केशव मौर्य का प्रसास सफल, वाराणसी स्वयं सहायता समूह की नीलम देवी की वार्षिक आय 3 लाख कमाती है

श्रीमती नीलम देवी प्रतिदिन लगभग छह से सात घंटे ई-रिक्शा चलाती हैं और औसतन 800 से 900 रुपये प्रतिदिन की आय अर्जित करती हैं। वर्तमान में उनकी मासिक आय लगभग 25 से 30 हजार रुपये तथा वार्षिक आय लगभग 3 से 3.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है। इस आय से वह परिवार के घरेलू खर्च में सहयोग करने के साथ ही अपने बच्चों की शिक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उनकी आर्थिक स्थिति में आया यह बदलाव उनके पूरे परिवार के लिए आत्मविश्वास और सम्मान का कारण बना है। ई-रिक्शा चलाने का निर्णय लेना नीलम देवी के लिए आसान नहीं था। जब उन्होंने इस काम को शुरू करने की इच्छा व्यक्त की तो समाज के कुछ लोगों ने सवाल उठाए। किसी ने उनकी क्षमता पर संदेह किया तो किसी ने यह कहकर हतोत्साहित किया कि ई-रिक्शा चलाना महिलाओं के लिए उचित काम नहीं है। इन बातों ने कभी-कभी उनके आत्मविश्वास को जरूर प्रभावित किया, लेकिन परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाने की उनकी इच्छा इससे कहीं अधिक मजबूत थी। केशव प्रसाद मौर्य को दिया धन्यवाद कहा कि इसी प्रकार सभी दीदी बने आत्मनिर्भरा
नीलम देवी ने खुद को एक अवसर देने का निर्णय लिया और आदर्श इंटर कॉलेज ग्राउंड में आयोजित ड्राइविंग प्रशिक्षण में भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने वाहन चलाने की बारीकियां सीखीं और धीरे-धीरे उनके भीतर का डर आत्मविश्वास में बदलता गया। प्रत्येक प्रशिक्षण के साथ उनका विश्वास मजबूत होता गया कि वह अपने पैरों पर खड़ी होकर अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य बना सकती हैं। इस यात्रा में उन्हें डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स का सहयोग भी मिला। संस्था की ओर से उन्हें ड्राइविंग प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी, व्यवसाय पंजीकरण, ऋण आवेदन, वाहन के रखरखाव, रूट मैपिंग, बैंकिंग प्रक्रियाओं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी एवं मार्गदर्शन मिला। इस निरंतर सहयोग ने उन्हें ई-रिक्शा व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया को समझने और हर कदम पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में मदद की।



