BRICS Summit Impact: दिल्ली के लग्जरी होटल हुए हाउसफुल! 1 रात के कमरे का किराया ₹1 लाख से ₹2.5 लाख के पार, जानिए ब्रिक्स सम्मेलन से क्यों बढ़ी भारी डिमांड

देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) को लेकर शहर के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर और फाइव स्टार होटलों में जबरदस्त हलचल मच गई है। 12 और 13 सितंबर को प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में होने वाले इस बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों, भागीदार देशों और विशेष आमंत्रित राष्ट्राध्यक्षों समेत दुनिया भर से उच्चस्तरीय राजनयिक प्रतिनिधिमंडल (Delegates) दिल्ली पहुंच रहे हैं।

विदेशी मेहमानों, सुरक्षा एजेंसियों और बिजनेस डेलीगेट्स की भारी मांग के कारण लुटियंस दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के लगभग सभी प्रमुख लग्जरी होटल पूरी तरह पैक (Sold Out) हो चुके हैं। जिन होटलों में कुछ गिने-चुने कमरे उपलब्ध हैं, उनका प्रति रात का किराया छह अंकों यानी ₹1 लाख से लेकर ₹2.5 लाख तक पहुंच गया है।

ताज, ओबेरॉय और लीला पैलेस में नो-वैकेंसी: बुकिंग खिड़की बंद

ट्रैवल व होटल बुकिंग पोर्टल्स की ताजा पड़ताल के अनुसार, 10 से 14 सितंबर की तारीखों के लिए सेंट्रल और साउथ दिल्ली के शीर्ष लग्जरी होटलों में कमरे मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है:

  • ताज महल होटल और ताज पैलेस (Taj Hotels): नई दिल्ली के प्रतिष्ठित मानसिंह रोड स्थित 'ताज महल' और चाणक्यपुरी के 'ताज पैलेस' में 11 से 13 सितंबर के बीच सभी सामान्य व प्रीमियम कमरे पूरी तरह बुक हो चुके हैं और इन तारीखों के लिए नई बुकिंग बंद कर दी गई है।

  • द ओबेरॉय, नई दिल्ली (The Oberoi): गोल्फ कोर्स के पास स्थित इस प्रीमियम प्रॉपर्टी में 11 और 12 सितंबर के लिए कमरों की उपलब्धता शून्य दर्शाई जा रही है।

  • द लीला पैलेस (The Leela Palace): राजनयिक एन्क्लेव (चाणक्यपुरी) में स्थित लीला पैलेस ने भी शिखर सम्मेलन की तारीखों के लिए सामान्य बुकिंग स्वीकार करना बंद कर दिया है।

  • द इंपीरियल और ले मेरिडियन (The Imperial & Le Méridien): जनपथ और कनॉट प्लेस के पास स्थित इन होटलों में 10 से 13 सितंबर के बीच सभी मुख्य कमरे फुल हैं।

1 रात का किराया ₹1 लाख से ₹2.5 लाख के पार

जिन चंद होटलों में अंतिम क्षणों के लिए कुछ प्रीमियम सुइट्स या एग्जीक्यूटिव कमरे बचे हुए हैं, उनके दाम में भारी उछाल दर्ज किया गया है:

होटल का नाम सामान्य दिनों का न्यूनतम किराया 11-13 सितंबर का अनुमानित किराया (प्रति रात)
आईटीसी मौर्या (ITC Maurya, New Delhi) ₹18,000 – ₹25,000 ₹70,000 से ₹2.55 लाख
शांगरी-ला इरोज (Shangri-La Eros) ₹15,000 – ₹22,000 ₹1.21 लाख से ₹1.50 लाख
द इंपीरियल (The Imperial, Janpath) ₹20,000 – ₹28,000 ₹80,000 से ₹2.00 लाख
ले मेरिडियन (Le Méridien, Windsor Place) ₹14,000 – ₹18,000 ₹78,000 से ₹1.80 लाख

होटल उद्योग के जानकारों का कहना है कि यह दरें डायनेमिक प्राइसिंग एल्गोरिदम के आधार पर तय होती हैं, जहां मांग बढ़ने पर कीमतें स्वचालित रूप से बढ़ जाती हैं।

2 दिन का इवेंट, लेकिन कई दिनों तक रहेगा दबाव

भले ही ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मुख्य बैठकें 12 और 13 सितंबर को निर्धारित हैं, लेकिन इसका प्रभाव पूरे हफ्ते पर देखा जा रहा है।

शिखर सम्मेलन से पहले एडवांस सिक्योरिटी टीमें, तकनीकी सलाहकार, अंतरराष्ट्रीय मीडिया और बिजनेस फोरम के प्रतिनिधि 8-9 सितंबर से ही दिल्ली पहुंचना शुरू कर रहे हैं। इसके अलावा, कई विदेशी मेहमान द्विपक्षीय बैठकों और पर्यटन के चलते अपना स्टे सम्मेलन खत्म होने के बाद 15 सितंबर तक बढ़ा रहे हैं। इसके चलते 7 से 14 सितंबर तक नई दिल्ली के कोर डिप्लोमैटिक जोन में कमरों की सप्लाई पर अत्यधिक दबाव बना हुआ है।

सामान्य पर्यटकों, कॉरपोरेट यात्रियों और परिवारों पर क्या पड़ेगा असर?

ब्रिक्स सम्मेलन के चलते होटल बाजार में आए इस उछाल का सीधा असर आम यात्रियों और पर्यटकों पर पड़ रहा है:

  • कॉरपोरेट और बिजनेस ट्रेवल पर असर: सितंबर के दूसरे हफ्ते में बिजनेस या आधिकारिक काम से दिल्ली आने वाले घरेलू यात्रियों को सेंट्रल दिल्ली में ठहरने के लिए कई गुना ज्यादा बजट खर्च करना पड़ रहा है।

  • एनसीआर की ओर रुख: सेंट्रल दिल्ली में जगह न मिलने के कारण अब लोग एरोसिटी (Aerocity), गुरुग्राम, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के होटलों में बुकिंग तलाश रहे हैं, जिससे एनसीआर के होटलों की ऑक्यूपेंसी और दरों में भी 20% से 30% तक की तेजी दर्ज की जा रही है।

  • यात्रा तारीखों में बदलाव: कई पर्यटक परिवारों और निजी यात्रियों ने पीक रेट्स और सुरक्षा पाबंदियों से बचने के लिए अपनी दिल्ली यात्रा को सितंबर के आखिरी हफ्ते तक के लिए टाल दिया है।

होटल इंडस्ट्री में जबर्दस्त तेजी और आर्थिक मजबूती

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया संघर्ष और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत में आयोजित होने वाले ऐसे बड़े अंतरराष्ट्रीय और एमआईसीई (MICE – Meetings, Incentives, Conferences, Exhibitions) इवेंट्स घरेलू होटल उद्योग के लिए बड़े गेमचेंजर साबित हो रहे हैं।

रैडिसन होटल ग्रुप (साउथ एशिया) के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, सितंबर महीने में होटल पोर्टफोलियो का औसत रूम किराया (Average Room Rate – ARR) सालाना आधार पर 25% से ज्यादा की बढ़त दर्ज कर रहा है। सुरक्षा व्यवस्थाओं और वीवीआईपी प्रोटोकॉल के बीच दिल्ली की हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री आगामी ब्रिक्स सम्मेलन के लिए पूरी तरह तैयार है।

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