गणेश चतुर्थी: गणपति स्थापना एवं सरल पूजा विधि! – Online Latest News Hindi News , Bollywood News
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गणेश चतुर्थी: गणपति स्थापना एवं सरल पूजा विधि!

नमस्कार दोस्तों, कैसे हैं आप? तो दोस्तों आप सबका मेरे चैनल मंत्रा टाइम में बहुत-बहुत स्वागत है . सबसे पहले आप सभी के लिए गणेश चतुर्थी की बहुत बहुत शुभकामनाएं और बधाइयां . इस बार महा गणेश चतुर्थी पर गणेश जी की स्थापना का जो दिन है वह होगा 2 सितंबर 2019 सोमवार के दिन.

दोस्तों, हमारे हिंदू धर्म के अनुसार गणपति पूजा का विशेष महत्व है अतः इस पूजा में किसी तरह की गलती नहीं होनी चाहिए. प्रतिवर्ष गणेश चतुर्थी पर गणेश जी की स्थापना की जाती है और उनकी उनका पूजन किया जाता है. गणेश चतुर्थी पर स्थापना के बाद उनको फल, मोदक, मेवा, मिठाई, फूल , भोग आदि चढ़ाए जाते हैं। अपनी-2 श्रद्धा के अनुसार लोग 1,3,5,7,9 और 11 दिन के लिए गणपति को अपने घर स्थापित करते हैं, उनकी पूजा करते हैं और उसके बाद अनंत चौदस वाले दिन उनको विसर्जित करते हैं.

हिंदू धर्म में बुधवार का दिन गणेश जी का माना जाता है. इसलिए किसी को भी गणेश जी का पूजन करना होता है तो बुधवार का दिन सबसे शुभ माना गया है. लेकिन गणेश चतुर्थी का अपना अलग ही महत्व है. आज हम गणेश जी के पूजन की विधि बताने जा रहे हैं जिसके अनुसार पूजा करके आप गणेश जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं. गणेश चतुर्थी को कलंक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. प्रतिवर्ष भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन यह त्योहार मनाया जाता है. चतुर्थी के दिन ही गणेश जी की उत्पत्ति हुई थी इसलिए इस दिन का अपना एक विशेष महत्व होता है।

अब हम आपको गणेश जी की पूजा में काम आने वाली सामग्री के बारे में बताते हैं. तो सबसे पहले आपको गणेश जी की प्रतिमा चाहिए। गणेश जी को स्नान कराने हेतु पात्र, अक्षत, यानी चावल के दाने, धूप ,दीप, अगरबत्ती और कपूर।साथ ही मोदक, लाल चंदन, रोली, सिंदूर और हल्दी। लाल पुष्प, पान का पत्ता, फल, गंगा जल, पंचामृत, नैवेद्य और आरती करने के लिए पूजा की थाली।

आसन पर बैठकर पूजा करने का संकल्प लें. संकल्प करते समय हाथ में जल, पुष्प, और अक्षत लें और संकल्प लेते समय उस वर्ष का नाम, दिन का नाम. दिनांक का नाम और जगह का नाम ले. साथ ही अपने गौत्र का नाम, अपना नाम और अपनी मनोकामना बोले।इसके पश्चात हाथ में रखी हुई सामग्री को जमीन पर समर्पित करें। इसके बाद गणेश जी पर अक्षत चढ़ाएं और गणेश जी का आवाहन करें और उनको बोले कि हे विघ्नहर्ता ! इस मूर्ति में विराजमान होइए।

पूजा करने के बाद 108 बार “ओम गणेशाय नमः” मंत्र का जाप करें। दोस्तों इस विधि से पूजा करेंगे तो अवश्य ही गणेश जी आप पर अपनी कृपा बनाये रखेंगे।

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