सोनाक्षी सिन्हा-शाहिद कपूर के एक्स ड्राइवर की मशहूर मोमो शॉप का लाइसेंस रद्द

महाराष्ट्र के प्रशासनिक गलियारों में अपने सख्त तेवरों और बेबाक फैसलों के लिए जाने जाने वाले आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में छाए हुए हैं। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों को लेकर चलाए जा रहे उनके कड़े अभियान की चपेट में इस बार मुंबई की एक बेहद लोकप्रिय मोमो शॉप आ गई है। खास बात यह है कि इस मोमो स्टॉल या दुकान के मालिक का सीधा कनेक्शन बॉलीवुड के बड़े सितारों से रहा है। जी हाँ, अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और अभिनेता शाहिद कपूर जैसे नामी कलाकारों के पूर्व ड्राइवर रहे सूरज लामा (Suraj Lama) की मशहूर मोमो शॉप का लाइसेंस महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। एक समय बॉलीवुड स्टार्स की गाड़ियां चलाने वाले और अपनी दुकान पर हाइजीन तथा बेहतरीन क्वालिटी के बड़े-बड़े दावे करने वाले सूरज लामा की दुकान पर हुई इस बड़ी कार्रवाई से फूड इंडस्ट्री और स्थानीय दुकानदारों के बीच हड़कंप मच गया है।

कौन हैं सूरज लामा और कैसे ड्राइवर से बने ‘मोमो किंग’

इस चर्चित मामले के केंद्र में मौजूद सूरज लामा की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। मूल रूप से दार्जिलिंग के मिरिक गांव के रहने वाले सूरज महज 14 साल की उम्र में रोजी-रोटी की तलाश में मुंबई आए थे। मुंबई की चकाचौंध भरी नगरी में संघर्ष करते हुए उन्होंने लंबे समय तक विभिन्न छोटे-मोटे काम किए और बाद में वे बॉलीवुड इंडस्ट्री में सेलिब्रिटी ड्राइवर बन गए। लगभग 25 साल तक इस पेशे में रहते हुए उन्होंने सोनाक्षी सिन्हा, शाहिद कपूर और करण जौहर के प्रोडक्शन हाउस (धर्मा प्रोडक्शंस) जैसे बड़े दिग्गजों के साथ काम किया। हालांकि, नौकरी के दौरान आने वाले खट्टे-मीठे अनुभवों और खुद का कुछ अलग करने की चाहत ने उन्हें साल 2017 में ड्राइविंग छोड़ने के लिए प्रेरित किया। अपनी मोटरबाइक बेचकर साइकिल खरीदने वाले सूरज ने अंधेरी वेस्ट की सड़कों पर घूम-घूमकर मोमो बेचने का काम शुरू किया था। उनकी इस अनोखी मेहनत और लजीज स्वाद के चलते उनका यह छोटा सा काम धीरे-धीरे एक बड़े ब्रांड ‘सूरज लामा मोमोज’ के रूप में स्थापित हो गया, जिसके चर्चे पूरे मुंबई शहर में होने लगे।

खाने की शुद्धता और क्वालिटी के बड़े-बड़े दावे, लेकिन नियमों में मिली भारी खामियां

सूरज लामा ने अपने एक पुराने इंटरव्यू में गर्व से यह दावा किया था कि वे अपने मोमोज में किसी भी तरह के आर्टिफिशियल कलर या हानिकारक प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल नहीं करते हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि उनका सेंट्रल किचन पूरी तरह से उनकी पत्नी द्वारा संभाला जाता है, जहां रोजाना हजारों की संख्या में मोमोज तैयार करके मुंबई के विभिन्न आउटलेट्स पर भेजे जाते हैं। ग्राहकों के बीच उनकी साफ-सुथरी छवि और घर जैसे स्वाद की बात प्रचारित थी। लेकिन त्योहारों के इस सीजन में जब तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में एफडीए (FDA) की टीमों ने मुंबई भर के भोजनालयों और स्ट्रीट फूड आउटलेट्स की औचक जांच शुरू की, तो इस लोकप्रिय मोमो शॉप के भीतर की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही थी। जांच के दौरान अधिकारियों को खाने की सामग्री को स्टोर करने के तरीकों, किचन की साफ-सफाई और फूड सेफ्टी के तय मानकों में गंभीर स्तर की अनियमितताएं और खामियां मिलीं।

तुकाराम मुंढे का कड़ा रुख और त्योहारी सीजन में फूड सेफ्टी अभियान

महाराष्ट्र एफडीए की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही तुकाराम मुंढे ने आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपना रखी है। त्योहारों के दिनों में जब बाहर खाने-पीने की चीजों की मांग अचानक बहुत बढ़ जाती है, ऐसे समय में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त न करते हुए एफडीए ने हाल ही में कई बड़े और लोकप्रिय फूड आउटलेट्स के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। सूरज लामा मोमोज के मामले में भी अथॉरिटी ने स्पष्ट किया कि भले ही ब्रांड कितना भी लोकप्रिय क्यों न हो या उसका मालिक किसी सेलिब्रिटी से जुड़ा रहा हो, लेकिन उपभोक्ताओं की सेहत से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। लाइसेंस रद्द होने के बाद से यह दुकान फिलहाल बंद कर दी गई है, और इस कार्रवाई ने एक बार फिर सभी फूड कारोबारियों को यह कड़ा संदेश दे दिया है कि गुणवत्ता के दावों कागजों तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि जमीन पर भी पूरी तरह खरे उतरने चाहिए।

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