किसानों का उनके निकटतम स्थित उचित दर दुकानदारों के माध्यम से पंजीकरण हो सकेगा

अध्यात्म कृषि संबंधित

लखनऊः प्रदेश सरकार ने किसानों को उनके निकटतम स्थित उचित दर दुकानदारों के माध्यम से पंजीकरण कराए जाने का निर्णय लिया है। इस हेतु उचित दर विक्रेता पंजीकरण हेतु इच्छुक किसान द्वारा अपेक्षित अभिलेखों के साथ संपर्क किए जाने पर, मोबाइल/टेबलेट, डेस्कटाॅप/लैपटॉप के माध्यम से उसका पंजीकरण सम्पन्न करेगा अथवा पंजीकरण करने में सहयोग करेगा। इस संबंध में प्रदेश के खाद्य आयुक्त श्री सौरभ बाबू द्वारा प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों तथा जिला पूर्ति अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
यह जानकारी अपर खाद्य आयुक्त, श्री अनिल कुमार दुबे ने आज यहां देते हुए बताया कि किसान पंजीकरण हेतु आवेदन के लिए विभागीय वेबसाइट पर ‘खरीद हेतु किसान पंजीकरण‘ लिंक पर पंजीकरण के लिए अंकित स्टेप-1 से स्टेप-5 तक का पालन करना है। ऑनलाइन किसान पंजीकरण करने से पूर्व स्टेप-1 पंजीकरण प्रारूप डाउनलोड करके प्रिंट करना होगा और प्रिंट किये गये प्रारूप की जांच करके आवश्यक सूचनाएं भरनी होंगी।
श्री दुबे ने बताया कि किसान पंजीकरण में फसल (धान) हेतु उपयोग की जाने वाली सभी भूमियों का विवरण देना अनिवार्य है। इसके साथ ही गन्ना एवं अन्य फसल से आच्छादित रकबे की घोषणा करनी है। इस वर्ष आधार लिंक मोबाइल नंबर पर ओ0टी0पी0 आधारित पंजीकरण की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए किसानों को पंजीकरण के समय अपना आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर ही अंकित कराना होगा, ताकि एस0एम0एस द्वारा प्रेषित ओ0टी0पी0 को भरकर पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। भूमि विवरण के साथ खतौनी/खाता संख्या, प्लॉट/खसरा संख्या, भूमि का रकबा भरना अनिवार्य है।
अपर आयुक्त ने बताया कि आधार में पंजीकृत मोबाइल नंबर जांचने हेतु ीजजचेरूध्ध्तमेपकमदजण्नपकंपण्हवअण्पदध्अमतपलि लिंक उपलब्ध किया गया है। किसानों को अपना आधार संख्या, आधार कार्ड में अपना नाम, लिंग तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर सही-सही अंकित करना होगा। कृषकों को विभिन्न प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी यथा क्रय भुगतान आदि से आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर पर ही प्राप्त होगा। किसान अपना बैंक खाता सी0बी0एस0 युक्त बैंक खाता में खाता खुलवाना होगा तथा बैंक खाते को आधार से लिंक करवाना होगा। धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान आधार से लिंक बैंक खाते में ही किया जाएगा।
अपर आयुक्त ने बताया कि किसानों को अपना खाता जांच कर यह सुनिश्चित करना होगा कि जितनी मात्रा का विक्रय किया जाना है उसके सापेक्ष धनराशि किसान के खाते में ऑनलाइन व्यवस्था द्वारा अन्तरित की जा सकती हो।  किसानांे द्वारा उनके बैंक खाते आधार से लिंक न करने की दिशा में भुगतान नहीं किया जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि खाद्य एवं रसद विभाग, उत्तर प्रदेश की विभागीय वेबसाइट बिेण्नचण्हवअण्पद पर धान विक्रय हेतु किसानों के पंजीकरण की व्यवस्था आॅनलाइन उपलब्ध है। धान क्रय 2021-22 का कार्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक अक्टूबर, 2021 से प्रारम्भ हो गया है तथा उत्तर प्रदेश के शेष भागों में धान क्रय का कार्य आगामी एक नवम्बर, 2021 से प्रारम्भ होगा।

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