गुजरात दिवस पर लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरण, स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश
उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल एवं लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देशों के अनुपालन में गुजरात दिवस के अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा टीबी मरीजों के लिए पोषण सहायता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज कार्य विभाग स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के तत्वावधान में स्थानीय भाऊराव देवरस सिविल अस्पताल में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई।
कार्यक्रम के अंतर्गत वितरित पोषण पोटली में सत्तू, हॉर्लिक्स, भुने चने, चिक्की एवं मूंगफली के दानों का समावेश किया गया, जो टीबी मरीजों के लिए आवश्यक पोषण प्रदान करने में सहायक हैं। इस पहल का उद्देश्य टीबी जैसे गंभीर रोग से जूझ रहे मरीजों को पोषण सहयोग प्रदान करते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहायता करना है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों ने मरीजों को नियमित रूप से दवाओं का सेवन करने, संतुलित आहार लेने तथा स्वच्छ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के सामूहिक सहयोग एवं जागरूकता की भी आवश्यकता है।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर. के. दीक्षित ने बताया कि उचित पोषण टीबी उपचार की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष शुक्ला ने भी मरीजों को उपचार के प्रति सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में टीबी इकाई से अखिलेश श्रीवास्तव, लखनऊ विश्वविद्यालय से डॉ. रोहित मिश्र एवं डॉ. निरंजन कुमार तिवारी सहित समाज कार्य विभाग के छात्र-छात्राएं अज़रा, सुहानी और विवेक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, सहानुभूति एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया।




