गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध- धर्मपाल सिंह
उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री श्री धर्मपाल सिंह ने विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष मंे लम्पी रोग की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे, कहीं से भी किसी प्रकार की शिकायत न आये। नोडल अधिकारी निरंतर टीकाकरण की शत-प्रतिशत सुनिश्चितता, गोवंश के संरक्षण, उपचार एवं अन्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करें। किसानों एवं पशुपालकों को एलएसडी के संबंध में जागरूक किया जाए एवं कोई भी सूचना प्राप्त होने पर तत्काल निस्तारण किया जाए। पशुओं की जांच हेतु प्रदेश के सभी गावों का रोस्टर बनाकर पशु स्वास्थ्य शिविर भी लगाये जाये।
पशुधन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में पशुओं में फैली लम्पी स्किन डिजीज एलएसडी पर प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु त्वरित, प्रभावी एवं बहुस्तरीय उपाय किए गए हैं। व्यापक टीकाकरण एवं निरोधात्मक उपायों के तहत प्रदेश के समस्त जनपदों में अब तक कुल करीब 55 लाख गोवंशों का टीकाकरण किया जा चुका है। टीकाकरण कार्य को तीव्र गति देने हेतु 731 समर्पित टीमें क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, आपात स्थिति में निरोधात्मक सुरक्षा हेतु प्रदेश मुख्यालय स्तर पर 9 लाख से अधिक का रिज़र्व एलएसडी टीका वैक्सीन उपलब्ध रखा गया है। एलएसडी संबंधी किसी भी जानकारी या शिकायत हेतु नं0-1962 एवं टोल फ्री नं0-18001805141 उपलब्ध है।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में एलएसडी की अद्यतन स्थिति (20 सितम्बर तक के आंकड़ों के अनुसार) में कुल 28 जनपद प्रभावित रहे हैं, जिनमें कुल 9530 पशु प्रभावित हुए थे। इन सभी 9530 पशुओं का शत-प्रतिशत उपचार किया जा चुका है। उपचार के पश्चात 8599 पशु पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। वर्तमान में केवल 906 सक्रिय केस हैं जो सभी के स्वस्थ होने की सम्भावना है तथा मृत्यु दर मात्र 0.26 रही है, जिसमें कुल 25 मृत पशु शामिल हैं। शासन के ठोस प्रबंधन, सतत निगरानी और पशुओं के सघन टीकाकरण अभियान के परिणामस्वरूप प्रदेश में एलएसडी की स्थिति को एक माह के भीतर पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया गया है। विगत कुछ दिनों से प्रदेश में एलएसडी से प्रभावित होने वाले पशुओं का कोई भी नया प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है और न ही इस बीमारी से किसी पशु की नई मृत्यु दर्ज की गई है।
मंडल एवं जनपद स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती के अंतर्गत, प्रदेश के सभी मंडलों में टीकाकरण की शत-प्रतिशत सुनिश्चितता, गोवंश के संरक्षण, उपचार एवं अन्य व्यवस्थाओं की सघन समीक्षा हेतु शासन स्तर से मंडलवार 18 वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। इसके साथ ही, पशुपालन विभाग, उ०प्र० एवं शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को जनपदवार नोडल अधिकारी नामित कर जिम्मेदारी सौंपी गई है। नामित अधिकारी अपने आवंटित जनपदों का भ्रमण कर रहे हैं, रात्रि प्रवास कर धरातलीय स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं तथा स्थिति को पूर्णतः नियंत्रित करने हेतु निगरानी सुनिश्चित कर रहे हैं।
बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास के अपर मुख्य सचिव श्री मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि जिन जिलों में कोई संक्रमण प्रकाश में नहीं आया है, वहां भी एहतियातन टीकाकरण का कार्य निरंतर जारी है। प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालकों को निरंतर जागरूक करते हुए आश्वस्त किया जा रहा है कि प्रदेश में एलएसडी पूरी तरह नियंत्रण में है तथा विभाग पशु स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक में विशेष सचिव श्री राम सहाय यादव, प्रबंध निदेशक पीसीडीएफ श्री प्रकाश बिन्दु, दुग्ध आयुक्त श्रीमती धन लक्ष्मी के0, पशुपालन विभाग के निदेशक प्रशासन एवं विकास डा0 राजेन्द्र प्रसाद, निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डा0 संगीता तिवारी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



