बाबर और औरंगजेब में विश्वास रखने वाले कभी आपकी आस्था का सम्मान नहीं कर सकते’, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा में गरजे सीएम योगी

उत्तर प्रदेश की पावन नगरी मथुरा में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस बार बेहद भव्य और ऐतिहासिक अंदाज में मनाया जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत करके माहौल को पूरी तरह से भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के इस पावन अवसर पर मथुरा पहुंचे मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों और वैचारिक विरोधियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बिना नाम लिए उन ताकतों को आड़े हाथों लिया जो सनातन संस्कृति और आस्था के केंद्रों के विकास में रोड़ा अटकाते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपने ओजस्वी भाषण में स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग बाबर और औरंगजेब की विचारधारा में विश्वास रखते हैं और उनका महिमामंडन करते हैं, वे कभी भी देश की बहुसंख्यक जनता की धार्मिक आस्था और परंपराओं का सम्मान नहीं कर सकते। उनके इस तीखे और बेबाक बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से गर्मागरम बहस छिड़ गई है और चारों तरफ इसी बात की चर्चा हो रही है।

सनातन संस्कृति के पुनरुद्धार और मथुरा के विकास का संकल्प

ब्रज भूमि और श्री कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा के विकास को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है, और इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में यह दोहराया कि राज्य सरकार सनातन संस्कृति के गौरव को पुनः स्थापित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। पिछले कुछ वर्षों में अयोध्या, काशी और अब मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में हुए विकास कार्यों ने यह साबित कर दिया है कि धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने के मामले में सरकार कितनी संजीदा है। सीएम योगी ने कहा कि एक समय था जब हमारी सांस्कृतिक पहचान और आस्था के केंद्रों की उपेक्षा की जाती थी, लेकिन आज डबल इंजन की सरकार में भारत के प्राचीन वैभव को आधुनिकता के साथ जोड़ा जा रहा है। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के जीवन दर्शन से प्रेरणा लेते हुए समाज के सभी वर्गों से एकजुट रहने और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया, जिससे प्रदेश में शांति, सुरक्षा और समृद्धि का माहौल लगातार बना रहे।

ऐतिहासिक संदर्भों और आक्रांताओं की मानसिकता पर सीएम योगी का कड़ा प्रहार

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए देश पर आक्रमण करने वाले मुगलों और आक्रांताओं की मानसिकता पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भारत की प्राचीन सभ्यताओं, मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों को नेस्तनाबूद करने का पाप किया था, आज भी कुछ राजनीतिक दल और वैचारिक समूह उन्हीं आक्रांताओं को अपना आदर्श मानते हैं। जो लोग बाबर और औरंगजेब को अपना नायक मानते हैं, उनसे यह उम्मीद करना बेमानी है कि वे देश की बहुसंख्यक आबादी की भावनाओं और पर्वों का सम्मान करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों की राजनीति हमेशा तुष्टीकरण और समाज को बांटने वाली रही है, जिसे जनता अब अच्छी तरह से समझ चुकी है। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की कि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करें और ऐसी विभाजनकारी ताकतों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दें जो हमारी आस्था पर चोट करने का प्रयास करती हैं।

जन्माष्टमी के पावन पर्व पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का पुख्ता जायजा

मथुरा में आयोजित होने वाले मुख्य जन्मोत्सव कार्यक्रम में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद पूरे मेला क्षेत्र, बांके बिहारी मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाहर से आने वाले किसी भी भक्त को असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करके साफ निर्देश दिए कि त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। मुख्यमंत्री के इस दौरे और उनके कड़े संदेश के बाद से पूरे ब्रज क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया गया है, जिससे श्रद्धालु बिना किसी डर और चिंता के कान्हा के जन्मोत्सव का आनंद ले सकें।

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