ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से 2464 लोगों ने घर बैठे चिकित्सकीय सलाह प्राप्त की

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उत्तर प्रदेश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने आज यहां लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कोविड-19 के लिए आई0सी0यू0 के बेड्स बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी अस्पतालों में दवाई और आॅक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जनपद प्रयागराज, कानपुर नगर, लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर में विशेष सतर्कता अपनाए जाने की आवश्यकता है। इन जनपदों में काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग पर जोर दिया जाए। उन्होंने कहा है कि इंटीगे्रटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर की कोविड संक्रमण के प्रसार को रोकने तथा इससे बचाव व उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी जनपदों में इनकी सेवाओं को और बेहतर बनाते हुए संचालित किया जाए। उन्होंने इसके लिए मुख्य सचिव को समन्वय किए जाने निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से कोविड-19 तथा यातायात के नियमों के सम्बन्ध में लोगों को व्यापक रूप से जागरूक किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि कोविड संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सतर्कता, बचाव व जागरूकता जरूरी है। इसके लिए प्रमुख स्थानों और चैराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम निरन्तर एक्टिव मोड में रहें।
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि धान की खरीद 01 अक्टूबर, 2020 से प्रारम्भ होनी है। इसके दृष्टिगत सभी तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं। धान क्रय केन्द्र सुचारु रूप से संचालित किए जाएं। यह देखा जाए कि किसानों को कोई परेशानी न हो। उन्होंने धान क्रय के सम्बन्ध में राइस मिलर्स के साथ बैठक किए जाने के निर्देश कृषि उत्पादन आयुक्त को दिए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने देश में कृषि सुधार के दो महत्वपूर्ण विधेयकों-‘कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020’ तथा ‘कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020’ का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि यह विधेयक कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने वाले सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा है कि इन विधेयकों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्पों का प्रतिबिंब देखा जा सकता है। इन विधेयकों को कृषि क्षेत्र में नए युग का आरम्भ करने वाला बताते हुए उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसान बहनों-भाइयों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री जी ने इस प्रयास को लोक कल्याणकारी बताते हुए मा0 प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार ज्ञापित किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि यह दोनों विधेयक पूर्ण रूप से कृषि और कृषकों के हित में हंै। यह किसानों की आय में कई गुना वृद्धि करने वाली सिद्ध होंगे। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का ऐतिहासिक एवं अभिनव कदम भी बताया।
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि अब किसानों को कानूनी बंधनों से आजादी मिलेगी, कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन आएगा, खेती-किसानी में निजी निवेश होने से तेज विकास होगा तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कृषि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होने से देश की आर्थिक स्थिति और सुदृढ़ होगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 कृषि उपज के कुशल, पारदर्शी और बाधारहित अंतर-राज्य और राज्य के भीतर व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देगा। इससे किसानों को बिक्री और खरीद हेतु पसंद की स्वतंत्रता प्राप्त होगी।
