वाराणसी के ड्रग माफिया शुभम जायसवाल पर शिकंजा, कोर्ट ने घोषित किया भगोड़ा
वाराणसी पुलिस और एसटीएफ ने 2000 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय कफ सिरप तस्करी घोटाले के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अदालत के आदेश के बावजूद 30 दिनों के भीतर पेश न होने पर मंगलवार देर रात शुभम के खिलाफ ‘कोर्ट की अवमानना’ का मुकदमा दर्ज किया गया। इसके साथ ही पुलिस ने उसे आधिकारिक तौर पर ‘भगोड़ा’ (Fugitive) घोषित कर दिया है। अब पुलिस उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर उसे दुबई से प्रत्यर्पित (Extradition) कर भारत लाने की तैयारी में है।क्या है 2000 करोड़ का कफ सिरप घोटाला?यह पूरा मामला नवंबर 2025 में तब शुरू हुआ जब वाराणसी के भदवर स्थित एक गोदाम से लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य की कोडीन युक्त कफ सिरप की 500 पेटियां बरामद हुई थीं। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि शुभम जायसवाल और उसका गिरोह पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में नशीली दवाओं की तस्करी का एक विशाल सिंडिकेट चला रहा था। पुलिस ने अब तक इस सिंडिकेट से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित टाटा जैसे नाम शामिल हैं।हवाला नेटवर्क के जरिए काले धन को सफेद करने का खेलपुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि शुभम जायसवाल केवल दवाओं की तस्करी नहीं कर रहा था, बल्कि इसके जरिए कमाए गए करोड़ों रुपये को ठिकाने लगाने के लिए एक बड़ा हवाला नेटवर्क भी सक्रिय था। हाल ही में गिरफ्तार हुए बर्तन कारोबारी वैभव जायसवाल के पास से 22 लाख रुपये की हवाला राशि बरामद हुई है। जांच में पता चला है कि यह नेटवर्क 15-20 फीसदी कमीशन पर तस्करी के पैसे को अलग-अलग व्यवसायों में लगाकर सफेद करता था।दुबई भाग चुका है सरगना, अब रेड कॉर्नर नोटिस की बारीशुभम जायसवाल गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने परिवार के साथ पहले ही दुबई भाग चुका है। एसटीएफ की सिफारिश पर उसका पासपोर्ट पहले ही निरस्त किया जा चुका है, जिससे उसका विदेश में रहना अब अवैध है। अब भगोड़ा घोषित होने के बाद, पुलिस उसके खिलाफ इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस (Red Corner Notice) जारी करेगी। इससे दुबई पुलिस उसे गिरफ्तार कर भारत को सौंप सकेगी।संपत्ति कुर्की और आगे की कार्रवाईशुभम के पिता भोला प्रसाद फिलहाल सोनभद्र जेल में बंद हैं और उनकी करीब 45 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति पुलिस पहले ही कुर्क कर चुकी है। वाराणसी में शुभम के मकानों पर भी मुनादी कराकर नोटिस चस्पा किए गए हैं। रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह के मुताबिक, अब चार्जशीट दाखिल कर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा ताकि इस ड्रग सिंडिकेट की आखिरी कड़ी को भी कानून के कटघरे में लाया जा सके।




