सोनभद्र में 202 करोड़ से बिछेगा 127 किमी लंबी 6 सड़कों का जाल, योगी सरकार ने औद्योगिक क्रांति को दी नई रफ्तार, जानें कौन-कौन से रूट बदलेंगे


उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध जिले सोनभद्र की तस्वीर बहुत जल्द बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने जिले के बुनियादी ढांचे और औद्योगिक लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के उद्देश्य से ₹202 करोड़ से अधिक की लागत वाली 6 महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी दिखा दी है। करीब 127 किलोमीटर लंबी इन सड़कों के निर्माण से न केवल भारी वाहनों का आवागमन सुगम होगा, बल्कि जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों, आदिवासी बहुल इलाकों और पड़ोसी राज्यों से लगने वाली सीमाओं तक निर्बाध पहुंच स्थापित होगी। 'ऊर्जाधानी' के नाम से मशहूर सोनभद्र में बिजली संयंत्रों, खनन क्षेत्रों और सीमेंट उद्योगों के चलते भारी परिवहन लगातार बना रहता है, ऐसे में इन सड़कों के बनने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व गति मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश भर में सर्वाधिक 6 सौगातें केवल सोनभद्र के खाते में: जानिए योजना की अहमियत
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा राज्य भर में औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना के तहत कुल 22 प्रमुख सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें से सबसे अधिक 6 परियोजनाएं अकेले सोनभद्र जिले को प्राप्त हुई हैं। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सरकार सोनभद्र को प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के अनुसार, जिले में मौजूद बड़ी औद्योगिक इकाइयों, तापीय विद्युत गृहों और खदानों को बेहतर परिवहन मार्ग उपलब्ध कराना प्राथमिकताओं में शामिल है। अंतर्राज्यीय और अंतर-जनपदीय सीमाओं को जोड़ने वाले जर्जर अथवा संकरे मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर चौड़ा और सुदृढ़ किया जा रहा है। इससे कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन में लगने वाले समय और लागत दोनों में भारी कमी आएगी।
202 करोड़ रुपये से कायाकल्प: जानिए किन 6 प्रमुख सड़कों की बदलेगी सूरत और कितना आएगा खर्च
स्वीकृत परियोजनाओं के तहत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में 6 प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण, नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इन सड़कों का ब्योरा और आवंटित बजट इस प्रकार है:
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चोपन-कोटा-कोन-करौंदी मार्ग: इस महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण और चौड़ीकरण पर सर्वाधिक ₹55.50 करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह मार्ग अंतर्राज्यीय आवागमन और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों के लिए जीवनरेखा माना जाता है।
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डिबुलगंज-जोगेंद्रा मार्ग: औद्योगिक आवाजाही को सुगम बनाने वाले इस मार्ग के कायाकल्प के लिए ₹48.38 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
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वाराणसी-शक्तिनगर स्टेट हाईवे का उन्नयन: सोनभद्र की रीढ़ माने जाने वाले इस प्रमुख स्टेट हाईवे के सुदृढ़ीकरण और उन्नयन पर ₹41.79 करोड़ की लागत आएगी।
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मुर्धवा-म्योरपुर, बभनी-चपकी-बीजपुर मार्ग: ऊर्जा उत्पादन केंद्रों और छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश सीमा से सटे इस लंबे रूट के निर्माण हेतु ₹36.75 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
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आरएस रोड से कोदरा टोला मार्ग: व्यापारिक और ग्रामीण संपर्क मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹18.53 करोड़ की मंजूरी मिली है।
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नधिरा-धरतिडाड़ मार्ग: इस संपर्क मार्ग के निर्माण और सुधार पर ₹1.20 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
औद्योगिक विकास, रोजगार और स्थानीय लॉजिस्टिक्स को लगेंगे पंख
सोनभद्र जिला अपनी विशिष्ट भौगोलिक स्थिति और अपार प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है। यहाँ एनटीपीसी, रेणुकासागर, अनपरा, ओबरा, लैंको जैसे विशाल तापीय विद्युत गृहों के साथ-साथ चूना पत्थर, गिट्टी और कोयला खदानों का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। इन उद्योग-धंधों के कारण प्रतिदिन हजारों की संख्या में ओवरलोडेड और भारी ट्रक सड़कों पर दौड़ते हैं, जिससे पुरानी सड़कें जर्जर हो चुकी थीं और आए दिन दुर्घटनाएं होती थीं।
127 किलोमीटर लंबी नई और मजबूत सड़कों के बनने से वाहनों की आवाजाही सुगम होगी। परिवहन समय में कमी आने से ईंधन की बचत होगी और वाहनों के रखरखाव का खर्च घटेगा। इसके साथ ही, बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएं मिलने से नए औद्योगिक निवेशक भी सोनभद्र की ओर आकर्षित होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सड़क सुरक्षा में सुधार और ग्रामीण आबादी को सीधी राहत
इन 6 प्रमुख परियोजनाओं का एक मुख्य पहलू सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं में कमी लाना है। संकरे और क्षतिग्रस्त रास्तों की वजह से सोनांचल के ग्रामीण और जनजातीय इलाकों के लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। प्रसव संबंधी आपात स्थितियों या मरीजों को जिला अस्पताल तक पहुँचाने में अक्सर काफी देरी हो जाती थी। सड़कों के चौड़ीकरण और आधुनिक ब्लैक-टॉप निर्माण से दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के किसान अपनी उपज को आसानी से मुख्य मंडियों तक पहुंचा सकेंगे।
आने वाले दिनों में 5 और नई परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की उम्मीद
सोनभद्र में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का यह सिलसिला यहीं थमने वाला नहीं है। औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना 2026-27 के अगले चरण के तहत शासन को 5 और नई सड़कों के प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। इनमें डाला खन्ना कैंप से बिल्ली रोड तक टू-लेन सड़क, खड़िया से तेलगढ़वा पुल (शक्तिनगर बॉर्डर) तक टू-लेन मार्ग, चुर्क सीमेंट फैक्ट्री के लिए दो लिंक रोड, ओबरा डिग्री कॉलेज से नगर पंचायत कार्यालय तक सड़क तथा मीना बाजार घुरमा फीडर से कुनिअवां टोला मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शामिल है। इन प्रस्तावों को भी जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है, जिससे जिले का कोना-कोना आधुनिक परिवहन नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया और समयबद्ध निर्माण पर जिला प्रशासन का फोकस
शासन से बजट और स्वीकृति मिलने के तुरंत बाद जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को कड़े निर्देश दिए हैं कि भूमि अधिग्रहण, तकनीकी सर्वे और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताओं को बिना किसी देरी के पूरा किया जाए। पारदर्शी तरीके से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द धरातल पर काम शुरू कराया जाएगा। गुणवत्ता मानकों के सख्त अनुपालन के साथ तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि जनता और उद्योगपतियों को जल्द से जल्द इस बड़ी सौगात का लाभ मिल सके।



