किंग खान की दुनिया के सबसे नन्हे सितारे का स्टेज पर जादू, कैमरा हाथ में थामे शाहरुख़ बोले प्राउड डैड
हम सब शाहरुख़ खान को बॉलीवुड के ‘किंग’ और स्क्रीन के जादूगर के तौर पर जानते हैं। उनके एक इशारे पर करोड़ों लोग फिदा हो जाते हैं। लेकिन पता है क्या? पर्दे के पीछे शाहरुख़ खान बिल्कुल वैसे ही एक पिता हैं जैसे कि हमारे और आपके डैडी। यकीन नहीं होता? तो ज़रा उनके सबसे छोटे बेटे अबराम के ‘एनुअल डे’ का ये नया वीडियो देख लीजिए।हाल ही में अबराम के स्कूल में सालाना समारोह (Annual Day) था। जैसे हर माँ-बाप अपने बच्चे की परफॉरमेंस देखने के लिए उत्साहित होते हैं, शाहरुख़ खान भी सारा ताम-झाम छोड़कर वहां अपनी पहली रो (Row) में जा पहुंचे।
लेकिन इस बार मज़ा ये नहीं था कि शाहरुख़ वहां आए थे, बल्कि मज़ा इस बात में था कि वह कर क्या रहे थे।जब बादशाह बन गया एक कैमरा-मैनजैसे ही स्टेज पर अबराम की एंट्री हुई, किंग खान की आँखों में वो एक अलग सी चमक थी जो सिर्फ़ एक पिता में ही दिखती है। वह सुपरस्टार की इमेज छोड़कर किसी आम पैरेंट की तरह अपना मोबाइल फोन निकाल कर अबराम का डांस वीडियो रिकॉर्ड करने लगे। पूरे वक्त उनके चेहरे पर एक ऐसी मुस्कान थी जैसे दुनिया की सबसे बड़ी ऑस्कर ट्रॉफी अबराम ही जीत रहे हों। सच कहें तो, वह मंजर बहुत ही दिल छू लेने वाला था।सुहाना का ‘सिस्टर स्वैग’वहां सिर्फ़ डैडी ही नहीं थे, बल्कि अबराम की प्यारी बड़ी बहन सुहाना खान भी उनके साथ बैठी थीं।
जब अबराम डांस कर रहे थे, तो सुहाना उन्हें लगातार चियर्स कर रही थीं और ताली बजा रही थीं। भाई-बहन और पिता की ये केमिस्ट्री देखकर वहां मौजूद लोग भी खुद को मुस्कुराने से नहीं रोक पाए। सुहाना का भाई के लिए ये सपोर्ट वाकई प्रेरणादायक था।सादगी जो सबको भा गईअक्सर बड़े सेलेब्रिटीज ऐसी जगहों पर जाते हैं तो वहां बहुत सिक्योरिटी और एक दूरी होती है। लेकिन शाहरुख़ वहां बिल्कुल सहज नज़र आए। उनकी सादगी ने इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत लिया है।
लोग सोशल मीडिया पर कमेंट कर रहे हैं कि, “पैसा और शोहरत अपनी जगह है, लेकिन बच्चों की खुशियों के लिए समय निकालना ही असली किंग होने की निशानी है।”अतीत की यादें हुई ताज़ाये पहली बार नहीं है, इससे पहले भी शाहरुख़ अपने बड़े बच्चों सुहाना और आर्यन के हर छोटे-बड़े अचीवमेंट पर इसी तरह खुश होते दिखे हैं। वह कई बार इंटरव्यूज़ में कह चुके हैं कि उनका सबसे कीमती वक्त वही है जो वह अपने परिवार के साथ गुज़ारते हैं।हकीकत ये है कि अबराम भले ही अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन महफ़िल शाहरुख़ के उस ‘प्राउड फादर’ वाले अंदाज़ ने लूट ली। अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर हर जगह छाया हुआ है और हमें ये सिखाता है कि आप चाहे कितने भी ऊँचे मुकाम पर क्यों न पहुँच जाएं, अपने परिवार के लिए खड़ा होना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है।




