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परम्परागत कृषि के स्थान पर बाजार आधारित कृषि पर ध्यान देने की जरूरत: केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत

लखनऊ: भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के अवसर पर इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कृषि कान्क्लेव में केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह मंच कृषि से जुड़े हुए विषयों पर चर्चा करने का सुअवसर प्रदान करेगा जो कृषि एवं किसानों के विकास एवं आय को बढ़ाने में मदद करेगा। देश की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र के योगदान को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि परम्परागत कृषि के स्थान पर बाजार आधारित कृषि पर ध्यान देना होगा, जिससे किसानों की आय में अपेक्षित वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि किसान खुशहाल होगा तभी देश भी खुशहाल होगा। कृषि क्षेत्र को देखने का नजरिया हमें बदलना होगा तथा मशीनों से खेती को सरल बनाना होगा। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आज हम खाद्यान्न उत्पादन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन आदि में अग्रणी हंै। उन्होंने कहा कि हमें कृषि लागत को कम करना होगा तभी किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य प्राप्त होगा।

इससे पहले प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि कान्क्लेव को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए यह आवश्यक है कि किसान स्थानीय आवश्यकताओं एवं बाजार की मांग के मुताबिक खेती पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि रसायनिक खाद से खाद्यान्नों की पौष्टिकता प्रभावित हो रही है। खाद्यान्नों की पौष्टिकता को बढ़ावा देने के लिए हमें जैविक खेती पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। छोटी जोत की समस्या को देखते हुए उन्होंने सामुदायिक खेती करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में हो रहे वैज्ञानिक शोधों को खेतों में उतारने की जरूरत है, जिससे उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि लायी जा सके।

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