भगवान विश्वकर्मा जी की कृपा से देश-प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का हो विस्तार, केशव प्रसाद मौर्य

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कल वास्तुकार और शिल्पकार देवता भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा का पावन दिन है। भगवान विश्वकर्मा जी को सृजन, निर्माण, शिल्प एवं तकनीकी कौशल का देवता माना जाता है। उनकी पूजा का यह पावन पर्व हमारे देश की समृद्ध श्रम, शिल्प और निर्माण परंपरा का प्रतीक है। यह पर्व उन सभी श्रमिकों, कारीगरों, शिल्पकारों, इंजीनियरों, तकनीशियनों, उद्यमियों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों के परिश्रम एवं योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर भी है। श्री मौर्य ने कहा कि श्रम और सृजन ही विकास की आधारशिला हैं। हमारे श्रमिक और शिल्पकार अपनी मेहनत, हुनर और समर्पण से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा हमें कर्म के प्रति निष्ठा, कौशल के सम्मान और निरंतर सृजन की प्रेरणा देती है। 

उपमुख्यमंत्री  ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा जी की कृपा और आशीर्वाद देश और प्रदेश के प्रत्येक परिवार पर बना रहे। हर घर में सुख-शांति और समृद्धि आए, किसान, श्रमिक, कारीगर, व्यापारी, उद्यमी, नौजवान और समाज के प्रत्येक वर्ग के जीवन में खुशहाली आए तथा सभी के जीवन में उन्नति और प्रगति के नए अवसर प्राप्त हों, यही उनकी मंगलकामना है। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा जी से प्रार्थना है कि उनके आशीर्वाद से उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति और विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहे तथा प्रदेश में शांति, समृद्धि और खुशहाली का विस्तार हो। प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि आए और प्रत्येक परिवार का भविष्य उज्ज्वल हो।

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