Ganga Expressway हुआ रेडी, जानें कब से फर्राटा भरेंगे वाहन

स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ और प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। फिलहाल हाईवे (highway) के किनारे सुरक्षा दीवार बनाने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि लोकार्पण के लिए अब केवल मुख्यमंत्री की हरी झंडी का इंतजार है और एक से दो महीने के भीतर एक्सप्रेस-वे को आम जनता के लिए शुरू कर दिया जाएगा।

मनोज कुमार सिंह ने गंगा एक्सप्रेस-वे के खड़खड़ी टोल प्लाजा पर मीडिया से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे प्रदेश सरकार का एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जो उत्तर प्रदेश के दो किनारों को जोड़ने के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी गति देगा। एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक क्षेत्र (Industrial area along the expressway) विकसित किए जा रहे हैं, जिनके पूरा होने पर उत्तर प्रदेश एक मजबूत औद्योगिक प्रदेश के रूप में उभरेगा। उन्होंने दोहराया कि एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार है और फिलहाल इसके किनारे सुरक्षा दीवार बनाने का काम जारी है।

एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर सुरक्षा दीवार बनाने का काम तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री से ग्रीन सिग्नल (Green signal) मिलते ही करीब 1 से 2 महीने के भीतर गंगा एक्सप्रेसवे को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। बता दें कि पूर्व मुख्य सचिव रविवार को गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लेने के लिए मेरठ पहुंचे थे।

यहां गांव बिजौली स्थित गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway at Bijauli) के प्रवेश स्थल पर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान भानु चंद्र गोस्वामी, डॉ. वीके सिंह, अभिषेक पांडेय, सत्य प्रकाश सिंह, यूपीडा की परियोजना क्रियान्वयन इकाई के परियोजना निदेशक राकेश मोघा, गंगा एक्सप्रेस-वे की संचालन एजेंसी आईआरबी (IRB, the operating agency of Ganga Expressway) के मुख्य महाप्रबंधक अनूप सिंह सहित कई प्रशासनिक और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

खड़खड़ी टोल प्लाजा (Kharkhari Toll Plaza) पर रुक कर उन्होंने वहां अशोक का पौधा लगाया। अधिकारियों का काफिला उनके साथ बदायूं तक गया। मनोज कुमार सिंह लखनऊ तक इस मार्ग का निरीक्षण करेंगे।

बिना बैरियर के कैसे हो रही है वाहनों की एंट्री-

मनोज कुमार सिंह ने टोल प्लाजा (toll plaza) पर पहुंचकर यूपीडा और आईआरबी के अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने पूछा कि बिना बैरियर वाहनों की एंट्री किस तकनीक से हो रही है। इस पर आईआरबी के सीजीएम अनूप सिंह ने बताया कि यह अत्याधुनिक तकनीक है, जिसमें वाहनों को प्रवेश के लिए रोकने की जरूरत नहीं पड़ती।

आने वाले समय में निकास के दौरान टोल भी इसी तकनीक से अपने आप काट लिया जाएगा, जिससे वाहनों को रुकने की जरूरत नहीं होगी। अधिकारियों के मुताबिक, गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) पर यह अत्याधुनिक सिस्टम करीब एक साल के भीतर पूरी तरह लागू हो जाएगा।

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