अतीक अहमद की औलादों के लिए ‘कब्रगाह’ बनी झांसी की सरजमीं, पहले असद और अब अबान का अंत; शहर से जुड़ी दर्दनाक दास्तान


उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन कहे जाने वाले अतीक अहमद का साम्राज्य भले ही मिट्टी में मिल चुका हो, लेकिन उसके परिवार के साथ जुड़े हादसों और खौफनाक त्रासदियों के निशान आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं। इस बीच, अतीक अहमद के परिवार को लेकर एक ऐसी सनसनीखेज और मर्माहत करने वाली बात सामने आई है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। झांसी जिले की सरजमीं अब अतीक अहमद की औलादों के लिए किसी 'कब्रगाह' या शाप से कम नजर नहीं आ रही है। स्थानीय लोगों और गलियारों में चर्चाएं आम हो चुकी हैं कि कैसे इस जिले के भूगोल और इतिहास के साथ अतीक के बेटों का खात्मा जुड़ गया है। पहले असद अहमद का एनकाउंटर और अब इसी इलाके से जुड़ी अन्य दुखद खबरों ने एक बार फिर प्रयागराज से लेकर झांसी तक के सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
झांसी में एनकाउंटर में मारा गया था अतीक का बेटा असद, मची थी सनसनी
अतीक अहमद के परिवार और झांसी का नाता पिछले कुछ सालों में बेहद खौफनाक तरीके से सुर्खियों में आया है। बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड के बाद जब पुलिस प्रशासन ने अपराधियों पर शिकंजा कसना शुरू किया था, तो अतीक का बेटा असद अहमद और शूटर गुलाम पुलिस की गिरफ्त से बचते हुए भाग रहे थे। ठीक इसी झांसी जिले की सीमा के पास उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के साथ हुई मुठभेड़ में असद अहमद और गुलाम को मार गिराया गया था। उस एनकाउंटर ने पूरे देश में तहलका मचा दिया था और माफिया परिवार की कमर तोड़कर रख दी थी। झांसी की उसी बंजर और वीरान सरजमीं पर अपराधियों के अंत की इबारत लिखी गई थी, जिसे आज भी लोग उस खौफनाक शाम के रूप मेंद याद करते हैं।
कानून के शिकंजे और अपराध की दुनिया का अंत, प्रयागराज से झांसी तक खौफ की दास्तान
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में मीडिया के कैमरे के सामने हुई सनसनीखेज हत्या के बाद से ही इस परिवार का आपराधिक साम्राज्य नेस्तनाबूद होना शुरू हो गया था। कानून और न्याय की इस लंबी प्रक्रिया में झांसी का जिला एक ऐसा पड़ाव साबित हुआ जहां अतीक के खून से जुड़ी सबसे बड़ी और खौफनाक त्रासदियां घटित हुईं। जानकारों और स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि अपराध का रास्ता हमेशा बर्बादी की तरफ ही ले जाता है, जिसका जीवंत उदाहरण यह परिवार बना है। झांसी की सरजमीं पर हुए इन खौफनाक वाकयों ने यह साबित कर दिया कि कानून के लंबे हाथ अपराधियों तक पहुंचकर ही दम लेते हैं, चाहे वे कितने भी रसूखदार क्यों न हों।



