हिंदी सिनेमा के इतिहास में पहली बार बड़े पर्दे पर जीवंत होगा बिहार और पूर्वांचल का महालोकपर्व ‘छठ पूजा’

भारतीय सिनेमा और देश के पारंपरिक त्योहारों का रिश्ता हमेशा से बेहद गहरा और भावनात्मक रहा है। अगर हम बॉलीवुड के दशकों पुराने इतिहास पर नजर डालें, तो फिल्मों में होली की मस्ती, दिवाली की जगमगाहट, ईद की सेवइयां और लोहड़ी की रौनक को हमेशा से ही बहुत ही भव्य और विशाल पैमाने पर परदे पर उकेरा जाता रहा है। लेकिन इन सबके बावजूद, हिंदी फिल्म जगत के इतिहास में आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ था कि बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के सबसे बड़े, पवित्र और लोकआस्था के महापर्व 'छठ पूजा' की अलौकिक भव्यता, उसकी कठिन मान्यताओं और पारंपरिक अनुष्ठानों को इतने बड़े स्तर पर बड़े पर्दे पर दिखाया गया हो। अब जाकर यह सूखा खत्म होने जा रहा है और सिनेमाप्रेमियों को एक बिलकुल नया और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अनुभव मिलने वाला है। बहुप्रतीक्षित सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म 'द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' के मेकर्स ने अपनी इस फिल्म में छठी मैया की पूजा-अर्चना और इसके सख्त नियमों को बेहद खूबसूरती के साथ फिल्माया है। फिल्म के टीजर और गानों में जब से छठ पूजा के दृश्यों की झलक सामने आई है, तब से न सिर्फ बिहार और पूर्वांचल के दर्शकों में, बल्कि पूरे देश के सिनेप्रेमियों में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह और उत्सुकता देखी जा रही है। यह पहली बार होगा जब वैश्विक मंच पर भारतीय लोक संस्कृति के इस सबसे पावन पर्व का ऐसा विहंगम दृश्य देखने को मिलेगा।
सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म 'द वन' और पटना के ऐतिहासिक 'वन देवी मंदिर' से क्या है गहरा कनेक्शन
फिल्मों में किसी भी त्योहार या विशेष अनुष्ठान को यूँ ही नहीं जोड़ा जाता है, और यही बात सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) और ग्लैमरस अभिनेत्री तमन्ना भाटिया (Tamannaah Bhatia) की आगामी बहुचर्चित सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म 'द वन' पर भी पूरी तरह लागू होती है। इस फिल्म में छठ पूजा के दृश्यों को शामिल करने के पीछे कोई दिखावा नहीं, बल्कि फिल्म की पटकथा और उसकी मूल कहानी का एक बहुत ही गहरा और अटूट ताना-बाना जुड़ा हुआ है। आपको बता दें कि इस रोमांचक और रहस्य से भरी फिल्म की पूरी की पूरी कहानी बिहार की राजधानी पटना के पास स्थित एक बेहद प्राचीन और ऐतिहासिक 'वन देवी मंदिर' तथा उसके आसपास के रहस्यमयी जंगलों के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म के निर्माताओं ने इसके टीजर में ही उन घने जंगलों के भीतर छिपे कई डरावने और अनसुलझे रहस्यों की एक छोटी सी रोमांचक झलक दुनिया के सामने पेश कर दी थी। यह पूरी मूवी बिहार की माटी से जुड़ी लोककथाओं, पीढ़ियों से चली आ रही पौराणिक मान्यताओं, और वहां की विशिष्ट संस्कृति में पूरी तरह से रची-बसी हुई है। यही एक मुख्य वजह है कि निर्देशक ने इस फिक्शनल थ्रिलर में भी बिहार की सांस्कृतिक पहचान और मान्यताओं को बहुत ही प्रामाणिक तरीके से पिरोया है, जिससे दर्शकों को हॉरर और थ्रिल के साथ-साथ अपनी संस्कृति से जुड़ाव का भी एक अनूठा अहसास हो सके।
टीजर में तमन्ना भाटिया के लाल साड़ी और सिंदूर वाले लुक ने खींचा सबका ध्यान, नदी घाट पर दिखा छठी मैया का अद्भुत नजारा
जब से फिल्म 'द वन' का टीजर रिलीज हुआ है, तब से सोशल मीडिया पर इसके कई सींस चर्चा का विषय बने हुए हैं, जिनमें विशेष तौर पर अभिनेत्री तमन्ना भाटिया के लुक ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। टीजर के कुछ पलों में साउथ और बॉलीवुड की जानी-मानो अभिनेत्री तमन्ना भाटिया पारंपरिक लाल रंग की साड़ी पहने हुए, मांग में लंबा संतरी सिंदूर सजाए और हाथ में सूप लिए हुए एक नदी के पावन घाट पर खड़ी नजर आ रही हैं। वह पूरी निष्ठा और श्रद्धा के साथ छठी मैया और भगवान सूर्य नारायण को अर्घ्य देती हुई दिखाई दे रही हैं, जो दृश्य वाकई में आंखों को शीतलता और मन को शांति देने वाला है। हालांकि, इस धार्मिक और शांतनुमा माहौल के तुरंत बाद टीजर में एक बेहद खौफनाक और रहस्यमयी घटना को भी अंजाम देते हुए दिखाया गया है, जो इस बात का संकेत देता है कि यह फिल्म सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई गहरा और खौफनाक सुपरनैचुरल रहस्य छिपा हुआ है। दर्शकों के लिए यह देखना बेहद दिलचस्प होने वाला है कि कैसे एक तरफ लोकआस्था और पवित्रता का महापर्व चल रहा है, और दूसरी तरफ फिल्म की कहानी में कोई अदृश्य शक्ति तांडव मचा रही है। तमन्ना भाटिया का यह देसी और पारंपरिक अंदाज उनके फैंस को बेहद पसंद आ रहा है और वे इस फिल्म के सिनेमाघरों में आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा और अरुणाभ कुमार की जोड़ी ने अपनी जड़ों को दिया सम्मान, 25 सितंबर को सिनेमाघरों में देगी दस्तक
इस फिल्म में बिहार की लोककथाओं और छठ जैसे महान पर्व को इतने बड़े पैमाने पर दर्शाने के पीछे एक और बहुत बड़ा और व्यक्तिगत कारण भी जुड़ा हुआ है। इस बहुचर्चित फिल्म के निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा और अरुणाभ कुमार हैं, और ये दोनों ही अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं यानी मूल रूप से बिहार के ही रहने वाले हैं। ऐसे में वे अपनी माटी की खुशबू, वहां के रीति-रिवाजों और लोकसंस्कृति से भली-भांति परिचित हैं। वे चाहते थे कि जब दर्शक देश-विदेश के सिनेमाघरों में उनकी इस फिल्म को देखने के लिए आएं, तो उन्हें केवल एक डरावनी थ्रिलर कहानी ही न मिले, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति और मिट्टी के सबसे खूबसूरत, पवित्र और जीवंत पलों का भी भरपूर आनंद उठाने का मौका मिले। अपनी कला के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को ग्लोबल मंच पर सम्मान देने का यह प्रयास वाकई सराहनीय है। आपको बता दें कि तमाम रोमांच, रहस्य और लोकआस्था के अनूठे संगम से सजी यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 'द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' इसी महीने की 25 तारीख यानी 25 सितंबर 2026 को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। अब यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि बड़े पर्दे पर यह सुपरनैचुरल और सांस्कृतिक प्रयोग दर्शकों की कसौटी पर कितना खरा उतरता है और बॉक्स ऑफिस पर कैसा कमाल दिखाता है।