श्री अवस्थी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा किसानों की आय को दोगुनी करने के संकल्प के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह विधेयक किसानों के हित में हैं। प्रधानमंत्री जी ने ही फसलांे के समर्थन मूल्य में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक वृद्धि करते हुए त्वरित व पारदर्शी प्रक्रिया से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि कोविड महामारी के दृष्टिगत लागू लाॅकडाउन के दौरान ही राज्य सरकार द्वारा फल व सब्जी में 45 जिंसों को मण्डी शुल्क से मुक्त कर दिया गया, जिसका किसानों को सीधा लाभ मिला। कृषक अब अपने फल या सब्जी की राज्य में कहीं से भी बिक्री करने के लिए स्वतंत्र हैं। किसानों को मण्डियों में भी अपनी उपज का विक्रय करने का विकल्प उपलब्ध ह,ैं जहां मण्डी शुल्क के स्थान पर मात्र 01 प्रतिशत यूजर चार्ज क्रय करने वाले व्यापारियों से लिया जा रहा है।
श्री अवस्थी ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश की सभी 119 गन्ना मिलों को पूरी क्षमता से संचालित कर प्रदेश में उत्पादित 1118 लाख टन गन्ने की पेराई करा 126.36 लाख मी0ट0 चीनी का उत्पादन किया गया। साथ ही, 150 लाख लीटर सेनेटाइजर का भी उत्पादन किया गया। उन्होंने कहा कि मण्डी परिषद तथा स्टेट वेयर हाउसिंग कारपोरेशन द्वारा संयुक्त रूप से 37 मण्डी परिसरों में 5-5 हजार मीट्रिक टन के गोदामों का निर्माण कराया जा रहा है। इन गोदामों में कृषक अपनी उपज 30 दिनों तक बिना किसी शुल्क के रख सकेेंगे, इसके पश्चात् सामान्य दरों पर 30 प्रतिशत छूट पर किराया अनुमन्य होगा। इस सुविधा से किसान अपनी उपज को सुरक्षित रखते हुए ऐसे समय बिक्री कर सकेंगे, जब उन्हें अपनी उपज का बाजार में अच्छा दाम मिले। ऐसी व्यवस्था की गई है कि किसानों द्वारा भण्डारित कृषि उपज को प्रतिभूति की भांति मान्यता प्राप्त होगी और इसके आधार पर कृषकों को बैंक से ऋण सुविधा प्राप्त हो सकेगी। इससे यह अपने कृषि एवं अन्य कार्यों की प्रतिपूर्ति कर सकेंगे।
श्री अवस्थी ने बताया कि राज्य सरकार ने जनपद वाराणसी व अमरोहा में मैंगो हाउस स्थापित करने का निर्णय लिया है जिससे आम उत्पादन पर मूल्य संवर्धन करते हुए हुए देश सहित विदेशी बाजार में विक्रय का बेहतर अवसर प्राप्त हो सके। प्रदेश सरकार द्वारा विगत विधानमण्डल सत्र में पारित विधेयक के माध्यम से कृषि मण्डी अधिनियम में संशोधन कराया गया। इसमें किसान उपभोक्ता बाजार तथा वेयर हाउस/कोल्ड स्टोरेज/साइलोस को मण्डी उप स्थलों के रूप में प्रोत्साहित करने के प्राविधान किये गए हैं। इन प्राविधानों से किसानों को अपनी उपज की सीधी बिक्री हेतु और विकल्प उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि 27 प्रमुख मण्डियों को वर्तमान में आधुनिक किसान मण्डी के रूप में विकसित किया जा रहा है। 24 मण्डियों में फल और सब्जी आदि को सुरक्षित व गुणवत्तापूर्वक रखने हेतु कोल्ड स्टोरेज व राइपनिंग चैम्बर की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है ताकि कृषक अपनी उपज का सही मूल्य मिलने के लिए 1-2 दिवस की प्रतीक्षा भी कर सकें तथा राइपनिंग चैम्बर द्वारा उपज को उचित प्रकार व गुणवत्तायुक्त ढंग से पका सकें। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के अन्तर्गत मण्डी में 20 एम0टी0 कैपेसिटी के राइपनिंग चैम्बर तथा 10 एम0टी0 क्षमता का कोल्ड चैम्बर स्थापित किया जायेगा। प्रत्येक पर लगभग रूपये 3 करोड़ रुपए की लागत आयेगी। इस परियोजना को वित्तीय वर्ष 2020-21 में पूर्ण किया जाना लक्षित है।
