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। समझौते पर अंतिम सहमति न बन पाने के कारण यूनियनों ने हड़ताल का रास्ता चुना है।

बैंक प्रबंधन और वित्तीय संस्थानों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे शाखा जाने से पहले अपने संबंधित बैंक के आधिकारिक नोटिफिकेशन और एसएमएस अलर्ट जरूर चेक कर लें और नकदी व जरूरी ट्रांसफर के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का ही उपयोग करें।

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