मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से जरूरतमंदों को मिला सुरक्षित आशियाना
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, वंचित एवं आवासहीन परिवारों के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला रही है। यह योजना जरूरतमंद परिवारों को केवल पक्का घर ही नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन का आधार भी उपलब्ध करा रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित योजना है। योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है, जो अब तक पक्के घर से वंचित रहे हैं अथवा जर्जर एवं कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। योजना के तहत प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जे०ई०/ए०ई०एस० तथा कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों के साथ-साथ वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार एवं बैगा जैसी जनजातियों के परिवारों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की स्थायी पात्रता सूची से किसी कारणवश वंचित रह गए छतविहीन गरीब परिवारों को भी योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना के दायरे को और विस्तारित करते हुए दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाओं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को प्राथमिकता श्रेणी में शामिल किया गया है।
योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र लाभार्थी को आवास निर्माण हेतु 1 लाख 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। निर्धारित आवास का क्षेत्रफल 25 वर्गमीटर रखा गया है। इसके अतिरिक्त स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की सहायता अलग से प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के माध्यम से 90 मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वर्ष 2018-19 से अब तक 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष लगभग 4.47 लाख आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं, जबकि शेष आवासों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग श्री गौरी शंकर प्रियदर्शी ने बताया कि योजना के माध्यम से अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में अनुसूचित जनजाति के पात्र परिवार भी योजना से लाभान्वित हुए हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की प्राथमिकता सूची में शामिल कर लिया गया है तथा पात्र परिवारों को आवास आवंटित किए जाने की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण आज प्रदेश के लाखों जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा का आधार बन चुकी है। यह योजना गरीब एवं वंचित वर्गों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन में स्थायित्व, आत्मसम्मान और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।




