8वें वेतन आयोग की जयपुर में अहम बैठक शुरू, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन पर क्या होगा फैसला? जानिए हर अपडेट

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन-भत्तों व पेंशन सुधार के लिए गठित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) की गतिविधियां अब तेज हो गई हैं। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित आयोग की टीम राजस्थान की राजधानी जयपुर में 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को दो दिवसीय अहम परामर्श बैठक कर रही है। इस बैठक में राजस्थान क्षेत्र के विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संगठन, ट्रेड यूनियनें और पेंशनर एसोसिएशन सीधे आयोग के समक्ष अपने ज्ञापन और मांगें प्रस्तुत कर रहे हैं।
लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बैठक से उनकी सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी का रास्ता साफ होगा।
जयपुर बैठक में सैलरी और पेंशन से जुड़े प्रमुख मुद्दे
जयपुर में आयोजित इस बैठक में विभिन्न कर्मचारी यूनियनों द्वारा कई प्रमुख प्रस्ताव और मांगें रखी जा रही हैं:
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फिटमेंट फैक्टर में बड़ा उछाल: कर्मचारी संगठनों की मुख्य मांग फिटमेंट फैक्टर को 3.5 गुना से लेकर 4.0 गुना तक तय करने की है। 7वें वेतन आयोग में इसे 2.57 रखा गया था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 हुई थी। यदि 3.5 गुना फिटमेंट फैक्टर मंजूर होता है, तो न्यूनतम मूल वेतन ₹63,000 के आसपास पहुंच सकता है।
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पेंशनरों की न्यूनतम बेसिक पेंशन में बढ़ोतरी: वर्तमान में न्यूनतम पेंशन ₹9,000 प्रति माह है। पेंशनर संघों द्वारा इसे बढ़ाकर ₹22,000 से ₹25,000 के दायरे में लाने और कम्यूटेशन की बहाली अवधि को 15 साल से घटाकर 11-12 साल करने की मांग उठाई जा रही है।
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भत्ते और वार्षिक इंक्रीमेंट: महंगाई भत्ते (DA/DR), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के स्लैब में बदलाव और वार्षिक वेतन वृद्धि को मौजूदा 3% से बढ़ाने के प्रस्ताव भी सौंपे जा रहे हैं।
क्या जयपुर बैठक में होगा कोई अंतिम फैसला?
कर्मचारियों को यह समझना जरूरी है कि जयपुर में हो रही बैठक आयोग की परामर्श व संवाद प्रक्रिया (Consultation Phase) का हिस्सा है। आयोग इससे पहले दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, लद्दाख और ओडिशा जैसे राज्यों का दौरा कर चुका है और आगे चंडीगढ़ तथा बेंगलुरु जैसे शहरों में भी बैठकें निर्धारित हैं।
3 नवंबर 2025 को अधिसूचित इस आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। सभी राज्यों और विभागों के हितधारकों से संवाद पूरा होने के बाद आयोग अपनी संकलित रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगा। वेतन, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन पर अंतिम मुहर केंद्रीय कैबिनेट द्वारा ही लगाई जाएगी।



