NSE IPO: इसी महीने टूटेगा हुंदई का रिकॉर्ड! देश के सबसे बड़े ₹30,000 करोड़ के आईपीओ को सेबी की हरी झंडी, 14.89 करोड़ शेयरों की होगी बिक्री; जानें संभावित प्राइस बैंड और तारीखें

दलाल स्ट्रीट और प्राथमिक बाजार (Primary Market) के निवेशकों के लिए अब तक की सबसे बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारतीय पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के बहुप्रतीक्षित आईपीओ (Initial Public Offering) को आधिकारिक रूप से अंतिम मंजूरी (Observation Letter) जारी कर दी है। लगभग एक दशक के कानूनी और विनियामक गतिरोधों (को-लोकेशन और डार्क-फाइबर विवाद) के सुलझने के बाद यह ऐतिहासिक पब्लिक इश्यू इसी महीने यानी सितंबर में ही सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है।

इस मेगा आईपीओ का अनुमानित आकार लगभग ₹30,000 करोड़ रहने की संभावना है। इसके आते ही यह भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा। इससे पहले देश के सबसे बड़े आईपीओ का ताज अक्टूबर 2024 में आए हुंदई मोटर इंडिया (₹27,870 करोड़) और मई 2022 के LIC (₹20,557 करोड़) के नाम दर्ज था, जिसका रिकॉर्ड अब टूटना तय माना जा रहा है।

पूरा इश्यू होगा ऑफर फॉर सेल (OFS): 14.89 करोड़ शेयरों की होगी खुली बिक्री

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, एनएसई का यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा।

  • शेयरों की कुल संख्या: मौजूदा शेयरधारकों द्वारा कुल 14,89,05,525 इक्विटी शेयर (लगभग 14.89 करोड़ शेयर) बिक्री के लिए रखे जाएंगे।

  • इक्विटी डायल्यूशन: यह एक्सचेंज की कुल चुकता पूंजी (Paid-up Capital) का लगभग 6 प्रतिशत हिस्सा है।

  • कंपनी को नहीं मिलेगा नया फंड: चूंकि इसमें कोई फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) शामिल नहीं है, इसलिए आईपीओ से जुटाई जाने वाली पूरी राशि शेयर बेचने वाले मौजूदा संस्थागत निवेशकों के खाते में जाएगी, एक्सचेंज को कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी।

कौन-से बड़े शेयरधारक बेच रहे हैं अपनी हिस्सेदारी?

एनएसई के इस विशाल पब्लिक इश्यू में देश के प्रमुख सरकारी व निजी वित्तीय संस्थान अपनी हिस्सेदारी को मोनेटाइज कर रहे हैं:

  1. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI): एसबीआई सबसे बड़ा विक्रेता है, जो 2.48 करोड़ तक शेयर बेचेगा।

  2. एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड: लगभग 1.60 करोड़ शेयर बेचेगी।

  3. अन्य प्रमुख विक्रेता: कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB), अरंदा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस), बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL), जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (GIC Re), न्यू इंडिया एश्योरेंस और नेशनल इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।

क्या होगा संभावित प्राइस बैंड और वैल्यूएशन?

मार्केट एक्सपर्ट्स और मर्चेंट बैंकरों के अनुसार, एनएसई के आईपीओ का आधिकारिक प्राइस बैंड अगले हफ्ते (लगभग 11 सितंबर के आसपास) घोषित किया जा सकता है:

  • संभावित प्राइस बैंड: अनलिस्टेड और प्री-लिस्टिंग ग्रे मार्केट के ट्रेंड्स को देखते हुए जानकारों का अनुमान है कि इसका इश्यू प्राइस ₹1,900 से ₹2,100 प्रति शेयर (अथवा संस्थागत मांग के आधार पर ₹2,000 के आसपास) तय किया जा सकता है।

  • मार्केट कैप और वैल्यूएशन: इस प्राइस बैंड पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का कुल बाजार मूल्यांकन (Market Capitalisation) ₹5 लाख करोड़ से ₹5.25 लाख करोड़ के पार निकल जाएगा।

अनलिस्टेड मार्केट और ग्रे मार्केट में हलचल (GMP Update)

सेबी की मंजूरी मिलते ही अनलिस्टेड और ग्रे मार्केट में एनएसई के शेयरों में भारी लिवाली देखने को मिली है। अनलिस्टेड मार्केट में ट्रेडिंग वॉल्यूम 10 गुना से अधिक बढ़ गया है, जहां शेयर ₹1,950 से ₹2,050 के दायरे में ट्रेड कर रहे हैं। वर्तमान में इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹200 से ₹250 के आसपास कोट किया जा रहा है, जो रिटेल और संस्थागत निवेशकों के बीच इसके जबरदस्त आकर्षण को दर्शाता है।

बीएसई (BSE) पर होगी लिस्टिंग: जानिए अहम टाइमलाइन

चूंकि नियामक नियमों के तहत कोई भी स्टॉक एक्सचेंज अपने ही ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर खुद को लिस्ट नहीं कर सकता (Self-Listing Restriction), इसलिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयर प्रतिद्वंद्वी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगे।

  • प्राइस बैंड का ऐलान: 11 से 12 सितंबर 2026 (संभावित)।

  • सब्सक्रिप्शन विंडो (IPO Opening): 15 सितंबर से 18 सितंबर 2026 के बीच खुलने की संभावना।

  • शेयर अलॉटमेंट व लिस्टिंग: दशहरा से ठीक पहले 24 या 25 सितंबर 2026 तक बीएसई पर लिस्टिंग की तैयारी की जा रही है।

कोटा रिजर्वेशन: रिटेल निवेशकों को कितना मिलेगा हिस्सा?

सेबी के नियमों के अनुसार, इस इश्यू में विभिन्न निवेशक श्रेणियों के लिए आरक्षण का ढांचा इस प्रकार रहेगा:

  • योग्य संस्थागत खरीदार (QIB): कुल नेट ऑफर का 50%।

  • गैर-संस्थागत निवेशक (NII / HNI): कुल ऑफर का 15%।

  • खुदरा व्यक्तिगत निवेशक (Retail): कुल ऑफर का 35% हिस्सा सामान्य रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा।

डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग और कैश टर्नओवर में दुनिया के सबसे सक्रिय एक्सचेंजों में शुमार एनएसई के इस मेगा आईपीओ को लेकर घरेलू म्यूचुअल फंड्स, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) और खुदरा निवेशकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

Related Articles

Back to top button