एआई एजेंट्स की नई तकनीक से रूब: हुए विद्यार्थी, लखनऊ विश्वविद्यालय में इंटरैक्टिव सेमिनार आयोजित
लखनऊ विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं तकनीकी संकाय के कोडिंग क्लब ‘कोडिंग कॉन्नोइसर्स’ की ओर से ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट्स 101रू फाउंडेशन’ विषय पर इंटरैक्टिव सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम डीन प्रो. सतेंद्र पाल सिंह के मार्गदर्शन एवं कोऑर्डिनेटर डॉ. हिमांशु पांडेय की अध्यक्षता में हुआ।
सत्र की वक्ता एवं क्लब लीड रित्विका मिश्रा ने बताया कि एआई एजेंट केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं, बल्कि डिजिटल टूल्स का उपयोग करने, मेमोरी बनाए रखने और जटिल कार्यों को कई चरणों में पूरा करने में सक्षम हैं।
उन्होंने कहा कि एआई एजेंट भविष्य में सरकारी योजनाओं की जानकारी देने, नागरिक शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने, दस्तावेजों के विश्लेषण, आपदा प्रबंधन, यातायात नियंत्रण तथा स्वास्थ्य-शिक्षा सेवाओं को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में ये प्रारंभिक जानकारी लेकर जोखिम पहचानने, नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र बताने और परामर्श समय निर्धारित करने में मदद कर सकते हैं।
मल्टी-एजेंट सिस्टम की अवधारणा समझाते हुए बताया गया कि कई एजेंट समन्वय से अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाकर जटिल समस्याओं का तेज, व्यवस्थित और पारदर्शी समाधान दे सकते हैं।
सत्र में डेटा गोपनीयता, पारदर्शिता, मानवीय निगरानी और एआई के जिम्मेदार उपयोग पर भी जोर दिया गया। सेमिनार में बीटेक एवं बीसीए के 150 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।




