Heavy Rain Alert 4 Days: पहाड़ों से मैदान तक आफत! अगले 4 दिनों तक मूसलाधार बारिश का तांडव, IMD ने 12 से ज्यादा राज्यों में जारी किया अलर्ट

देशभर में सक्रिय मानसूनी ट्रफ और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र (Deep Low-Pressure Area) के चलते मौसम का मिजाज एक बार फिर उग्र हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा ऑल-इंडिया वेदर बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के 12 से अधिक राज्यों में अगले 4 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन और नदियां उफान पर हैं, वहीं मैदानी राज्यों के निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका जताई गई है।
पहाड़ी राज्यों में भारी आफत: उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन का अलर्ट
पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का सबसे आक्रामक रूप देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले 4 दिनों तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा।
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उत्तराखंड: देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में अत्यधिक भारी बारिश के चलते रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। कई प्रमुख मार्गों पर भूस्खलन (Landslides) और बोल्डर गिरने से यातायात बाधित होने की आशंका है।
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हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर: कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड का खतरा मंडरा रहा है। तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को नदियों के किनारे और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचने की कड़ी सलाह दी गई है।
यूपी, बिहार और झारखंड: गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और वज्रपात
गंगा के मैदानी इलाकों में कम दबाव के सिस्टम का सीधा असर देखने को मिल रहा है।
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उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश (वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, गाजीपुर) से लेकर पश्चिमी यूपी (मेरठ, बरेली, मुरादाबाद) तक अगले 3 से 4 दिनों में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश की संभावना है। गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है।
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बिहार और झारखंड: पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया, रांची और जमशेदपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों और ग्रामीणों को चेतावनी दी है कि खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे न जाएं, क्योंकि इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली (ठनका) गिरने का गंभीर जोखिम बना हुआ है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सक्रिय सिस्टम का असर
मध्य भारत में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण मानसून पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है।
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मध्य प्रदेश: भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर और रीवा संभाग में अगले 4 दिनों तक मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कई जिलों में नदियों के उफान पर होने से निचले रिहायशी इलाकों में पानी घुसने की आशंका है।
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राजस्थान और छत्तीसगढ़: पूर्वी राजस्थान के कोटा, जयपुर और भरतपुर में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। वहीं छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर और बस्तर संभाग में तेज हवाओं और आंधी-तूफान के साथ भारी बौछारें पड़ने का अनुमान है।
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा: उमस से राहत, रिमझिम बारिश के आसार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में अगले 2 से 4 दिनों के दौरान आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में रुक-रुक कर मध्यम से तेज बारिश के स्पेल देखने को मिलेंगे, जिससे तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी और उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, तेज बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है।
पूर्वोत्तर और तटीय राज्यों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी
पूर्वोत्तर के राज्यों—असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 4 दिनों तक लगातार मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत जारी की है। राष्ट्रीय व राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRF/SDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।



