सनातन संस्कृति को तबाह करने की साजिश: गोरखनाथ मंदिर में बोले सीएम योगी- अपने ही समाज के ‘कालनेमि’ रूपी षड्यंत्रकारियों से रहें सावधान


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित ऐतिहासिक गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान एक बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में आयोजित श्रीराम कथा के विश्राम सत्र और गुरु पूर्णिमा महोत्सव को संबोधित करते हुए देश की जनता का आह्वान किया कि वे सनातन संस्कृति और भारत की प्रगति यात्रा में बाधा डालने वाली ताकतों के खिलाफ पूरी तरह सतर्क और सावधान रहें। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में चेताया कि आज के दौर में कुछ लोग समाज के भीतर ही 'कालनेमि' का रूप धारण करके बैठे हैं और देश विरोधी ताकतों के प्रवक्ता बने हुए हैं, जिनसे हर नागरिक को सतर्क रहने की जरूरत है।
भारत की तेज तरक्की से परेशान हैं विरोधी ताकतें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में आगे कहा कि बीते 12 वर्षों के दौरान भारत ने जिस तीव्र गति से प्रगति की है, उसके परिणामस्वरूप आने वाले दो-तीन वर्षों में हमारा देश दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और शीर्ष देशों में शुमार हो जाएगा। भारत की इस अद्भुत और तेज विकास यात्रा से उन ताकतों को परेशानी होना स्वाभाविक है जिन्होंने इस दौड़ में पीछे छूटने का दर्द झेला है। यही वजह है कि ऐसी बाहरी और आंतरिक ताकतें अब देश के भीतर अस्थिरता, अशांति और अव्यवस्था फैलाने के लिए नए-नए षड्यंत्र रच रही हैं। सीएम योगी ने याद दिलाया कि करीब 12 साल पहले देश के लगभग 120 जिलों में नक्सलवाद का भयंकर आतंक था, जो आज पूरी तरह समाप्त हो चुका है, लेकिन नक्सलवाद को बढ़ावा देने वाले लोग अब चैन से बैठने के बजाय छद्म नामों और नए रूपों में समाज को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
रामायण के 'कालनेमि' का उदाहरण देकर समाज को किया आगाह
रामायण कालखंड का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने हनुमानजी की राह रोकने वाले कपटी चरित्र 'कालनेमि' का उदाहरण दिया और कहा कि वर्तमान समय में भी हमें आधुनिक कालनेमियों से बहुत सावधान रहना होगा जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भारत के खिलाफ रचे जा रहे षड्यंत्रों में हिस्सेदार हैं। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की पावन धारा हमेशा से हर मत, संप्रदाय और विचार को संरक्षण देती आई है, लेकिन इसी खुलेपन का फायदा उठाकर कुछ विषधर इसे डंसने का कुत्सित प्रयास करते हैं। समाज को एकजुट होकर यह हुंकार भरनी होगी कि हम देश और संस्कृति के खिलाफ किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि देश के कुछ लोग पश्चिमी संस्कृति की हवा में इस कदर बह चुके हैं कि वे सनातन पर्वों में व्यवधान पैदा करते हैं और जेएनयू जैसे संस्थानों में महिमामंडित करने का प्रयास करते हैं, जबकि मातृशक्ति और मातृभूमि का अपमान करने वालों का अंजाम रावण और बालि जैसा ही होता है।



