आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता से भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो रहीं बेटियां- संदीप सिंह

उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों (केजीबीवी) में बालिकाओं को नेतृत्व, आत्मनिर्भरता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए व्यापक स्तर पर विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आयोजित इन प्रेरणादायी कार्यक्रमों में 50 हजार से अधिक बालिकाओं ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की। इस अनूठी पहल के माध्यम से छात्राओं को अपनी अंतर्निहित क्षमताओं को पहचानने, स्वतंत्र निर्णय लेने तथा भविष्य में महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी दायित्व निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के तहत बालिकाओं को केवल पारंपरिक जागरूकता सत्रों तक सीमित न रखकर उन्हें सीधे नेतृत्व की भूमिका में आगे लाया गया। विभिन्न जनपदों में छात्राओं को विद्यालयों में प्रधानाध्यापक की कमान सौंपने के साथ-साथ जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली को करीब से समझने का प्रत्यक्ष अवसर दिया गया। इसी क्रम में हरदोई जनपद के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सुरसा की छात्राओं ने एक दिन की जिलाधिकारी (डीएम), मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) तथा जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के रूप में प्रतीकात्मक जिम्मेदारियां संभालकर प्रशासनिक व्यवस्था और जनहितैषी निर्णयों की बारीकियों को समझा। वहीं राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के अन्य जनपदों में भी बालिकाओं को सार्वजनिक संस्थानों एवं कार्यालयों की कार्यप्रणाली से परिचित कराया गया, जिससे उनमें निर्णय क्षमता, उत्कृष्ट संवाद कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का संचार हुआ।
इसके अतिरिक्त विद्यालयों में बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा और अधिकारों के प्रति सजगता बढ़ाने के लिए प्रभात फेरियों, जागरूकता रैलियों, पोस्टर-चार्ट निर्माण, विचार-विमर्श और नुक्कड़ नाट्य प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। इन रचनात्मक माध्यमों से बालिकाओं को सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरूक करते हुए निडरता व आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान प्रदेश की बेटियों को सशक्त, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक युगांतकारी पहल है। प्रदेश सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक बेटी को शिक्षा के साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। विद्यालयों में नेतृत्व और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव मिलने से बालिकाओं में निर्णय लेने की क्षमता विकसित होगी और वे भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि मिशन शक्ति के अंतर्गत विद्यालयों में आयोजित गतिविधियां बालिकाओं के सर्वांगीण विकास को नई दिशा दे रही हैं। छात्राओं को नेतृत्व की जिम्मेदारियां सौंपने और प्रशासनिक व्यवस्था से रूबरू कराने से उनके आत्मविश्वास, संवाद कौशल और दायित्वबोध में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग विद्यालयों में ऐसा सुरक्षित, समावेशी और प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां प्रत्येक बालिका अपनी वास्तविक क्षमता को पहचानकर सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर हो सके।




