तकनीकी शिक्षा को उद्योगों से जोड़कर युवाओं को बनाया जाएगा आत्मनिर्भर-आशीष पटेल

प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में तकनीकी शिक्षा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। तकनीकी संस्थानों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करते हुए छात्रों को व्यवहारिक एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि युवा सीधे उद्योगों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें।
मंत्री पटेल मंगलवार को विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष संख्या-87 में डिलाइट के प्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक  कर रहे थे। बैठक में तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्लेसमेंट पोर्टल, एआई इंटीग्रेशन, नैक एवं एनआईआरएफ रैंकिंग, इंडस्ट्रियल विजिट, इंडस्ट्री पार्टनरशिप तथा विभिन्न एमओयू की प्रगति की समीक्षा की गई।
मंत्री पटेल ने तकनीकी संस्थानों में इंडस्ट्रियल विजिट और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग को अनिवार्य बनाए जाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग के छात्रों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जा सकता। सिविल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को एक्सप्रेसवे, टनल एवं डैम निर्माण स्थलों का भ्रमण कराया जाए, जबकि मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्रों को ईवी निर्माण इकाइयों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों का व्यावहारिक अनुभव दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक छात्र के लिए कम से कम दो इंडस्ट्रियल विजिट अनिवार्य करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए।
बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा विकसित प्लेसमेंट पोर्टल पर 8 हजार से अधिक छात्र ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं। साथ ही दंनातपण्बवउ के सहयोग से उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए विशेष लैंडिंग पेज तैयार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिक अवसर मिल सकेंगे। नैक, एनआईआरएफ एवं एसआईआरएफ रैंकिंग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी संस्थानों में फैकल्टी भर्ती एवं छात्रों के प्लेसमेंट पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। सभी आरएससी एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों को रैंकिंग एवं गुणवत्ता सुधार के लिए तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एआई आधारित पाठ्यक्रमों के समावेशन पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इंफोसिस सहित विभिन्न संस्थानों के सहयोग से नई तकनीकों एवं एआई इंटीग्रेशन आधारित पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं, ताकि छात्रों को न्यू एज टेक्नोलॉजी के अनुरूप दक्ष बनाया जा सके।

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