दिसंबर से बढ़ जाएगी कार, मकान की कीमत, खरीदना पड़ेगा महंगा

HR Breaking News – नया मकान और नई गाड़ी खरीदने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अगर आप कार या मकान खरीदने की सोच रहे हैं तो नवंबर में खरीदारी करना बेहतर रहेगा। अभी आप त्योहारी सीजन में मिलने वाली छूट और कम ब्याज दर पर खरीदारी का डबल फायदा उठा सकते हैं, क्योंकि दिसंबर से दोनों की खरीदारी लागत में बढ़ोतरी होने के आसार हैं।
RBI रेपो रेट में 25 आधार अंक की कर सकता है बढ़ौतरी –
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात को देखें तो अगले 2 से 3 महीने में मकान और गाड़ी की निर्माण लागत के दामों में बढ़ोतरी होने का अनुमान है और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा repo rate बढ़ाने से बैंकों की कर्ज की ब्याज दर में भी बढ़ोतरी होगी। महंगाई बढ़ने की संभावना के संदर्भ में HDFC बैंक की प्रमुख अर्थशास्त्र साक्षी गुप्ता कहती है कि महंगाई दबाव को देखते हुए दिसंबर में RBI फिर रेपो रेट में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी कर सकता है।
अगले मार्च में भी बढ़ सकता है रेपो रेट –
कई अन्य आर्थिक एक्सपर्ट का मानना है कि RBI दिसंबर के बाद अगले मार्च में भी रेपो रेट (Repo Rate Hike) बढ़ा सकता है। ऐसे में आशंका है कि बैंक की ब्याज दर पिछले माह के मुकाबले दिसंबर में 50 आधार अंक बढ़ जाएगी और मकान खरीदने वालों को किस्त पर ज्यादा ब्याज देना होगा। कार लोन की दर भी बढ़ेगी और उसे पर ज्यादा ब्याज लगेगा। 70% से ज्यादा मकान और कार बैंकों से लोन (Bank Loan) लेकर ही खरीदे जाते हैं। कार लोन की अवधि ज्यादातर 7 साल की होती है इसलिए उसके लोन की EMI ज्यादा बनती है।
अर्बन मनी के को-फाउंडर अमित प्रकाश सिंह का कहना है कि दिसंबर में रेट बढ़ने पर कम या मध्यम बजट के मकान के खरीदार निश्चित रूप से अपनी लागत का मूल्यांकन करेंगे और वह खरीदारी को टालेंगे। लेकिन प्रीमियम सेगमेंट पर इसका असर नहीं होगा।
गोल्डन ग्रोथ फंड के CEO अंकुर जालान का कहना है कि कम बजट वाले घर खरीददार लोन (Loan News) की किस्त पर पूरा ध्यान देते हैं। 20 साल के लिए 50 लाख रुपए तक के लोन पर मंथली EMI में 1000 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। सीमित कमाई वाले लोग इस बढ़ोतरी पर सबसे ज्यादा फोकस करते हैं। इस समय होम लोन की ब्याज दर 6.7% से लेकर 13% तक है, जो बैंक और ग्राहक के सिबिल स्कोर (CIBIL Score) पर निर्भर करता है।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ौतरी –
दूसरी और पश्चिम एशिया के संकट के चलते कच्चे तेल की कीमतों (Crude oil price) में बढ़ोतरी हो रही है जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगाई बढ़ने की संभावना और बढ़ गई है जिससे घरेलू स्तर पर महंगाई दर 5.5% के स्तर को पार कर गई है और दिसंबर जनवरी तक यह है 6% तक जा सकती है।
डॉलर मजबूत रुपया कमजोर –
ताजा रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को कच्चे तेल की कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करती नजर आई है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से सरकार को ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं जिससे रुपया कमजोर हो रहा है। रुपए में कमजोरी आने से आयातित सामान और ज्यादा महंगे हो गए हैं जिसे मैन्युफैक्चरिंग लागत बढ़ेगी। गुरुवार को रुपए में एक बार फिर से कमजोरी आई है। डॉलर आए दिन मजबूत होता जा रहा है जिसकी वजह से महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।