श्री अवस्थी ने बताया कि केन्द्र सरकार की नीतियों और सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार कृषक उत्पादक संगठनों (एफ0पी0ओ0) को प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक नीति शीघ्र लेकर आ रही है। इस नीति के अन्तर्गत प्रदेश में क्रियाशील व भविष्य में गठित होने वाले एफ0पी0ओ0 को कन्वर्जन्स के माध्यम से केन्द्र व राज्य की विभिन्न कल्याणकारी नीतियों का लाभ दिया जा सकेगा। एफ0पी0ओ0 की समस्याओं का निराकरण करने के लिए कृषि विभाग के अधीन डेडीकेटेड सेल गठित कर वरिष्ठ अधिकारियों व विशेषज्ञों के दल को तैनात किया जायेगा। एफ0पी0ओ0 की क्रियाशील पूंजी की समस्या के निराकरण के लिए उन्हें ब्याज की छूट पर क्रियाशील पूंजी उपलब्ध कराई जायेगी तथा इस छूट का व्यय भार राज्य सरकार वहन करेगी। एफ0पी0ओ0 के गठन से कृषि विपणन का उपलब्ध लाभ सीधे कृषकों को मिलेगा। इससे वे कृषि कार्य की लागत कम करते हुए उत्पादकता व गुणवत्ता में सुधार लाकर अपनी उपज का अधिक मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा किये गये सुधारों का व्यापक तथा सकारात्मक लाभ मिलेगा। किसानों को अपनी उपज को मण्डी परिसरों में विक्रय करने में बाध्यता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। अब वे प्रदेश के अधिसूचित मण्डी के अतिरिक्त किसी और स्थान जैसे भण्डार गृह, कोल्ड स्टोरेज या खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में अपनी उपज विक्रय कर सकेंगे। फार्म गेट पर ही व्यापारियों/निर्यातकों या खाद्य प्रसस्करण इकाइयों को उचित दाम लेकर विक्रय कर सकेंगे। इससे किसानों का यातायात एवं ढुलान पर व्यय बचेगा और हानि को बचाया जा सकेगा।
श्री अवस्थी ने बताया कि काॅन्ट्रैक्ट फार्मिंग को बढ़ावा मिलने से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां/निर्यातक तथा अन्य व्यापारी, कृषकों से व्यक्तिगत स्तर पर या संगठित तरीके से समझौता कर सकंेगे। इससेे कृषकों को खाद, बीज व अन्य इनपुट्स को कम दरों पर उपलब्ध कराने, आधुनिक तकनीकी का प्रयोग कर कृषि कार्य कराने एवं उनकी उपज को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। कृषकों को राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुसार कृषि कार्य करने के अवसर भी प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाहर से आने वाले कृषि उत्पाद पर मण्डी शुल्क समाप्त होने पर जहां एक ओर उपभोक्ताओं का भी लाभ मिलेगा, वहीं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को भी निर्बाध रूप से कच्चा माल प्राप्त हो सकेगा। इससे ईज आफ डूईंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि केन्द्र और राज्य सरकार किसानों की उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य हेतु कटिबद्ध है। कोविड काल में भी प्रदेश के किसानों का 35.77 लाख टन गेहूं क्रय किया गया। साथ ही दलहन व तिलहन फसलों की भी खरीद की गई। यह सुनिश्चित किया गया कि बाजार मूल्य, न्यूनतम समर्थन मूल्य या उससे अधिक रहे। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए धान, तिलहन व दलहन को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय करने की पूरी तैयारी की जा रही है।
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग में 54,120 शिक्षक/शिक्षिकाओं के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तण की अनुमति प्रदान की गई है। यह स्थानान्तरण मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में शिक्षकों/शिक्षिकाओं की सहूलियतों के मद्देनजर किया गया है। इस स्थानान्तरण को मूर्त रूप देकर पूरे देश में एक मिसाल स्थापित की गई है। उन्होंने बताया कि इस स्थानान्तरण में शिक्षक/शिक्षिकाओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। स्थानान्तण की यह प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संचालित की गई।
