वर्ल्ड फिश मलेशिया एवं मत्स्य विभाग उत्तर प्रदेश के मध्य एमओयू पर चर्चा हेतु बैठक
श्री के0वी0 राजू आर्थिक सलाहकार, मा. मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में वर्ल्ड फिश मलेशिया एवं मत्स्य विभाग उत्तर प्रदेश के मध्य प्रस्तावित एमओयू पर चर्चा करने हेतु होटल ताज, गोमती नगर लखनऊ में कल मंगलवार को बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में श्री मुकेश कुमार मेश्राम, अपर मुख्य सचिव पशुपालन, दुग्ध एवं मत्स्य, श्री बाबू लाल मीणा, अपर मुख्य सचिव उद्यान, श्रीमती धनलक्ष्मी के, महानिदेशक मत्स्य, श्री सुनील कुमार वर्मा, विशेष सचिव मत्स्य, श्री सयान नियोगी, चीफ आपरेटिंग आफीसर वर्ल्ड फिश मलेशिया, श्री अरून पदेयार, कन्ट्री प्रोग्राम लीड फार वर्ल्ड फिश, श्री एन.एस. रहमानी, निदेशक मत्स्य, श्री अनिल कुमार, संयुक्त निदेशक मत्स्य, डिलोइट टीम से श्री आलोक एवं निदेशालय के समस्त उपनिदेशक मत्स्य तथा उपनिदेशक मत्स्य गोरखपुर उपस्थित थे।
श्री के0वी0 राजू द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए इसके महत्त्व पर चर्चा की गई और बताया गया कि प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में वर्ल्डफिश उत्तर प्रदेश मत्स्य परियोजना का क्रियान्वयन एवं संचालन करने के उद्देश्य करने से यह योजना संचालित की जा रही है। प्रस्तुत योजना के माध्यम से जनपद गोरखपुर तथा आस-पास के क्षेत्रों में उच्च उपज वाली मत्स्य प्रजातियों के आनुवंशिक रूप से उन्नत प्रजाति की मछली जैसे पेंगसियस, तिलापिया, अमृत कतला, जयन्ती रोहू, अमुर कॉमन कार्प के प्रजनकों का स्टॉक तैयार करना जिससे इस प्रजाति के मछलियों के मत्स्य बीज उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।
श्री आलोक डिलोइट टीम द्वारा पूर्वाचल में मत्स्य विभाग की अपार संभावनाओं पर एक प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत किया गया, और पूर्वाचल के जनपदों में स्थित जल संसाधनों, हैचरी, फिश फार्म तथा जलाशय के बारे में बताया गया। यह भी अवगत कराया गया कि पूर्वांचल के जनपद सिद्धार्थनगर को भारत सरकार द्वारा पंगेसियस क्लस्टर घोषित किया गया और जनपद चंदौली में भारत सरकार के सहयोग से संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत अल्ट्रा मॉडल व्होल सेल फिश मार्केट का निर्माण कराया गया।
बैठक में उपस्थित वर्ल्ड फिश से श्री अरुण पड़ियार द्वारा बताया गया कि वर्ल्ड फिश से एमओयू की समय सीमा जो प्रारंभ में 3 वर्ष है उसे आवश्यकतानुसार और अवधि के लिए बढ़ाया जाए तथा बजट की उपलब्ध भी आवश्यकतानुसार बढ़ाई जाए, जिससे वर्ल्ड फिश द्वारा नूक्लीअस ब्रीडिंग सेंटर, नई तकनीक, नई प्रजाति, ब्रूड बैंक, जर्मप्लाज्म आदि की उपलब्धता उत्तर प्रदेश को कराई जा सके।
मत्स्य विभाग द्वारा जनेटिकली इम्प्रूब सीड्स पर जोर देते इसकी उपलब्धता, वर्ल्ड फिश से अनुबंध की समय सीमा में वृद्धि, उन्नत किस्म की मत्स्य प्रजाति, तकनीक और ब्रूड बैंक आदि एमओयू को शामिल करने हेतु अपने विचार व्यक्त किए तथा अपेक्षा की गयी कि वर्ल्ड फिश प्रदेश मे पाली जा रही मत्स्य प्रजातियों के अलावा अन्य विदेशी प्रजाति को भी उत्तर प्रदेश में लाया जाए एवं वर्ल्ड फिश द्वारा हैचरी संचालकों को आयोजित पेंगेसियस मछली बीज उत्पादन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी प्रशिक्षण तथा एक्सपोज़र एक्सपोज़र विज़िट कराया जाए।
अपर मुख्य सचिव मत्स्य श्री मुकेश कुमार मेश्राम द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ल्ड फिश से एमओयू में प्रदेश में उपलब्ध जल संसाधनों की डिजिटल मैपिंग की जाए और इसके लिए एक डैशबोर्ड बनाया जाए, प्रदेश में उपलब्ध सेलाइन क्षेत्र में मत्स्य पालन को एमओयू में शामिल किया जाए और अगले दो महीनों में इसके संचालन पर जोर दिया गया।
महानिदेशक मत्स्य श्रीमती धनलक्ष्मी के0 द्वारा वर्ल्ड फिश से एमओयू हेतु कहा गया कि एमओयू स्पष्ट होना चाहिए तथा यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू की जाएगी वर्ल्डफिश उत्तर प्रदेश मत्स्य योजना शत-प्रतिशत राज्य पोषित परियोजना है। जिसमे उल्लिखित गतिविधियों को क्रियान्वित व संचालित करने हेतु कुल रु० 600 लाख के बज़ट का प्राविधान है।




