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मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी कीअध्यक्षता में आज यहां लोक भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-

उ0प्र0 निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (तृतीय संशोधन) नियमावली-2018 को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (तृतीय संशोधन) नियमावली-2018 को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके माध्यम से नियमावली के नियम-3 में यह प्राविधान जोड़ा गया है कि ‘6 से 14 वर्ष की आयु समूह का कोई बालक बिना विद्यालय का माना जाएगा, यदि वह किसी प्रारम्भिक विद्यालय में कभी नामांकित न किया गया/की गयी हो, अथवा यदि नामांकन के पश्चात, अनुपस्थिति के कारणों की पूर्व सूचना के बिना, विद्यालय से निरन्तर 45 दिन व उससे अधिक अवधि से अनुपस्थित रहा हो/रही हो।’

इसी प्रकार नियमावली के नियम-19 के उप नियम-1 में यह प्राविधान जोड़ा गया है कि कोई अध्यापक ‘प्रत्येक बालक की सीखने की योग्यता का निर्धारण करेगा और तद्नुसार यथा अपेक्षित अतिरिक्त अनुदेश, यदि कोई हो, की अनुपूर्ति करेगा।’ नियमावली के नियम-22 के उप नियम-3 में यह व्यवस्था की गई है कि ‘शिक्षा के गुणवत्ता के निर्धारण एवं उसमें सुधार हेतु छात्रों द्वारा प्राप्त किये गये शिक्षण परिणामों के आधार पर प्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्रत्येक वर्ष के फरवरी माह में प्रत्येक विद्यालय की ग्रेडिंग की जाएगी।’

मंत्रिपरिषद ने जनपद गौतमबुद्ध नगर में जेवर के निकट नोएडा इन्टरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की स्थापना के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण निर्णय लिये

जनपद गौतमबुद्ध नगर में जेवर के निकट नोएडा इन्टरनेशनल ग्रीनफील्ड की स्थापना के सम्बन्ध में मा0 मंत्रिपरिषद द्वारा निम्नलिखित निर्णय लिए गएः-

परियोजना में 2300 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से 1239.1416 हेक्टेयर भूमि हेतु कुल प्रतिकर लगभग 2852 करोड़ रुपये के व्यय तथा भूमि अर्जन/अधिग्रहण की कुल लागत लगभग 4500 करोड़ रुपए  से राज्य सरकार के अंश के सापेक्ष फिलहाल 1500 करोड़ रुपए  की धनराशि पर कार्योत्तर प्रशासकीय एवं वित्तीय अनुमोदन प्रदान किया गया है।

भू अर्जन हेतु अर्जन व्यय की 2.50 प्रतिशत धनराशि को नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा राजस्व विभाग को दिए जाने से छूट प्रदान किए जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया तथा भूमि अर्जन से सम्बन्धित विभिन्न मदों के अन्तर्गत प्रशासनिक तथा वित्तीय अनुमोदन प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया है।

अर्जन व्यय के रूप में स्वीकृत धनराशि 2,85,01,06,180/- को प्रतिकर के रूप में आॅकलित धनराशि 2852 करोड़ रुपये में समायोजित किए जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया।

नोएडा इन्टरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट में अन्तर्ग्रस्त विभिन्न सरकारी विभागों की भूमि एवं परिसम्पत्तियां, जिनका मूल्यांकन/आंकलन वर्तमान मंे कलेक्टर, जिला गौतमबुद्ध नगर द्वारा किया जा रहा है, को सम्बन्धित विभागों द्वारा निःशुल्क रूप से नागरिक उड्डयन विभाग को उपलब्ध/अन्तरित किए जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया है।

पुनर्वासन एवं पुनव्र्यवस्थापन ;त्-त्द्ध हेतु आवश्यक धनराशि का आॅकलन कलेक्टर, गौतमबुद्ध नगर से प्राप्त होने पर इसके प्रशासकीय तथा वित्तीय अनुमोदन हेतु मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया है।

कन्सल्टेन्ट द्वारा तैयार कराए गए ठपक ;त्थ्फ बनउ त्थ्च्द्ध कवबनउमदज एवं ब्वदबमेेपवद ।हतममउमदज क्वबनउमदज को भारत सरकार के अनुमोदन के उपरान्त च्डप्ब् द्वारा ज्मतउ व ित्ममितमदबम के द्वितीय बिन्दु के अन्तर्गत अपेक्षित कार्यवाही छप्।स् के सहयोग से सम्पादित किए जाने पर अनुमोदन प्रदान किया गया है।

नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ;छप्।स्द्ध कम्पनी को एयरपोर्ट का विकास च्नइसपब च्तपअंजम च्ंतजदमतेीपच ;च्च्च्द्ध मोड पर किए जाने हेतु अधिकृत किए जाने, राज्य सरकार द्वारा अर्जित भूमि को छप्।स् द्वारा लीज पर दिए जाने, विकासकर्ता के चयन तथा एयरपोर्ट के विकास आदि के सम्बन्ध में राज्य सरकार की ओर से भूमि प्रबन्धन हेतु (लीज पर अथवा किसी अन्य प्रकार से) दिये जाने आदि का अधिकार 90 वर्षों के लिए प्रदान किए जाने पर अनुमोदन प्रदान किया गया।

परियोजना के सम्बन्ध में समय-समय पर यथ आवश्यकता निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया है।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों/मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा आंगनबाड़ी सहायिकाओं को परफार्मेन्स लिंक्ड इन्सेन्टिव प्रदान किये जाने का निर्णय

आंगनबाड़ी कार्यकत्री/मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री को 500 रु0 प्रतिमाह तथा आंगनबाड़ी सहायिका को 250 रु0 प्रतिमाह इन्सेन्टिव दिया जाएगा

मंत्रिपरिषद ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों/मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा आंगनबाड़ी सहायिकाओं को परफार्मेन्स लिंक्ड इन्सेन्टिव प्रदान किये जाने का निर्णय लिया है। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्री/मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री को 500 रुपये प्रतिमाह तथा आंगनबाड़ी सहायिका को 250 रुपये प्रतिमाह परफार्मेन्स लिंक्ड इन्सेन्टिव दिया जाएगा।

ज्ञातव्य है कि भारत सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों/मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को को परफार्मेन्स लिंक्ड इन्सेन्टिव का भुगतान पोषण अभियान योजना से आई0सी0डी0एस0-सी0ए0एस0 के अन्तर्गत दिये जाने का निर्णय लिया गया है। इसका व्ययभार निर्धारित केन्द्रांश व राज्यांश के अनुपात 80ः20 के रूप में वहन किया जाएगा।

आंगनबाड़ी सहायिका को परफार्मेन्स लिंक्ड इन्सेन्टिव के रूप में भुगतान की जाने वाली धनराशि पर आने वाला व्ययभार निर्धारित केन्द्रांश व राज्यांश के अनुपात 60ः40 के रूप में वहन किया जाएगा। यह प्रोत्साहन राशि प्रथम बार दी जा रही है।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रीें/मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाएं मोबाइल फोन द्वारा सी0ए0एस0 के माध्यम से योजनाआंे की रिपोर्टिंग, लाभार्थियों का सर्वे व कुपोषण में सुधार की जानकारी वास्तविक समय में करती है। इस कार्य हेतु भारत सरकर द्वारा परफार्मेन्स लिंक्ड इन्सेन्टिव दिये जाने का निर्णय लिया गया है। निर्धारित मापदण्ड के अन्तर्गत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों/मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा सहायिकाओं द्वारा प्रदत्त की जाने वाली सेवाओं का सत्यापन सम्बन्धित जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा किया जाएगा।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों/मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को परफार्मेन्स लिंक्ड इन्सेन्टिव के रूप में प्रतिमाह दी जाने वाली 500 रुपये की धनराशि के फलस्वरूप कुल 112.92 करोड़ रुपये का वार्षिक व्ययभार सम्भावित है। इसी प्रकार आंगनबाड़ी सहायिकाओं को परफार्मेन्स लिंक्ड इन्सेन्टिव के रूप में प्रतिमाह दी जाने वाली 250 रुपये की धनराशि के फलस्वरूप कुल 49.80 करोड़ रुपये का वार्षिक व्ययभार आने की सम्भावना है।

प्ब्क्ै.ब्।ै, राष्ट्रीय पोषण अभियान के संचालन का एक मुख्य अवयव है। इसके अंतर्गत प्रत्येेक आंगनबाड़ी कार्यकत्र्री को आंगनबाड़ी केन्द्र पर किए जाने वाले कार्यों को उपलब्ध कराए गए मोबाइल फोन पर अंकित करना होगा, जो पोषण अभियान के डैशबोर्ड पर परिलक्षित होगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों हेतु प्रस्तावित कार्य आधारित प्रोत्साहन राशि हेतु आवश्यक जानकारी आई0सी0डी0एस0 कैश एप्लीकेशन के माध्यम से प्राप्त की जाएगी तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों के डैशबोर्ड पर प्रतिलक्षित कार्य के आधार पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