श्री अवस्थी ने बताया कि एन0आई0सी0 के साॅफ्टवेयर के माध्यम से स्थानान्तण सम्बन्धी सभी आवेदन पत्रों को वैज्ञानिक आधार पर पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए स्वीकार किया गया। इस स्थानान्तरण प्रक्रिया में 28,306 महिला तथा 25,814 पुरुष शिक्षक लाभान्वित हुए हैं। इनमें 917 शिक्षक/शिक्षिकाएं सशस्त्र बलों के जवानों के परिवारों से जुड़े हैं, जिन्हेें यह सुविधा प्राथमिकता के आधार पर बिना शर्त प्रदान की गई। इनके अलावा, दिव्यांगजन श्रेणी के 2,285 स्थानान्तरण सम्बन्धी आवेदन पत्रों को स्वीकार करते हुए उन्हें स्थानान्तरित किया गया तथा गम्भीर व असाध्य बीमारी से ग्रसित 2,186 लोगों को स्थानान्तरण का लाभ दिया गया। उन्होंने बताया कि शिक्षक/शिक्षिकाओं को उनकी सुविधानुसार जहां वो चाहते थे वहां स्थानान्तरण किया गया है।
श्री अवस्थी ने बताया कि धारा-188 के तहत 2,28,165 एफआईआर दर्ज करते हुये 4,30,361 लोगों को नामजद किया गया है। प्रदेश में अब तक  1,58,65,364 वाहनांे की सघन चेकिंग में 72,927 वाहन सीज किये गये। चेकिंग अभियान के दौरान 82,68,63,914 रूपए का शमन शुल्क वसूल किया गया। आवश्यक सेवाओं हेतु कुल 4,38,046 वाहनों के परमिट जारी किये गये हैं। कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले 1248 लोगों के खिलाफ 924 एफआईआर दर्ज करते हुए 446 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि फेक न्यूज के तहत अब तक 2589 मामलों को संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही की गई है। 20 सितम्बर को कुल 17 मामले, जिनमें फेसबुक के 06, व ट्विटर के 11 मामले को संज्ञान में लिया गया हंै तथा साइबर सेल को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित। उन्होंने बताया कि अभी तक कुल 105 एफआईआर पंजीकृत कराई गई है। विभिन्न जनपदों में 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 76 प्रकरण में विवादित आईडी/पोस्ट डिलीट कराया गया। 03 प्रकरण में एकाउण्ट धारक द्वारा पोस्ट डिलीट कर माफीनामा दिया गया। 147 प्रकरण में यूआरएल/लिंक/आईडी/पोस्ट डिलीट पाया गया। 389 प्रकरण में कार्यवाही प्रचलित है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 19,658 कन्टेनमेंट जोन के 1,214 थानान्तर्गत, 15,16,821 मकानों के 84,94,253 लोगों को चिन्हित किया गया है। इन कन्टेनमेंट जोन में कोरोना पाॅजिटिव लोगों की संख्या 52,756 है। इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाईन किये गये लोगों की संख्या 33,698 है।
श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में हाॅटस्पाॅट वाले बस्तियों की अनुमानित जनसंख्या 86,30,524 के सापेक्ष 18,672 डोर स्टेप डिलिवरी मिल्क बूथ/मैन के द्वारा दूध वितरित किया गया है। डोर स्टेप डिलिवरी ‘फल, सब्जी आदि’ कुल 22,942 वाहन लगाये गये हैं। डोर स्टेप डिलिवरी वाले प्रोविजन स्टोर की संख्या 19,932 है। प्रोविजन स्टोर के माध्यम से डिलिवरी करने वालों की संख्या 19,242 है। हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों में कुल 03 प्रचलित सामुदायिक किचन हैं। इन बस्तियों में 20,76,134 राशन कार्डो पर खाद्यान्न वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों से जुडे़ 18.25 लाख श्रमिकों, नगरीय क्षेत्र के 8.91 लाख श्रमिकों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 6.74 लाख निराश्रित व्यक्तियों को  रु0 1,000-1,000ध्- के आधार पर कुल 33.90 लाख लोगों को 339.05 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों से जुडे़ 17.14 लाख श्रमिकों को द्वितीय किश्त का भी भुगतान किया जा चुका है। प्रदेश की पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेन्ट एवं मास्क सहित कुल 97 इकाईयां क्रियाशील हैं। प्रदेश में 1127 फ्लोर मिल, 503 तेल मिल एवं 357 दाल मिल संचालित की जा रही है।  