कृषि मंत्री ने रबी फसलों के खरीद केंद्रों की सुस्त कार्यप्रणाली पर जताई कड़ी नाराजगी

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने आज कृषि भवन के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत रबी फसलों की खरीद, उर्वरक उपलब्धता, खरीफ बीज वितरण और सिंचाई योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मंत्री जी ने रबी सीजन में क्रय एजेंसियों द्वारा खरीद की धीमी और लचर प्रगति पर खरीद एजेंसियो को कड़ी फटकार लगाई और खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मूल्य समर्थन योजना (2026-27) की समीक्षा करते हुए कृषि मंत्री जी ने बताया कि वर्तमान में 280 क्रय केंद्र संचालित हैं, जिनसे अब तक 2,759 किसान लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने नैफेड, एनसीसीएफ सहित राज्य की खरीद एजेंसियों (यूपीपीसीएफ, यूपीपीसीयू आदि) को निर्देशित किया कि वे निर्धारित लक्ष्यों (मसूर 6.77 लाख मी.टन, सरसों 5.30 लाख मी.टन, चना 2.24 लाख मी.टन और अरहर 1.13 लाख मी.टन) की प्राप्ति के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करें।
सिंचाई योजनाओं की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सोलर पम्प योजना (पीएम कुसुम) के तहत वर्ष 2013 से 2026 तक कुल 1,01,255 सोलर पम्पों की स्थापना की गई है, जिसमें से रिकॉर्ड 91,104 पम्पों की स्थापना वर्तमान सरकार (2017-2026) के कार्यकाल में हुई है। वर्ष 2024-25 में सर्वाधिक 28,804 पम्पों का लक्ष्य पूर्ण किया गया। किसानों को 2 एचपी से 10 एचपी तक के पम्पों पर 60 प्रतिशत अनुदान (30 प्रतिशत केंद्र तथा 30 प्रतिशत राज्य) प्रदान किया जा रहा है, जिससे कृषि लागत में कमी आ रही है।
इसके अतिरिक्त, वर्षा जल संचयन हेतु खेत तालाब योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए 2,905 तालाबों और 270 पम्पसेटों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के अंतर्गत तालाब निर्माण पर रू0 52,500 का अनुदान डी.बी.टी. के माध्यम से दो किस्तों में दिया जा रहा है। इसके साथ ही पम्पसेट पर 50 प्रतिशत या अधिकतम रू0 15 हजार का अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने हेतु निगरानी बढ़ाने और खरीफ सीजन के लिए उन्नत बीजों का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे खरीद सीजन के लिए बीजों की मांग का आवेदन ंहतपबनसजनतमण्नचण्हवअण्पद पोर्टल पर करें। इसके लिए वे अपने मोबाइल से, नजदीकी जनसेवा केन्द्र (सीएससी) अथवा कृषि विभाग के नजदीकी कार्यालय से आवेदन कर सकते हैं।
समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख सचिव कृषि श्री रवीन्द्र, सचिव कृषि श्री इन्द्र विक्रम सिंह, सचिव नेडा श्री पंकज सिंह, निदेशक कृषि श्री पंकज त्रिपाठी, निदेशक कृषि सांख्यिकी श्रीमती सुमिता सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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