आई0सी0डी0एस0 कैश एप्लीकेशन के आ जाने से आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों द्वारा पूर्व में प्रयोग में लाए जा रहे 11 रजिस्टरों में 10 रजिस्टरों के रख-रखाव से मुक्ति मिलेगी तथा 0-5 वर्ष के बच्चों की विकास निगरानी, ग्राम स्वास्थ्य व पोषण दिवस की सेवाएं, पोषाहार का वितरण आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों की उपस्थिति आदि जानकारी एप्लीकेशन पर दर्ज की जा सकेगी, जिससे यह जानकारी आई0सी0डी0एस0 कैश एप्लीकेशन व सम्बन्धित डैशबोर्ड के माध्यम से मुख्य सेविका, बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी व राज्य स्तर पर जानकारी व समीक्षा हेतु उपलब्ध होगी।

03 वर्ष से 06 वर्ष आयु तक के बच्चों हेतु आई0सी0डी0एस0 के अन्तर्गत हाॅट कुक्ड फूड योजना को मध्यान्ह भोजन योजना के उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर संचालित किये जाने का निर्णय

भारत सरकार द्वारा 03 से 06 वर्ष आयु के बच्चों को अनुपूरक पोषाहार प्रदान किये जाने हेतु 8 रुपये प्रति लाभार्थी प्रतिदिन अनुमन्य है। इस धनराशि में से 3.50 प्रति लाभार्थी माॅर्निंग स्नैक्स पर तथा शेष 4.50 हाॅट कुक्ड फूड योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों को 300 कैलोरी व 7 से 8 ग्राम प्रोटीन दिया जाना है।

प्रदेश के 54 जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों में संचालित आंगनबाड़ी कन्द्रों के बच्चों हेतु हाॅट कुक्ड फूड उसी प्राथमिक विद्यालय की रसोई में बनाया जायेगा। इन जनपदों के शहरी क्षेत्रों में भी स्थित आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिक विद्यालय/उच्च प्राथमिक विद्यालयों से सम्बद्ध करके मध्यान्ह भोजन योजना के साथ ही इन केन्द्रों का भोजन तैयार कराकर आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वितरित कराया जाना प्रस्तावित है।

प्रदेश के 21 जनपदों के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भारत सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देश के अनुरूप स्वयं सहायता समूहों ;ैमस िभ्मसच ळतवनचेद्ध के माध्यम से हाॅट कुक्ड फूड योजना संचालित किया जाना प्रस्तावित है। इन आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत बच्चों की माताओं को स्वयं सहायता समूहों का गठन कराये जाने हेतु सम्बन्धित जनपद के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है। हर स्वयं सहायता समूह की 02-03 महिलाओं द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र पर प्रतिदिन गरम खाना तैयार कर लाभार्थियों में वितरित कराया जाना प्रस्तावित है।

54 जनपदों के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के 163287 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मध्यान्ह भोजन योजना के उपलब्ध संसाधनों से हाॅट कुक्ड फूड योजना का संचालन किये जाने की स्थिति में प्रति लाभार्थी 4.50 रुपये की दर से (163287 ग् 25 लाभार्थी प्रति आंगनबाड़ी केन्द्र पर औसत उपस्थित के आधार पर) 4082175 लाभार्थियों के लिये लगभग 45.92 करोड़ मासिक तथा 505.17 करोड़ रुपये वार्षिक व्ययभार होगा।

21 जनपदों के 24710 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर हाॅट कुक्ड फूड योजना संचालित किये जाने की स्थिति में प्रति केन्द्र 6012 रुपये के आधार पर आवश्यक संसाधनों (बर्तन, गैस चूल्हा व सिलेण्डर आदि) के क्रय हेतु लगभग 14.86 करोड़ रुपये एकमुश्त व्यय सम्भावित है। तत्पश्चात 25 लाभार्थी प्रति आंगनबाड़ी केन्द्र पर औसत उपस्थित के आधार पर 617750 लाभार्थियों के लिये प्रति लाभार्थी 4.50 रुपये की दर से 6.95 करोड़ रुपये मासिक तथा 76.45 करोड़ रुपये वार्षिक व्ययभार होगा।

किशोरी बालिकाओं के लिए योजना ;ै।ळद्ध के प्रस्ताव को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने किशोरी बालिकाओं के लिए योजना ;ै।ळद्ध के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। योजना के अन्तर्गत 11 से 14 वर्ष की स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिकाओं को लक्षित समूह में शामिल किया गया है। माह अप्रैल, 2018 के सर्वे के अनुसार 11 से 14 वर्ष की स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिकाओं की संख्या लगभग 5.13 लाख है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किशोरी बालिकाओं को शिक्षित और सशक्त करना है, जिससे वे आत्मनिर्भर तथा जागरूक नागरिक बन सके।

