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वाणिज्य मंत्री का व्लाडीवोस्टक दौरा संपन्न

नई दिल्ली: केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने हाल ही में रूस के व्लाडीवोस्टक में पूर्वी आर्थिक मंच का दौरा किया। इस दौरे की शुरुआत व्लाडीवोस्टक में भारत के केजीके समूह द्वारा स्थापित हीरों की कटाई एवं तराशने की एक इकाई के दौरे से हुई। इस इकाई में 400 लोग काम करते हैं और यह एक साल में 1,50,000 कैरट हीरों का उत्पादन कर सकती है। पिछले वर्ष रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने इसका उद्घाटन किया था। वाणिज्य मंत्री ने केजीके समूह के एमडी विट्ठल रमानी से हीरा व्यापार के क्षेत्र में भारत में मूल्य संवर्धन की संभावनाओं का पता लगाने के संबंध में चर्चा की।

मंत्री महोदय ने रूस के उप-प्रधानमंत्री यूरी त्रुतनेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। बातचीत आर्थिक वृद्धि के लिये भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने में सहयोग के विषय पर केंद्रित रही।

मंत्री महोदय ने रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्रों  प्रिमराय, याकुटिया, सखालिन, आमूर, मगाडान, कमचटका और खाबरोवोस्क के राज्यपालों, उप-राज्यपालों तथा प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

खनन, कृषि और पर्यटन के क्षेत्र में परस्पर सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर बातचीत हुई। वाणिज्य मंत्री ने उन्हें भारत में उपलब्ध व्यापार एवं निवेश की संभावनाओं एवं भारत सरकार द्वारा इन्वेस्ट इंडिया के जरिये व्यापार बढ़ाने की लिये दी जा रही सहूलियतों की जानकारी दी।

उन्होंने रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्रों के गवर्नरों को प्रतिनिधिमंडल लेकर भारत आने और भारतीय व्यापारियों के साथ साझेदारी के अवसरों का पता लगाने के लिये निमंत्रित किया।

मंत्री महोदय ने रूसी संघ के उद्योग एवं व्यापर मंत्री डेनिस मांटुरोव और सखा गणराज्य के गवर्नर आयसेन निकोलायेव के साथ द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश बढ़ाने के संबंध में चर्चा की।

वाणिज्य मंत्री ने रूसी संघ के प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण मंत्री दिमित्री कोबील्किन के साथ भी बातचीत की। इस बैठक में पर्यावरण संरक्षण, बाघ एवं हाथियों की जनंसख्या, जल सहयोग और पर्यावरण के स्थायित्व को बनाये रखने जैसे विषयों पर बातचीत हुई।

रूस का सुदूर पूर्वी इलाका विश्व में बाघों का सबसे बड़ा निवास क्षेत्र हैं जिसमें धरती के 11% बाघ रहते हैं।

सुरेश प्रभु ने रूसी संघ के आर्थिक विकास मंत्री मैक्जिम ओरेशकिन से भी भेंट की। दोनों पक्षों ने परस्पर विकास के लिये भारत और रूस के आर्थिक संबंधों को और सुदृढ़ बनाने और भविष्य की योजनाओं पर बातचीत की। वाणिज्य मंत्री ने बिजनेस रशिया द्वारा आयोजित समग्र रूस व्यापारी संघ की बैठक में चोटी के सीईओ को भी संबोधित किया जो कि नयी पीढ़ी के रूसी उद्यमियों का संघ है जो कि मुख्य रूप से उत्पादों के बजाय प्रसंस्करण के क्षेत्र में कार्यरत है।

सुरेश प्रभु ने दोनों देशों के बीच व्यापार की असीमित संभावनाओं पर और भारतीय एवं रूसी व्यापारियों के बीच साझेदारी विकसित करने के तरीकों पर संबोधित किया।

तीन दिनों के दौरे के आखिरी दिन वाणिज्य मंत्री ने ‘रूस के सुदूर पूर्व में काष्ठ – उद्योगों के आर्थिक लाभ को बढ़ाना’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इसमें एक टिकाऊ ढंग से परस्पर लाभ के लिये साथ काम करते हुये इस संसाधन के दोहन की संभावनाओं को तलाशने के संबंध में चर्चा हुई।

भारत विश्व में लकड़ी का सबसे बड़ा आयातक देश है और 2016 में 30 लाख घन मीटर लकड़ी का और 3,46,000 घन मीटर ट्रॉपिकल विनीर का आयात किया गया था। यद्यपि इसमें से ज्यादातर आयात मलेशिया, म्यामार, घाना और इक्वाडोर जैसे देशों से किया गया था लेकिन अब भारत को इन देशों से कच्चा माल प्राप्त करने में मुश्किलें आ रही हैं। इस यात्रा से रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र से आपूर्ति की संभावना बनती है जहां इसकी प्रचुरता है।

सुरेश प्रभु ने रूस के तातारस्तान के गवर्नर रुस्तम मिन्निखानोव से भी मुलाकात की और भारत और रूस के बीच दवाओं, वाहनों, कृषि एवं परिवहन के साधनों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

वाणिज्य मंत्री ने पूर्वी रूस के आर्थिक मंच में में ‘वृहद यूरेशिया में डिजिटल परिवहन’ सत्र में भी भाग लिया। मंत्री महोदय ने कहा कि परिवहन के टिकाऊ साधन पूरे विश्व में एक अहम उद्योग के रूप में विकसित हो रहे हैं और भारत भी रूस के साथ हरित परिवहन के क्षेत्र में काम करने की अपेक्षा रखता है।

वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने रेडियो स्पुतनिक के दौरे के साथ अपने व्लाडीवोस्टक दौरे का समापन किया और रूसी व्यापारियों के लिये भारत में निवेश की संभावनाओं एवं अवसरों और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के भावी अवसरों पर चर्चा की।

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