पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित यही है सरकार की प्रतिबद्धता- डॉ संजय निषाद
मा० मंत्री मत्स्य विभाग, डॉ. संजय कुमार निषाद जी को जनपद अंबेडकरनगर एवं गोंडा में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं-प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट योजना, मत्स्य पालक कल्याण कोष समेत अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में हिलाहवाली, शिथिलता एवं भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें जनपद से लगातार प्राप्त हो रही थीं।
मा० मंत्री जी द्वारा निदेशालय स्तर पर प्राथमिक जांच करवाई गई, जिसमें जनपद अंबेडकरनगर एवं गोंडा के कर्मचारियों पर लगे आरोप गंभीर पाए गए। मा० मंत्री जी ने मत्स्य विभाग के उच्च अधिकारियों को आदेशित किया कि कार्रवाई पूर्ण होने तक जनपद अंबेडकरनगर के समस्त स्टाफ को लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध (अटैच) किया जाए।
सहायक निदेशक (मत्स्य), अंबेडकरनगर कार्यालय में तैनात श्रीमती श्वेता सिंह; ज्येष्ठ मत्स्य निरीक्षक श्रीमती सुनीता सिंह; मत्स्य निरीक्षक मो० अशरफ (उर्दू अनुवादक) को मत्स्य निदेशालय, उ०प्र०, लखनऊ से संबद्ध किया गया है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य पालक विकास अभिकरण, गोंडा में तैनात मछुआ श्री प्रशांत कुमार को भी मत्स्य निदेशालय, उ०प्र०, लखनऊ से संबद्ध किया गया है।
मा० मंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार मा० मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कार्य कर रही है और यदि आम जनता को सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार की परेशानी अथवा भ्रष्टाचार की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार की नीति और नीयत स्पष्ट है कि जनसेवा सर्वाेपरि है।
अवगत कराना है कि मा० मंत्री मत्स्य विभाग, डॉ. संजय कुमार निषाद जी ने दिनांक 17 फरवरी 2026 को मंडल/जनपद कानपुर में पूर्व से प्राप्त शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए मंडल/जनपद के समस्त अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध (अटैच) करने के निर्देश दिए थे। साथ ही, सहायक निदेशक (मत्स्य) कार्यालय में तैनात वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक श्री सुनील सिंह को निलंबित किया गया था।