योजना के पोषक घटक के माध्यम से लाभार्थी किशोरी बालिकाओं को वर्ष में 300 दिन अनुपूरक पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अन्तर्गत 22 जनपदों में मीठा दलिया, नमकीन दलिया व लड्डू प्रीमिक्स तथा 53 जनपदों में चावल, गेहूं, देशी काला चना, अरहर दाल व देशी घी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि बालिकाओं को दैनिक रूप से 600 कैलोरी, 18-20 ग्राम प्रोटीन तथा माइक्रोन्यूट्रीएन्ट प्राप्त हो सकें।

योजना के गैर पोषण घटक के रूप में लक्षित किशोरी बालिकाओं को औपचारिक स्कूली शिक्षा में वापस लाने अथवा कौशल प्रशिक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य जांच-पड़ताल तथा रेफरल सेवाएं, आयरन फौलिक एसिड पूरक, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, जीवन कौशल शिक्षा तथा सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंचने का परामर्श/मार्गदर्शन दिया जाएगा। योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु स्वास्थ्य, शिक्षा, युवा कल्याण और खेल, पंचायतीराज आदि विभागों की विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के अन्तर्गत सेवाओं का अभिसरण ;बवदअमतहमदबमद्ध किया जाएगा।

पोषण घटक पर आने वाला व्ययभार भारत सरकार और राज्य सरकार के मध्य 50ः50 तथा गैर पोषण घटक पर आने वाला व्ययभार भारत सरकार और राज्य सरकार के मध्य 60ः40 के अनुपात में वहन किया जाएगा।

वाहन भत्ते के अन्तर्गत वर्तमान में लागू 100 रु0

प्रतिमाह की दर को 200 रु प्रतिमाह किये जाने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने वाहन भत्ते के अन्तर्गत वर्तमान में लागू दर को निम्नानुसार किये जाने का निर्णय लिया है:-

वाहन का नाम वर्तमान दर        (रु0 प्रतिमाह) निर्धारित दर      (रु0 प्रतिमाह)

(1) (2) (3)

साईकिल 100 200

वाहन भत्ते की अनुमन्यता हेतु सम्बन्धित सरकारी सेवक द्वारा साईकिल को संतोषजनक स्थिति में रखे जाने की शर्त को समाप्त किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से वाहन भत्ते पर लगभग 11.10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक व्ययभार अनुमानित है। वाहन भत्ते की पुनरीक्षित/संशोधित दर तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

वर्दी नवीनीकरण की वर्तमान दरों में वृद्धि का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने वर्दी नवीनीकरण की वर्तमान दरों को निम्नानुसार निर्धारित किये जाने का निर्णय लिया है:-

क्र0 सं0 पदनाम वर्तमान में लागू दरें  (प्रतिवर्ष) निर्धारित दरें (प्रतिवर्ष)

(1) (2) (3) (4)

(1) पुलिस बल के समस्त हेड कान्सटेबल/ समतुल्य पद एवं कान्सटेबल/ समतुल्य पद 2250 3000

(2) समस्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 1500 2000

वर्दी नवीनीकरण भत्ते के सम्बन्ध में लिये गये निर्णय से लगभग 3,44,665 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। वित्त विभाग के प्रस्ताव के अनुसार निर्णय लिये जाने से वर्दी नवीनीकरण भत्ते पर लगभग 25.49 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक व्ययभार अनुमानित है। वर्दी नवीनीकरण भत्ते की पुनरीक्षित/संशोधित दरें तत्काल प्रभाव से लागू किये जाने का निर्णय लिया गया है।

जनपद गोरखपुर में मध्यान्ह भोजन योजना का क्रियान्वयन अक्षय पात्र फाउण्डेशन के माध्यम से संचालित कराने के प्रस्ताव को अनुमति

