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क्लेक्ट्रेट सभागार में जिला एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए: सीएम

चमोली: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने क्लेक्ट्रेट सभागार में जिला एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के साथ विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन करने के निर्देश दिये। कहा कि विकास योजनाओं को समय से शुरू करते हुए निर्धारित समय पूरा करना सुनिश्चित किया जाय। ताकि लोगों को समय से योजनाओं का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ समय से पूरा कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का कार्य समय से शुरू होने पर जहॉ कम लागत में कार्य पूरा होता है वही लोगों को समय पर विकास योजनाओं का लाभ मिलता है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य निर्माण की परिकल्पना के अनुसार देहरादून में संपन्न इनवेस्टर समिति का आयोजन दूरस्थ क्षेत्रों के विकास के लिए किया गया है। कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के विकास के लिए निवेशकों ने भारी संख्या में अपने निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार को दिये है। कृषि व उद्यान पर फोकस करते हुए उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष कुछ न कुछ निवेश करने से आने वाले समय में इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को दूरस्थ क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी लगन के साथ कार्य करने के निर्देश दिये।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यो की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी लाभार्थियों का स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनाने हेतु कैम्प लगाने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिये। कहा कि स्वास्थ्य विभाग में 108 वाहनों की समस्या को जल्द दूर किया जायेगा। विद्यालयों में बेसिक सुविधा एवं शिक्षा के स्तर की जानकारी लेते हुए उन्होंने शिक्षा के स्तर में सुधार लाने हेतु विशेष इनोवेटिव कदम उठाने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

दैवीय आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त लौहाजंग-वाण मोटर मार्ग से काश्तकारों की नकदी फसल को हो रहे नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बाधित मोटर मार्ग को सुचारू करने के लिए शीघ्र अस्थाई व्यवस्था कराने के निर्देश लोनिवि को दिये। जिले में कई सड़कें आरटीओ से पास न होने के कारण सडक दुर्घटना की स्थिति में मुआवजा न मिलने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने आरटीओ व सड़क निर्माणदायी संस्थाओं को निर्देश दिये कि जिलाधिकारी के साथ बैठक कर समस्या का समाधान करें। दूरस्थ क्षेत्रों में विद्युत से वंचित परिवारों को सौभाग्य योजना के तहत विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश ईई विद्युत को दिये। कहा कि ऐसे क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों एवं लोगों को प्रेरित करते हुए तथा कैम्प लगाते हुए समय से शतप्रतिशत परिवारों तक बिजली पहुॅचायी जाय।

क्लस्टर आधारित कृषि पर फोकस करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने जिले में अधिक से अधिक क्लस्टर तैयार करने के निर्देश कृषि एवं उद्यान अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि 2022 तक कृषकों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार प्रतिबद्व है। उन्होंने किसानों को गुलाब के फूलों की खेती का प्रशिक्षण देकर जनपद के किसी क्षेत्र को रोज (त्वेम) वैली के रूप में विकसित करने को कहा। ताकि गुलाब के फूलों से निकलने वाले तेल से किसानों अच्छा लाभ मिल सके। साथ ही रोज वैली को देखने के लिए आने वाले पर्यटकों से स्थानीय लोगों को भी लाभ पहुॅच सके। वनाधिकारियों को किसी एक क्षेत्र में वृहद पौधरोपण कर ग्रीनवैली के रूप में विकसित करने को कहा। बैठक में मुख्यमंत्री ने आजीविका सहयोग परियोजना, पीएम शहरी एवं ग्रामीण आवास, खाद्यान्न आपूर्ति, समाज कल्याण, मत्स्य, जल निगम, जल संस्थान, सिंचाई, लघु सिंचाई आदि विभागों द्वारा संचालित विकास कार्यो की प्रगति समीक्षा भी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिले की महात्मा गांधी नरेगा विकास पुस्तिका का भी विमोचन किया।

बैठक में जिलाधिकारी श्रीमती स्वाति एस भदौरिया ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिये गये निर्देशों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जायेगा। इस अवसर जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र को स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किये गये पंचबद्री प्रसाद्म व मोमेंन्टों भी भेंट किया।

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