रिंग में गूंजा सीएसजेएमयू का पंच: अंतर-महाविद्यालय बॉक्सिंग में बने ओवरऑल चैंपियन

औद्योगिक और शैक्षिक नगरी कानपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के खेल परिसर में आयोजित अंतर-महाविद्यालय बॉक्सिंग प्रतियोगिता 2026-27 में मेजबान विश्वविद्यालय के मुक्केबाजों ने अपने आक्रामक खेल और जबर्दस्त तकनीक के दम पर शानदार इतिहास रच दिया है। रिंग में उतरे विश्वविद्यालय के महिला और पुरुष मुक्केबाजों ने पदकों की झड़ी लगाते हुए ओवरऑल चैंपियनशिप की प्रतिष्ठित ट्रॉफी अपने नाम कर ली। कानपुर और आसपास के संभाग के विभिन्न कॉलेजों से आए सैकड़ों एथलीटों के बीच हुए रोमांचक मुकाबलों में सीएसजेएमयू के खिलाड़ियों का पंच सबसे ज्यादा दमदार साबित हुआ। खेल स्पर्धाओं के साथ-साथ विश्वविद्यालय ने खेलकूद और शैक्षणिक जगत दोनों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

पुरुष वर्ग में छह गोल्ड पर सीएसजेएमयू का कब्जा, महिलाओं ने भी मनवाया लोहा

प्रतियोगिता के पुरुष वर्ग के मुकाबलों में सीएसजेएमयू के मुक्केबाजों ने एकतरफा दबदबा बनाए रखा और कुल छह स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले। विश्वविद्यालय की ओर से रिंग में उतरे राज कुमार, अभिषेक शर्मा, रतन दीप, गौरव विशिष्ट, सागर और आयुष्मान यादव ने अपने-अपने भार वर्ग में विपक्षी खिलाड़ियों को नॉकआउट और तकनीकी अंकों के आधार पर मात देकर स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं महिला वर्ग में भी सीएसजेएमयू की मुक्केबाज पीछे नहीं रहीं, जहां शिवांगी पाल और पलक शुक्ला ने अपने सटीक मुक्कों और बेहतरीन डिफेंस के दम पर स्वर्ण पदक जीतकर विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया।

डीबीएस, पीपीएन और हलीम मुस्लिम कॉलेज के खिलाड़ियों ने भी दिखाए कड़े तेवर

इस अंतर-महाविद्यालय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कानपुर के अन्य प्रमुख डिग्री कॉलेजों के मुक्केबाजों ने भी कड़ा संघर्ष करते हुए पदक तालिका में अपनी जगह बनाई। महिला वर्ग में डीबीएस कॉलेज की यशिका राज, पीडी महिला महाविद्यालय की अनन्या माथुर, बद्री विशाल पीजी कॉलेज की आस्था वर्मा और हलीम मुस्लिम कॉलेज की उम्मे नबा ने अपने-अपने भार वर्गों में शानदार जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उधर पुरुष वर्ग के कड़े मुकाबलों में पीपीएन कॉलेज के मुक्केबाजों ने अपना दमखम दिखाया, जहां कपिल कुमार, प्रांजल अटेरवार और अंश यादव ने स्वर्ण पदक जीतकर अपने कॉलेज का नाम रोशन किया। इस पूरी प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. राजेश प्रताप सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभाकर पांडेय, खेल सुविधा निदेशक डॉ. श्रवण कुमार यादव और खेल सचिव शुभम हजरिया सहित खेल जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

वॉलीबॉल कोर्ट पर भी सीएसजेएमयू का परचम, पुरुष टीम बनी चैंपियन

बॉक्सिंग रिंग में ऐतिहासिक सफलता के साथ-साथ वॉलीबॉल कोर्ट पर भी सीएसजेएमयू के खिलाड़ियों ने अपनी श्रेष्ठता साबित की। अंतर-महाविद्यालय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में सीएसजेएमयू की पुरुष टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में पुरुष टीम ने सटीक सर्विस, नेट पर प्रभावी आक्रामक स्मैश और बेहद मजबूत रक्षात्मक ब्लॉक के दम पर प्रतिद्वंद्वी टीम को परास्त किया। प्रतियोगिता में महिला वर्ग की खिलाड़ियों ने भी शानदार कोर्ट कवरेज, बेहतर तालमेल और खेल भावना का परिचय देते हुए दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। इस वॉलीबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ भी मुख्य अतिथि डॉ. राजेश प्रताप सिंह ने किया, जबकि आयोजन के सफल संचालन में खेल निदेशक डॉ. श्रवण यादव और खेल सचिव शुभम हजरिया की सक्रिय भूमिका रही।

सिख गुरुओं के इतिहास और शहादत पर सीएसजेएमयू ने शुरू किया ऑनलाइन डिप्लोमा

खेलों में मिली दोहरी सफलता के बीच छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी एक अनूठी पहल की है। सिख गुरुओं के पावन जीवन दर्शन, उनकी सार्वभौमिक शिक्षाओं और अद्वितीय शहादत की गौरवशाली परंपरा को अकादमिक शोध से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालय में ‘सिख गुरु इतिहास एवं शहादत’ विषय पर एक विशेष डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। विश्वविद्यालय में स्थापित श्री गुरु तेग बहादुर रिसर्च चेयर के अंतर्गत संचालित इस अभिनव पाठ्यक्रम की ऑनलाइन कक्षाएं औपचारिक रूप से प्रारंभ कर दी गई हैं।

इस पाठ्यक्रम के माध्यम से विशेष रूप से नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के पावन जीवन, मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दिल्ली के चांदनी चौक में दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान पर गहन अध्ययन कराया जाएगा। इस ऑनलाइन डिप्लोमा का मुख्य उद्देश्य भारत सहित पूरी दुनिया में बसे युवाओं को अपनी समृद्ध ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ना और समाज में अंतरधार्मिक सद्भाव, परस्पर भाईचारा तथा मानवीय मूल्यों का संचार करना है। पाठ्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर पवित्र गुरबाणी कीर्तन का गायन किया गया, जिसमें रिसर्च चेयर के निदेशक जेएस अरोड़ा, जसवीन कौर और स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज के निदेशक डॉ. सर्वेश मणि त्रिपाठी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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