जनपद मथुरा में मध्यान्ह भोजन योजना के क्रियान्वयन के लिए अक्षय पात्र फाउण्डेशन के साथ 05 वर्ष के अनुबन्ध विस्तार के प्रस्ताव को सशर्त मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने जनपद गोरखपुर में मध्यान्ह भोजन योजना का क्रियान्वयन प्रतिष्ठित स्वयं सेवी संस्था अक्षय पात्र फाउण्डेशन के माध्यम से संचालित कराये जाने के प्रस्ताव को अनुमति प्रदान कर दी है। इसके लिए जनपद गोरखपुर में केन्द्रीयकृत किचेन का निर्माण कराया जाएगा। मशीनीकृत केन्द्रीयकृत किचेन की स्थापना के लिए सरकार द्वारा स्वयं सेवी संस्था को 02 से 03 एकड़ भूमि 1000 रुपये प्रति वर्ष प्रति एकड़ की नाॅमिनल दर से 10 वर्षाें के लिए उपलब्ध करायी जाएगी। कार्य संतोषजनक पाये जाने की स्थिति में इसका नवीनीकरण 05-05 वर्षाें के लिए किया जा सकेगा। स्वयं सेवी संस्था को केन्द्रीयकृत किचेन का मात्र उपयोग/उपभोग का अधिकार होगा।

अक्षय पात्र फाउण्डेशन वृन्दावन द्वारा जनपद मथुरा में मध्यान्ह भोजन योजना का संतोषजनक कार्य किये जाने के आधार पर मंत्रिपरिषद ने 12 अगस्त, 2018 के पश्चात 05 वर्षाें के लिए अनुबन्ध के विस्तार सम्बन्धी प्रस्ताव को इस शर्त के साथ मंजूरी प्रदान कर दी है कि केन्द्रीयकृत किचेन निर्माण हेतु भूमि एवं स्थापना के लिए उन्हें अन्य कोई सुविधा नहीं दी जाएगी।

‘यूजर चार्जेज’ लेकर उ0प्र0 सहकारी कताई मिल्स संघ, कानुपर की 09 कताई मिलों को निजी क्षेत्र की भागीदारी से संचालित किए जाने सम्बन्धी शासनादेशों को अपास्त करने का प्रस्ताव अनुमोदित

मंत्रिपरिषद ने ‘यूजर चार्जेज’ लेकर उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल्स संघ लि0, कानुपर की 09 कताई मिलों को निजी क्षेत्र की भागीदारी से संचालित किए जाने सम्बन्धी 12 नवम्बर, 2014 तथा 22 फरवरी, 2016 के शासनादेशों को अपास्त किये जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने उ0प्र0 सहकारी कताई मिल्स संघ लि0 कानपुर की मिलों के परिसमापन सम्बन्धी शासनादेश दिनांक 17 अगस्त, 2006 को पुनस्र्थापित किए जाने का प्रस्ताव भी अनुमोदित कर दिया है।

सीवर/सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुई मृत्यु के सभी मामलों में मृतक के आश्रित परिवार को 10 लाख रु0 की तत्काल राहत प्रदान किए जाने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने मा0 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के परिप्रेक्ष्य में यह निर्णय लिया है कि सीवर/सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुई मृत्यु के सभी मामलों में मृतक के आश्रित परिवार को 10 लाख रुपए की तत्काल राहत, नगरीय क्षेत्र में नगर विकास विभाग तथा ग्रामीण क्षेत्र में पंचायती राज विभाग प्रदान किए जाने के सम्बन्ध में उत्तरदायी होंगे। इस हेतु नगर विकास विभाग तथा पंचायती राज विभाग द्वारा आय-व्ययक में धनराशि की आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

प्रदेश में डिफेन्स काॅरिडोर की स्थापना के सम्बन्ध में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में डिफेन्स काॅरिडोर की स्थापना के सम्बन्ध में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। इसके तहत डिफेन्स काॅरिडोर के लिए लैण्ड बैंक विकसित किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है।  लैण्ड बैंक के लिए झांसी, चित्रकूट, जालौन, अलीगढ़, आगरा व कानपुर में 06 नोड्स की 5125.348 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। प्रथम चरण में प्राथमिकता के आधार पर इन 06 नोड्स में ग्राम समाज एवं विभागीय भूमि का क्रय/पुनर्ग्रहण तथा जिला चित्रकूट, झांसी और जालौन में प्रतिस्थापित अधिनियमों एवं प्रक्रिया के तहत भूमि अधिग्रहण/क्रय/पुनर्ग्रहण/अन्तरण लिया जाना प्रस्तावित है।

डिफेन्स काॅरिडोर के कार्यों के लिए उच्च गुणवत्ता तथा कम लागत पर रक्षा सामग्री प्राप्त करने हेतु तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता है। इस सम्बन्ध में सेण्टर आॅफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानुपर तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी को नामित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई है।