उन्होंने बताया कि कोविड-19 के सम्बंध में राहत आयुक्त कार्यालय में राज्य स्तर पर स्थापित एकीकृत आपदा नियंत्रण केन्द्र के टोल फ्री हेल्पलाईन नं0 1070 पर प्राप्त 1,20,144 काॅल्स में से 1,19,758 का निस्तारण किया गया। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा दी गयी सूचना के अनुसार कल 7256 बसों के माध्यम से 10 लाख 69 हजार लोगों ने यात्रा की। कल हवाई जहाज के माध्यम से 651 लोग प्रदेश में आये। उन्होंने बताया कि कल 178 टेªन के माध्यम से प्रदेश में 72,333 लोगों ने यात्रा की।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कोविड-19 टेस्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में कल एक दिन में अब तक का सर्वाधिक कुल 1,40,754 सैम्पल की जांच की गयी। प्रदेश में अब तक कुल 85,40,604 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विगत 24 घंटंे में कोरोना के संक्रमित 5809 नये मामले आये है। प्रदेश में अब तक कुल 2,83,274 लोग पूर्णतया उपचारित होकर डिस्चार्ज किये गये। प्रदेश में 24 घंटे में 6584 लोग उपचारित हुए। प्रदेश में रिकवरी का प्रतिशत 79.96 है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 65,954 कोरोना के एक्टिव मामले है। उन्होंने बताया कि होम आइसोलेशन में 34,119 लोग हैं। होम आइसोलेशन में अब तक कुल 1,82,242 में से 1,48,123 की अवधि की पूर्ण हो चुकी है। उन्होंने बताया कि कल आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए जिलों से प्रयोगशालाओं में 51,884 सैम्पल भेजे गये। उन्होंने बताया कि आज जनसुविधा के लिए मुख्यमंत्री जी ने कोविड-19 संक्रमण की जानकारी प्राप्त करने के लिए एक नई ऐप एप्लीकेशन लांच किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने एकीकृत कोविड-19 पोर्टल एप्लीकेशन (न्दपपिमक ब्व्टप्क्.19 ।चचसपबंजपवद) संइतमचवतजेण्नचबवअपक19जतंबोण्पद लाॅन्च किया। उन्होंने इस एप के शुभारम्भ पर कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण के दौरान प्रदेशवासियों को इस सुविधा से लाभ मिलेगा। इससे कोविड-19 के परिणामों की जानकारी सर्वसुलभ कराने की सुविधा होगी। यह जनसाधारण के लिए अत्यन्त उपयोगी होगा तथा लोगों की जांच के उपरान्त परिणाम शीघ्र मिलेगा। श्री प्रसाद ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि इस पोर्टल के माध्यम से ऐसी व्यवस्था विकसित की गई है कि टेस्ट करवाने वाला व्यक्ति अपने रजिस्टर्ड मोबाइल फोन नम्बर पर ओ0टी0पी0 प्राप्त करके अपने कोविड-19 टेस्ट के परिणाम को स्वयं देख सकेगा तथा इसे डाउनलोड भी कर सकेगा। यह एप कोविड वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सरकारी संस्थानों को सहयोग एवं चिकित्सा के लिए लोगों की मदद करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव ही उसका उपचार है। इस एप के माध्यम से जो सुविधाएं दी जा रही हैं, वह सराहनीय हंै। उन्होंने इस एप को लाॅन्च किए जाने पर धन्यवाद दिया है।
श्री प्रसाद ने बताया कि ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से कल 2464 लोगों ने घर बैठे चिकित्सकीय सलाह प्राप्त की। अब तक कुल ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से 88,273 लोगों ने चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि कल 5-5 के 3262 पूल लगाये गये, जिसमें 475 लोगों में पाॅजिटिविटी देखी गयी। 10-10 के 172 पूल लगाये गये, जिसमें 19 लोगों में पाॅजिटिविटी पायी गयी। उन्होंने बताया कि सरकारी कार्यालयों/ प्रतिष्ठानों/ औद्योगिक प्रतिष्ठानों में 64507 कोविड हेल्प की स्थापना की गयी है, जिसके माध्यम से 765862 लक्षणात्मक व्यक्तियों की पहचान की गयी है। उन्होंने बताया कि निजी चिकित्सालयों में भुगतान के आधार पर 3786 लोग तथा सेमी पैड एल-1 प्लस केटेगरी में 231 लोग अपना इलाज करा रहे हैं।

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