UP सरकार का बड़ा फैसला, 3500 करोड़ की लागत से बसाई जाएगी नई टाउनशिप

HR Breaking News (township in UP) योगी सरकार ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि सरकार अब यहां पर एक नई टाउनशिप बसाने की तैयारी कर रही है। ये टाउनशिप (township project in UP) 3500 करोड़ की लागत से बसाई जा रही है। इसके अलावा यहां पर लोगों को रहने के लिए एक से बढ़कर एक सुविधाएं मिलने वाली है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।

जेवर एयरपोर्ट के पास होगा निर्माण 

उत्तर प्रदेश में जेवर एयरपोर्ट के पास 100 एकड़ में अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित आवासीय टाउनशिप को विकसित करने की तैयारी की जा रही है। परियोजना में 3,500 करोड़ रुपये का निवेश होगा। अगले वर्ष (township project) तक इसका काम शुरू होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दौरान सोमवार को यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने प्रदेश में 6650 करोड़ रुपये निवेश करने के लिए तीन समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर दिये हैं।

दो परियोजनाएं होगी विकसित 

इसके तहत दो परियोजनाएं गौतमबुद्ध नगर जिले की यमुना सिटी और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में विकसित की जाएगी। पहली परियोजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में आवासीय टाउनशिप (New township near Jewar Airport) विकसित की जाएगी। ये बड़ी ग्रुप हाउसिंग परियोजना बनकर सामने आ रही है। यहां पर बहुमंजिला इमारतों में लोगों के रहने का इंतजाम किया जाएगा।

12,000 लोगों को मिलेगा रोजगार 

माना जा रहा है कि इसके धरातल पर उतरने से लगभग 12,000 लोगों को रोजगार मिलने वाला है। एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद यीडा के अफसरों ने भूमि की उपलब्धता समेत अन्य बिंदुओं पर कार्ययोजना (Jewar Airport) बनाने का काम शुरू कर दिया है। इसके बाद इस परियोजना पर काम होना शुरू होगा। इस शहर के विकसित होने की वजह से यहां पर रहने वाले लोगों को काफी लाभ होगा।

सिंगापुर सिटी के प्रस्ताव को मिली मंजूरी 

यमुना सिटी के सेक्टर-7 में करीब 500 एकड़ में सिंगापुर सिटी के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इसका औपचारिक प्रस्ताव बीते दिनों ही प्राधिकरण के अफसरों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) को भेज दिया गया था। इस स्थिति में सिंगापुर दौरे पर पहले ही दिन मिली यह सौगात एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र को नई पहचान दे दी गई है। इस समझौते के बाद शहर में अब सिंगापुर सिटी के विकसित होने का रास्ता भी खुल गया है।

कानपुर-लखनऊ हाईवे पर अधिग्रहित होगी भूमि 

इसके साथ ही में कानपुर-लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ भूमि में लॉजिस्टिक्स पार्क (Logistics Park) का भी विकास किया जाने वाला है। इस परियोजना में 650 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और लगभग 7,500 रोजगार सृजित होने का अनुमान जताया जा रहा है। इसको भी 2027 में शुरू किए जाने की तैयारी की जा रही है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क (Logistics Park in UP) भी स्थापित किया जाने वाला है। इस परियोजना में 2,500 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा और लगभग 1,500 लोगों को इसकी वजह से रोजगार का मौका मिलेगा।

साल 2028 में शुरू होगी परियोजना 

एमओयू के मुताबिक, परियोजना को साल 2028 में शुरू करने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह निवेश उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम (uttar pardesh news) बनकर सामने आने वाला है। नोएडा और ग्रेनो में डेटा सेंटर के लिए 11 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। साथ ही डेटा सेंटर भी संचालित हो रहा। यमुना सिटी में दो और कंपनियों को डेटा सेंटर के लिए भूमि देने पर विचार किया जा रहा।

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