डिफेन्स काॅरिडोर की स्थापना के लिए भूमि क्रय हेतु भारी धनराशि अन्तर्निहित होने के कारण मंत्रिपरिषद ने प्रदेश की वित्तीय संसाधनों तथा लागू की जा रही अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं में व्यय हो रही धनराशि के दृष्टिगत वित्त विभाग की सहमति से हडको से ऋण लिये जाने का प्रस्ताव भी स्वीकृत कर दिया है।

यह भी निर्णय लिया है कि डिफेन्स काॅरिडोर के विकास कार्यों की समयबद्ध ढंग से पूर्ण निगरानी रखने हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक एम्पावर्ड कमेटी (डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्टीयरिंग कमेटी) का गठन किया जाएगा। डिफेन्स काॅरिडोर के दिन-प्रतिदिन के कार्यों के कुशल संचालन हेतु स्पेशल परपज वेहिकिल (एस0पी0वी0) का गठन किया जाएगा। इस एस0पी0वी0 के अध्यक्ष एवं सदस्यों का चयन भारत सरकार/प्रदेश सरकार की नवीनतम डिफेन्स पाॅलिसी एवं गाइडलाइन्स के अनुरूप किया जाएगा। इसके गठन हेतु मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किये जाने का निर्णय भी लिया है। भविष्य में डिफेन्स काॅरिडोर के क्रियान्वयन हेतु किसी प्रस्ताव/संशोधन के लिए मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किये जाने का निर्णय भी मंत्रिपरिषद द्वारा लिया गया है।

प्रासाद स्कीम के अन्तर्गत वाराणसी में गंगा नदी में अस्सी घाट से राजघाट तक क्रूज बोट के संचालन का कार्य भारत सरकार के उपक्रम गोवा शिपयार्ड लि0 से कराने का प्रस्ताव स्वीकृत

मंत्रिपरिषद ने प्रासाद स्कीम के अन्तर्गत वाराणसी के पर्यटन विकास हेतु गंगा नदी में अस्सी घाट से राजघाट तक क्रूज बोट के संचालन की योजना का कार्य भारत सरकार के उपक्रम गोवा शिपयार्ड लि0 से कराए जाने का प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया है।

ज्ञातव्य है कि पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वार प्रासाद स्कीम के अन्तर्गत वाराणसी के पर्यटन विकास हेतु गंगा नदी में अस्सी घाट से राजघाट तक क्रूज बोट के  संचालन हेतु 1070.65 लाख रुपये की योजना को स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त की धनराशि उपलब्ध करायी गई है। उक्त कार्य को सम्पादित कराये जाने हेतु शासन द्वारा उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। कार्यदायी संस्था द्वारा अब तक तीन बार निविदा प्रकाशित करायी  जा चुकी हैं। कार्यदायी संस्था द्वारा यह पाये जाने पर की निविदा प्रक्रिया से यह कार्य कराया जाना सम्भव नहीं है, इसलिए समस्त निविदाएं निरस्त कर दी गई हैं।

अपर मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग की अध्यक्षता में केन्द्रीय पर्यटन योजनाओं की प्रगति से सम्बन्धित समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव एवं महानिदेशक पर्यटन, उ0प्र0 द्वारा अवगत कराया गया कि यदि उक्त योजना हेतु भारत सरकार के उपक्रम गोवा शिपयार्ड लि0 द्वारा आवेनदन किया जाता है, तो मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्राप्त करते हुए गोवा शिपयार्ड लि0 को सीधे प्रश्नगत कार्य आवंटित किया जा सकता है। गोवा शिपयार्ड लि0 द्वारा प्रश्नगत प्रायोजना के क्रियान्वयन हेतु प्रथम भाग के कार्य के लिए 497.61 लाख रुपये, द्वितीय भाग के कार्य हेतु 257.48 लाख रुपए एवं तृतीय भाग के कार्य हेतु 226.41 लाख रुपये अर्थात कुल 981.50 लाख रुपये का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जो कि प्रायोजना के निर्माण कार्य की स्वीकृत लागत की सीमान्तर्गत ही है।

क्रूजबोट निर्माण का कार्य एक विशेष प्रकृति का कार्य है एवं इसका पूर्ण निर्माण करने वाली भारत में अत्यन्त कम एजेन्सियाँ हंै, जिस कारण क्रूजबोट के निर्माण की निविदा में अपेक्षित निविदादाताओं द्वारा प्रतिभाग नहीं किया गया। गोवा शिपयार्ड लि0 कम्पनी भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय का एक उपक्रम है, जिसकी जलयान निर्माण में विशेषता है एवं क्रूज निर्माण का कार्य भी इसी श्रेणी में आता है। इसके दृष्टिगत मंत्रिपरिषद द्वारा यह निर्णय लिया गया।

