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विकास एवं विनियामक प्राधिकरण में पंजीकृत गोदामों-पनकी इं0ए0, जालौन, कालपी, नवीन मण्डी मेरठ, डिबाई, मथुरा ई0ए0, खैर एवं बहजोई भण्डारगृहों का शुभारम्भ किया: मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा

लखनऊः प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दो गुना करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसको ध्यान में रखते हुए किसानों की हर सम्भव मदद करते हुए खाद्य, बीज, सिंचाई आदि विभिन्न प्रकार की जरूरतों को आवश्यकतानुसार समय से उपलब्ध कराये जाने का काम राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। किसानों की उपज का सुरिक्षत भण्डारण तथा उचित मूल्य किसानों को मिले इसके लिए राज्य सरकार द्वारा व्यवस्थित ढंग से कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए निरन्तर कार्य कर रही है।

यह बातें श्री मुकुट बिहारी वर्मा ने आज उ0प्र0 राज्य भण्डारण निगम, मुख्यालय, न्यू हैदराबाद लखनऊ में भण्डारागार-विकास एवं विनियामक प्राधिकरण में पंजीकृत गोदामों-पनकी इं0ए0, जालौन, कालपी, नवीन मण्डी मेरठ, डिबाई, मथुरा ई0ए0, खैर एवं बहजोई भण्डार ग्रहों का शुभारम्भ करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की योजना के अनुरूप उ0प्र0 राज्य भण्डारण निगम द्वारा अपने भण्डारगृहों पर डिपो आॅनलाइन सिस्टम का क्रियान्वयन कराया जा रहा है। निगम के भण्डारगृहों पर सोलर प्लांट (ग्रिड कनेक्टेड) लगवाने का कार्य शीघ्र कराया जायेगा। निगम द्वारा आॅनलाइन मोबाइल धर्मकांटो की स्थापना की जा रही है। जिसका उपयोग एक अधिक केन्द्रों पर किया जायेगा। निगम के केन्द्रों पर स्थापित धर्मकांटों का आॅनलाइन किये जाने की कार्यवाही की जा रही है जिससे नाप-तौल का सुपरविजन प्रधान कार्यालय स्तर से किया जायेगा। निगम के सभी केन्द्रों को सर्विलांस सिस्टम (सी0सी0टी0वी0 कैमरा) से जोड़े जाने की कार्यवाही की जा रही है।

श्री वर्मा ने बताया कि वर्ष 2017-18 में भण्डारण शुल्क के रूप में 20211.10 लाख (दो सौ दो करोड़ ग्यारह लाख दस हजार रुपये) प्राप्त हुए है जो विगत वर्ष की तुलना से 138 प्रतिशत अधिक है। गेहूँ/चावल भण्डारण वर्ष 2017-18 में निगम द्वारा 26.67 लाख मै0टन का भण्डारण अपने गोदामों में कराया गया जो विगत वर्ष की तुलना में 05 गुना अधिक है तथा वर्ष 2018-19 में निगम के गोदामों में गेहूँ का भण्डारण 20.02 लाख मै0 टन हो चुका है। चावल भण्डारण विगत वर्ष 14.03 लाख मै0टन हुआ था। वर्तमान समय तक 17.70 लाख मै0टन भण्डारित हो चुका है। निगम द्वारा आनलाइन मोबाइल धर्मकांटों की स्थापना में पहला आॅनलाइन मोबाइल धर्मकांटा पी0सी0एफ0 गोदाम भीटी (श्रावस्ती) में स्थापित किया गया है।

उ0प्र0 राज्य भण्डारागार निगम के प्रबन्ध निदेशक श्री आलोक सिंह ने बताया कि भण्डारागार विकास एवं विनियामक प्राधिकरण का गठन ूंतमीवनेपदह ;क्मअमसवचउमदज ंदक त्महनसंजपवदद्ध ।बजए 2007 के अन्तर्गत गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से 26 अक्टूबर 2010 को हुआ था। डब्ल्यू0डी0आर0ए0 का गठन भण्डारगृहों के विकास और विनिमय तथा भण्डारण के व्यवसाय के सुव्यवस्थित विकास को बढ़ावा देने हेतु किया गया था। डब्ल्यू0डी0आर0ए0 में उ0प्र0 राज्य भण्डार निगम के 08 भण्डारगृहों का पंजीकरण कराया गया है। ये 08 गोदाम पनकी इं.ए., जालौन, कालपी, नवीन मण्डी मेरठ, डिबाई, मथुरा इं.ए., खैर तथा बहजोई में अवस्थित हैं। इन गोदामों में अधिसूचित कृषि उत्पाद का भण्डारण किया जायेगा। उक्त भण्डारगृहों में कृषक उत्पादों को भण्डारित करने पर किसानों को डब्ल्यू0डी0आर0ए0 (निगोशियेबिल वेयरहाउस रसीद) का लाभ प्राप्त होगा।

श्री आलोक कुमार ने बताया कि कृषक जितना भी अधिसूचित कृषि उत्पाद डब्ल्यू0डी0आर0ए0 में पंजीकृत भण्डारगृह में भण्डारित करेगा, भण्डारगृह द्वारा उतनी मात्रा की एन.डब्ल्यू0आर0 (निगोशियेबिल वेयरहाउस रसीद) जारी कर कृषक को उपलब्ध करायी जायेगा। कृषक एन.डब्ल्यू0आर0 को बंधक रखकर बैंक से ऋण प्राप्त कर सकता है अथवा एन.डब्ल्यू0आर0 को किसी अन्य को देकर उससे एन.डब्ल्यू0आर0 में उल्लिखित कृषि उत्पाद का मूल्य प्राप्त कर सकता है।

इस अवसर पर सचिव सहकारिता श्री अजय चैहान, आयुक्त एवं निबन्धक सहकारिता श्री नरेेन्द्र कुमार सिंह, विशेष सचिव सहकारिता मो0 जुनीद, प्रबन्ध निदेशक उ0प्र0 राज्य भण्डारण निगम व शीर्ष संस्थाओं/सहकारिता विभाग के अधिकारी आदि उपस्थिति थे।

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