प्रदेश में गौवंशीय पशुओं में वर्गीकृत वीर्य (सेक्स्ड सीमेन) के उपयोग की योजना स्वीकृत उन्नत प्रजाति की मादा संतति की प्राप्ति से अधिक दुग्ध की उपलब्धता होगी

बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सेक्स्ड सीमेन द्वारा कृत्रिम गर्भाधान कार्य के तहत मात्र 100 रु0 प्रति गर्भाधान लेवी के रूप में पशुपालक से लिया जाएगा

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में गौवंशीय पशुओं में वर्गीकृत वीर्य (सेक्स्ड सीमेन) के उपयोग की योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

यह योजना प्रदेश के समस्त (75) जनपदों में प्रजनन योग्य स्वदेशी नस्ल के गोवंशीय पशुओं में सेक्स्ड सीमेन के प्रयोग द्वारा संचालित की जायेगी। योजनान्तर्गत पशुओं की टैगिंग, फोटोग्राफी, किट द्वारा गर्भ परीक्षण, अनुश्रवण एवं मादा संततियों की रिकाॅर्डिंग भी सम्बन्धित कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता द्वारा किया जाना सम्मिलित है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सेक्स्ड सीमेन द्वारा कृत्रिम गर्भाधान कार्य के तहत मात्र 100 रुपये प्रति गर्भाधान लेवी के रूप में पशुपालक से लिया जाएगा। अन्य जनपदों में प्रति गर्भाधान 300 रुपये पशुपालक से लिया जाएगा।

कृत्रिम गर्भाधान में सेक्स्ड सार्टेड सीमेन के उपयोग से लगभग 90 प्रतिशत उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली मादा संतति (बछिया) ही उत्पन्न होंगी। 90 प्रतिशत नर पशुओं की संख्या में कमी आने से अनुपयोगी नर पशु नहीं होंगे अर्थात् बेसहारा/निराश्रित नर पशुओं की संख्या में कमी आयेगी, जिससे कृषि फसलों का क्षति अनुपात बेहद कम होगा तथा पशुओं से हाने वाली सड़क दुर्घटना में कमी आयेगी। अवर्णित/देसी मादा पशुओं से उच्च गुणवत्तायुक्त संतति उत्पन्न होने पर पशुपालक अपनी कम उत्पादकता वाली गाय तथा संतति की देखभाल करेगा, जिससे मादा गोवंश बेसहारा/निराश्रित पशुओं की संख्या में कमी आयेगी।

इस योजना से प्रदेश के कृषक/पशुपालक लाभान्वित होंगे। उन्नत प्रजाति की मादा संतति की प्राप्ति से अधिक दुग्ध की उपलब्धता होगी, जिससे परिवार के प्रयोग से बचने वाले दुग्ध के विक्रय से कृषक/पशुपालक के लिए अतिरिक्त आय सृजित होगी।

योजना के तहत विभागीय संस्था अतिहिमीकृत वीर्य उत्पादन केन्द्र, बाबूगढ़, हापुड़ पर स्वदेशी गोवंशीय प्रजाति के सेक्स्ड सीमेन का उत्पादन किया जाना है। इसके लिए ग्लोबल टेण्डर प्रक्रिया से चयनित संस्था/फर्म द्वारा वहां वर्गीकृत वीर्य उत्पादन इकाई की स्थापना एवं उत्पादित वर्गीकृत वीर्य का जनपदों को वितरण किया जाएगा।

उ0प्र0 सहकारी चीनी मिल्स संघ की आसवनी इकाइयों में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज संयन्त्रों की स्थापना हेतु एन0सी0डी0सी0 द्वारा स्वीकृत ऋण को शासकीय गारण्टी प्रदान करने तथा गारण्टी शुल्क को माफ करने के प्रस्ताव स्वीकृत

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लि0 की आसवनी इकाई अनूपशहर तथा ननौता एवं सहकारी चीनी मिलों यथा सम्पूर्णनगर, कायमगंज, घोसी तथा नानपारा की आसवनी इकाईयों में इन्सीनरेशन जीरो लिक्विड डिस्चार्ज संयन्त्र के स्थान पर बायोकम्पोस्ट आधारित जीरो लिक्विड डिस्चार्ज संयन्त्रों की स्थापना हेतु एन0सी0डी0सी0 द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रारूप पर एन0सी0डी0सी0 से स्वीकृत ऋण अंकन 11731.50 लाख रुपये की शासकीय गारण्टी प्रदान किये जाने तथा उक्त शासकीय गारण्टी पर गारण्टी शुल्क को माफ किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।

इस परियोजना की स्थापना से इन आसवनियों में एडवान्स प्रोसेस्ड टेक्नालाॅजी का उपयोग करके स्पेन्टवाश की मात्रा 12 से 15 किलोलीटर प्रति आर0एस0 से घटाकर 09 किलोलीटर आर0एस0 किए जाने हेतु फर्मन्टेशन प्रक्रिया में सुधार कर स्पेन्शवास की मात्रा को कम किया जाएगा।

निर्माणाधीन जवाहरपुर तापीय परियोजना से ऊर्जा निकासी से सम्बन्धित पारेषण तन्त्र तथा 400 के0वी0 उपकेन्द्र फिरोजाबाद (सम्बन्धित लाइनों सहित) के टैरिफ बेस्ड काॅम्पटीटिव बिडिंग के माध्यम से निर्माण हेतु मैसर्स पावर

ग्रिड कारपोरेशन आॅफ इण्डिया लिमिटेड का सफल

निविदादाता/विकासकर्ता के रूप में चयन अनुमोदित

मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में निर्माणाधीन जवाहरपुर तापीय परियोजना से ऊर्जा निकासी से सम्बन्धित पारेषण तन्त्र तथा 400 के0वी0 उपकेन्द्र फिरोजाबाद (सम्बन्धित लाइनों सहित) के टैरिफ बेस्ड काॅम्पटीटिव बिडिंग के माध्यम से निर्माण हेतु मैसर्स पावर ग्रिड कारपोरेशन आॅफ इण्डिया लिमिटेड को सफल निविदादाता/विकासकर्ता के रूप में चयन का अनुमोदन प्रदान किया गया। सम्पूर्ण बोली प्रक्रिया भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आॅन-लाइन सम्पादित की गयी।

इस परियोजना से 530 करोड़ रुपये का निजी निवेश प्रदेश में आयेगा, जिससे शासकीय वित्तीय संसाधनों की बचत होगी। काॅम्पटीटिव बिडिंग से प्राप्त टैरिफ कास्ट प्लस टैरिफ से 36 प्रतिशत कम है, जिससे परियोजना के पूर्ण हो जाने के पश्चात विद्युत उपभोक्ताओं पर टैरिफ का बोझ भी कम पड़ेगा।

इस प्रकार अपनायी गयी प्रक्रिया के फलस्वरूप बिडिंग प्रक्रिया में लब्ध-प्रतिष्ठित निविदादाताओं की व्यापक सहभागिता एवं बिडिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित हो सकी।

निर्माणाधीन ओबरा ‘सी’ तापीय परियोजना से ऊर्जा निकासी से सम्बन्धित पारेषण तन्त्र तथा 400 के0वी0 उपकेन्द्र बदायूं (सम्बन्धित लाइनों सहित) के टैरिफ बेस्ड काॅम्पटीटिव बिडिंग के माध्यम से निर्माण हेतु मैसर्स अडानी ट्रान्समिशन लिमिटेड का सफल निविदादाता/विकासकर्ता के रूप में चयन अनुमोदित

  मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में निर्माणाधीन ओबरा ‘सी’ तापीय परियोजना से ऊर्जा निकासी से सम्बन्धित पारेषण तन्त्र तथा 400 के0वी0 उपकेन्द्र बदायूं (सम्बन्धित लाइनों सहित) के टैरिफ बेस्ड काॅम्पटीटिव बिडिंग के माध्यम से निर्माण हेतु मैसर्स अडानी ट्रान्समिशन लिमिटेड को सफल निविदादाता/विकासकर्ता के रूप में चयन का अनुमोदन प्रदान किया गया। सम्पूर्ण बोली प्रक्रिया भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आॅन-लाइन सम्पादित की गयी।

इस परियोजना से 871 करोड़ रुपये का निजी निवेश प्रदेश में आयेगा, जिससे शासकीय वित्तीय संसाधनों की बचत होगी। काॅम्पटीटिव बिडिंग से प्राप्त टैरिफ कास्ट प्लस टैरिफ से 37 प्रतिशत कम है, जिससे परियोजना के पूर्ण हो जाने के पश्चात विद्युत उपभोक्ताओं पर टैरिफ का बोझ भी कम पड़ेगा।

इस प्रकार अपनायी गयी प्रक्रिया के फलस्वरूप बिडिंग प्रक्रिया में लब्ध-प्रतिष्ठित निविदादाताओं की व्यापक सहभागिता एवं बिडिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित हो सकी।

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